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श्री सम्मेद शिखरजी तीर्थ को बचाएंगे …’’, समग्र जैन समाज झाबुआ ने झारखंड में श्री सम्मेद शिखरजी तीर्थ को पर्यटन स्थल की घोषणा का विरोध जताया

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कलेक्टोरेट पहुंचकर देश के प्रधानमंत्री, भारत सरकार के पर्यटन मंत्री एवं झारखंड के मुख्यमंत्री के नाम अपर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
समग्र भारत में उम्र विरोध के चलते झारखंड सरकार ने पर्यटन स्थल घोषित करने का फैसला लिया वापस

झाबुआ। राकेश पोद्दार। भारत के प्रसिद्ध जैन तीर्थ श्री सम्मेद षिखरजी तीर्थ, जो देष के समग्र जैन समाज की आस्था एवं श्रद्धा का अटूट केंद्र है, जहां असंख्य जैन मुनियों एवं साधु-साध्वी भगवंतों ने जत-तप, आराधना करते हुए हुए मोक्ष सिधारे है। देष सहित विदेशों से भी प्रतिवर्ष लाखों लोग इस तीर्थ पर दर्षन के लिए पहुंचते है। उक्त तीर्थ को झारखंड की गठबंधन सरकार द्वारा पर्यटन स्थल के रूप में घोषणा से संपूर्ण भारत का जैन समाज अत्यंत ही नाराज एवं आक्रोशित है। चहू ओर से बस एक ही मांग उठ रहीं है कि जैन तपोभूमि श्री सिम्मेद शिखरजी तीर्थ को पर्यटन स्थल के रूप में घोषित नहीं किया जाए, इसे ऐतिहासिक समय में चल आ रहे नाम ‘‘जैन महातीर्थ’’ ही रहने दिया जाए।

जिसके क्रम में देशभर में समग्र जैन समाज एकजुटता और आपसी सामंजस्यता का परिचय देते हुए झारखंड सरकार के इस फैसले का उग्र विरोध कर रहा है। लगातार देषभर में ज्ञापनों के माध्यम से झारखंड सरकार एवं भारत सरकार तक समग्र जैन समाज द्वारा मांग पहुचंाने के बाद भी सरकार द्वारा यह फैसला वापस नहीं लिए जाने से आक्रोशित सग्रम जैन समाज एवं समस्त जैन सगठनों ने मिलकर 21 दिसंबर, बुधवार को भारत बंद का आव्हान किया। जिसे भी समग्र जैन समाज की ओर से पूर्ण सफलता मिली।
झाबुआ में बंद को मिला पूर्ण समर्थन
झाबुआ जिले सहित जिला मुख्यालय झाबुआ पर भी सकल जैन समाज, जिसमें श्री श्वेतांबर मूर्तिपूजक संघ, स्थानकवासी श्री संघ, तेरापंथ महासभा एवं दिगंबर जैन समाज और समस्त जैन संगठनों ने मिलकर इस बंद को पूरी तरफ सफल बनाया एवं श्री सम्मेद शिखरजी तीर्थ को पर्यटन स्थल नहीं बनाने की मांग पूरी तरह बुलंदी और ताकत के साथ रखी गई। जिसके अंतर्गत समाजजनों ने बुधवार को आधे दिन अपने प्रतिष्ठान बंद रखने के साथ इस दिन समाज के लोग शासकीय कार्यों से भी स्वच्छैविक रूप से विरत रहे और दोपहर में समग्र्र जैन समाज की महारैली में शामिल होने के साथ कलेक्टोरेट पहुंचकर हजारों समाजजनों ने सरकार के इस फैसले पर तीव्र विरोध जताया। बाद यहां चारो पंथ के समाज अध्यक्षों की ओर से देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय पर्यटन मंत्री किशन रेड्डी, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आदि के नाम अपर कलेक्टर एसएस मुजाल्दा को ज्ञापन सौंपा गया।

 दोपहर 1.30 बजे से समाजजन राजवाड़ा पर एकत्रित हुए और यहां निर्धारित समय दोपहर ठीक 2 बजे 2-2 की कतार में चारो पंथ के हजारों महिला-पुरूष, युवा, बच्चें, बड़े, बुजुर्ग के साथ समस्त जैन संगठनों, परिषद् परिवार, समस्त श्राविक-श्राविकाओं ने अपने-अपने निर्धारित ड्रेस कोड में हाथों में सरकार के फैसले के विरोध की तख्तीयां लेते हुए शामिल हुए। इस दौरान समाजजनों ने मुख्य रूप से ‘‘आधा रोटी खाएंगे, श्री सम्मेद शेखरजी तीर्थ को बचाएंगे, अहिंसा परमो धर्म एवं हम जैन है, हम सब एक है, हम अपने घर्म की रक्षा आजीवन करेंगे, सरकार तेरी मनमानी नहीं चलेगी’’ जैसे अनेक नारों लगाते हुए एवं नारों के स्लोग से लिखी तख्तीयां लेकर समाजजन अनुशासन प्रिय रूप से चले। चार पंथ के समाज अध्यक्षों एवं विभिन्न जैन संगठनों ने नेतृत्व प्रदान किया।
कलेक्टोरेट में की जमकर नारेबाजी एवं जताया उग्र विरोध
यह महारैली करीब डेढ़ किमी लंबी शहर के राजवाड़ा से लक्ष्मीबाई मार्ग, रूनवाल बाजार, थांदला गेट, बाबेल चैराहा, आजाद चैक, नेहरू मार्ग, डीआरपी लाईन तिराहा होते हुए कलेक्टोरेट पहुंची। जहां भी हजारों समाजजनों ने एकत्रित होकर झारखंड सरकार के इस निर्णय का उग्र विरोध प्रकट किया एवं तत्काल ही सरकार से इस फैसले को वापस लेने की मांग को पूरजोर तरीके से बुलंद किया। यहां श्री श्वेतांबर जैन श्री संघ अध्यक्ष मनोहरलाल भंडारी, स्थानकवासी श्री संघ अध्यक्ष प्रदीप रूनवाल, तेरापंथ महासंघ से प्रभारी अध्यक्ष कैलाशचन्द्र श्रीमाल, दिगंबर जैन समाज अध्यक्ष निलेश शाह आदि के साथ जैन संगठनों के पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री, केंद्रीय पर्यटन मंत्री एवं झारखंड के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन अपर कलेक्टर श्री मुजाल्दा को सौंपा।
तपोभूमि को पर्यटन स्थल घोषित करना गलत निर्णय, सरकार तत्काल वापस ले फैसला
सौंपे गए ज्ञापन में मुख्य रूप से यहीं बताया गया कि जैन समाज की 20 तीर्थंकर परमात्माओं की पवित्र निर्वाण भूमि, विष्व विख्यात श्री सम्मेद षिखरजी तीर्थ है। यह तीर्थ भारत के पवित्र धार्मिक स्थलों में से एक होकर समग्र जैन धर्मावालंबियों की पूर्ण आस्था एवं श्रद्धा का केंद्र है। झारखंड सरकार ने इसे पर्यटन स्थल घोषित कर पूरे देष में जैन समाज एवं अन्य धर्मावलंबियों की आस्था को ठेस पहुंचाय हैा। भारत का समूचा जैन समाज इसका उम्र विरोध करता है एवं मांग करता है कि तत्काल ही झारखंड सरकार अपने इस फैसले को वापस ले एवं भारत सरकार इस निर्णय पर रोक लगाए, नहीं तो समाजजनों द्वारा आगामी समय में ओर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
इन्होंने प्रदान किया समर्थन
महारैली एवं ज्ञापन कार्यक्रम में श्री श्वेतांबर जैन मालवा महासंघ, नवरत्न परिवार, परिषद् परिवार, जैन सोष्यल ग्रुप एवं मैत्री के साथ समस्त जैन संगठनों का पूर्ण समर्थन होने के साथ इस जायज मांग को लेकर सकल व्यापारी संघ झाबुआ, कैट एसोसिएशन, मप्र युवक कांग्रेस अध्यक्ष डाॅ. विक्रांत भूरिया, भाजपा की ओर खेल प्रकोष्ठ जिला संयोजक शैलेष बिट्टू सिंगार, पार्षदगणों में हेमेन्द्र नाना राठौर, घनश्याम भाटी आदि ने भी सहयोग प्रदान करते हुए सहभागिता की गई।
झारखंड सरकार ने लिया फैसला वापस
उधर दोपहर करीब 3.30 बजे झारखंड राज्य सहित संपूर्ण दंेष और मप्र में इस निर्णय का उग्र विरोध होने के चलते आखिरकार झारखंड सरकार की ओर से न्यूज चैनलों के माध्यम से दिए गए व्यक्तत्व में श्री सम्मेद षिखरजी तीर्थ को पर्यटन स्थल की घोषणा को वापस लेने की बात कहीं गई है एवं कहा गया है कि इसे महातीर्थ का नाम ही रहने दिया जाएगा। जिस पर समग्र जैन समाज ने खुशी जाहिर की है।