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गृहमंत्री अमित शाह ने गोरखा प्रतिनिधिमंडल से की बातचीत, बोले- सभी मुद्दों को हल करने के लिए लगातार प्रयास कर रही सरकार

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गृहमंत्री अमित शाह ने गोरखा प्रतिनिधिमंडल से की बातचीत, बोले- सभी मुद्दों को हल करने के लिए लगातार प्रयास कर रही सरकार
गृहमंत्री अमित शाह (फाइल फोटो)

केंद्र सरकार ने दार्जिलिंग हिल्स, तराई और डुआर्स क्षेत्र के गोरखा प्रतिनिधियों और पश्चिम बंगाल सरकार के साथ त्रिपक्षीय वार्ता की ताकि गोरखाओं से जुड़ी समस्याओं का समाधान निकाला जा सके. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बैठक की अध्यक्षता की. इस दौरान उन्होंने सभी हितधारकों को आश्वासन दिया कि सरकार ईमानदारी से सभी मुद्दों को हल करने की कोशिश कर रही है, जिसमें 11 जनजाति समुदायों को अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा और एक अलग गोरखालैंड शामिल है.

दार्जिलिंग से बीजेपी (BJP) के सांसद राजू बिस्ता के नेतृत्व में गोरखा प्रतिनिधिमंडल ने गोरखाओं और क्षेत्र से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर प्रकाश डाला. गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, शाह ने कहा कि केंद्र गोरखाओं और उनके क्षेत्र से संबंधित मुद्दों को हल करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है. केंद्रीय गृह मंत्री ने सभी संबंधित पक्षों की बात सुनी और नवंबर 2021 में पश्चिम बंगाल सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में दूसरे दौर की बातचीत का आह्वान करने का फैसला किया है.

पश्चिम बंगाल सरकार रिपोर्ट भेजने के निर्देश

बातचीत के दौरान पश्चिम बंगाल सरकार को विशेष रूप से अपनी रिपोर्ट भेजने के लिए कहा गया है. अगले दौर की बातचीत के लिए वरिष्ठ अधिकारी दार्जिलिंग की पहाड़ियों, तराई और डुआर्स क्षेत्र का सर्वांगीण विकास और समृद्धि मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. बैठक के दौरान विशेष रूप से चर्चा किए गए मुद्दों में दार्जिलिंग पहाड़ियों, तराई और डूआर क्षेत्र के 11 पहाड़ी जनजाति-समुदायों को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देना शामिल रहे. दरअसल, क्षेत्र में स्वदेशी आदिवासी आबादी की लंबे समय से मांग है.

‘जल्द निकाला जाएगा राजनीतिक समाधान’

बीजेपी (BJP) ने 2009 के बाद से जीजेएम (गोरखा जनमुक्ति मोर्चा) के साथ गठबंधन करके दार्जिलिंग लोकसभा सीट तीन बार जीती है. 2019 में, बीजेपी ने दार्जिलिंग पहाड़ियों में जीजेएम (गुरुंग गुट), गोरखा नेशनल लिबरेशन फ्रंट (जीएनएलएफ) और अन्य छोटे राजनीतिक दलों के साथ गठबंधन किया था. बीजेपी ने दार्जिलिंग की पहाड़ियों और उससे सटे सिलीगुड़ी, तराई और उत्तर बंगाल के डुआर्स क्षेत्र में रहने वाले नेपाली भाषी गोरखाओं द्वारा उठाई गई गोरखालैंड की मांग का स्थायी राजनीतिक समाधान खोजने का वादा किया है.

यह एक सफल वार्ता थी – बिस्ता

इससे पहले, 2014 और 2019 में अपने चुनावी घोषणापत्र में, बीजेपी ने वादा किया था कि वह गोरखालैंड की मांग का स्थायी समाधान निकालेगी. घटनाक्रम से परिचित अधिकारियों ने कहा कि मंगलवार की बैठक महत्वपूर्ण है क्योंकि सरकार इस मुद्दे का स्थायी समाधान खोजने की कोशिश कर रही है. बैठक के बाद बिस्ता ने कहा कि यह भारतीय गोरखाओं के लिए एक ऐतिहासिक दिन था. पहली बार, केंद्रीय गृह मंत्री के साथ बिना किसी विरोध या ‘बंद’ के एक घंटे से अधिक समय तक बातचीत हुई. उन्होंने कहा कि यह यह एक सफल वार्ता थी. बैठक उनकी अपेक्षा से बेहतर रही.