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टीकरी बॉर्डर पर जारी किसान आंदोलन में शामिल होने आई युवती के साथ दुष्‍कर्म मामले में 4 किसान नेताओं सहित 6 पर FIR

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टीकरी बॉर्डर पर जारी किसान आंदोलन में शामिल होने आई पश्चिम बंगाल की 25 वर्षीय युवती की 30 अप्रैल को टीकरी बॉर्डर के ही एक निजी अस्पताल में मृत्यु हो गई थी। युवती कोरोना वायरस से संक्रमित थी। इस मामले ने अब नया मोड़ लिया है। खबर आ रही है कि युवती के साथ रेप सहित अन्य धाराओं में 6 लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इन 6 लोगों में 2 किसान नेता, 2 आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता और किसान आंदोलन से जुड़ी 2 महिला वॉलंटियर शामिल हैं।

पश्चिम बंगाल से आंदोलन में शामिल होने आई इस युवती की मृत्यु कोरोना वायरस के संक्रमण से हुई थी लेकिन अब युवती के पिता के बयान के आधार पर बहादुरगढ़ शहर थाना क्षेत्र में रेप का मामला दर्ज हुआ है। आरोपित किसान सोशल आर्मी से जुड़े थे। आरोपितों में अनिल मलिक, अनूप सिंह, अंकुश सांगवान, जगदीश बराड़, कविता आर्य और योगिता सुहाग शामिल हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आरोपित अनूप सिंह हिसार क्षेत्र का है और आम आदमी पार्टी (AAP) का सक्रिय कार्यकर्ता भी है जिसकी पुष्टि आप सांसद सुशील गुप्ता ने की। अनिल मलिक भी दिल्ली में AAP का कार्यकर्ता बताया जा रहा है।

आरोपितों पर रेप के अलावा अपहरण, ब्लैकमेलिंग और धमकी देने की धाराएँ भी लगाई गई हैं। युवती की मौत के बाद से ही अनूप सिंह गायब है। हालाँकि, युवती के माता-पिता टीकरी और सिंघू बॉर्डर पर आए थे। उन्होंने शनिवार रात ही बहादुरगढ़ शहर थाना क्षेत्र में मामला दर्ज करवाया।

अनूप सिंह ने अपना पक्का तंबू बना रखा था। युवती की मौत के समय से यहां से अनूप सिंह गायब था। कुछ दिन बाद रात में उसका तंबू भी यहां से हटा दिया गया था। इसके बाद ही संयुक्त किसान मोर्चा ने अनूप सिंह से अपना पल्ला झाड़ लिया था। युवती के माता-पिता टीकरी और सिंघु बॉर्डर पर आए थे। कई दिनों से यह मामला गर्म होता जा रहा था। शनिवार को संयुक्त किसान मोर्चा के प्रमुख सदस्यों ने टीकरी बॉर्डर पर इसी सिलसिले में गुप्त बैठक की थी और इस मामले में मोर्चा की तरफ से ही एक जांच कमेटी बनाने की बात कही थी।

थाना प्रभारी विजय कुमार के अनुसार महिला थाना प्रभारी को इस मामले की जाँच सौंप दी गई है। हालाँकि, युवती कोरोना वायरस से संक्रमित थी, मगर किसानों का कहना था कि उन्‍हें बदनाम करने के लिए दुष्‍कर्म होने जैसी बातें की जा रही हैं।

इस घटना के बाद से लगातार किसान आंदोलन पर सवाल उठ रहे हैं। हालाँकि, किसान आंदोलन के नेता यही दावा करते रहे कि युवती की मौत फेफड़ों में संक्रमण के कारण हुई है लेकिन संदीप सिंह नाम के एक पत्रकार ने ट्विटर पर यह पुष्टि की थी कि युवती की मौत कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण हुई है। अब इस मामले में युवती के साथ दुष्कर्म होने की बात भी सामने आ रही है। फिलहाल अभी तक किसी आरोपित के गिरफ्तार होने की बात सामने नहीं आई है।

 

बता दें कि 10 दिन पहले युवती की कोरोना से मौत होने के बावजूद किसानों ने शव यात्रा निकाली थी। जबकि कोरोना संक्रमित मृतक व्‍यक्ति के शव का एक निश्चित गाइडलाइन के तहत अंतिम संस्‍कार किया जाता है। किसानों ने भीड़ में जब कोरोना संक्रमित मृत युवती की शव यात्रा निकाली तो इस दौरान संक्रमण फैलने का भय बना रहा। किसान आंदोलन के बीच यह पहली मौत थी। किसान अभी भी कोरोना को लेकर लापरवाह बने रहे।

इसी बीच युवती के साथ कुछ गलत होने की बातें भी सामने आई थी, मगर इस बात को अनदेखा कर दिया गया और कहा गया कि युवती की मौत तो कोरोना से हुई है। हालांकि युवती कोरोना संक्रमित थी, मगर किसानों का कहना था कि उन्‍हें बदनाम करने के लिए दुष्‍कर्म होने जैसी बातें की जा रही हैं। युवती का अंतिम संस्‍कार तो कर दिया गया, मगर दुष्‍कर्म होने का मामला गरमाया रहा।

अब बड़ा सवाल ये भी है कि दुष्‍कर्म का मामला तो दर्ज हो गया है मगर युवती के शव का अंतिम संस्‍कार किए जाने से जांच किस तरह से आगे बढ़ेगी। क्‍योंकि कोरोना से मृत हुए लोगों के शवों को मेडिकल भी नहीं किया जाता है। मगर दुष्‍कर्म केस दर्ज होने के बाद इस बात की चर्चा हर तरफ हो रही है।

एक ओर जहाँ देश में लगातार बढ़ रहे कोरोना वायरस के संक्रमण के बावजूद भी किसान आंदोलन में भीड़ बढ़ रही है, वहीं अब किसान आंदोलन के कार्यकर्ताओं द्वारा यौन शोषण की खबरें भी आ रही हैं। ऐसे में लगातार किसान आंदोलन पर प्रश्न उठ रहे हैं।