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आईआईटीयन के हाथ में है राज कुंद्रा के धंधे की डोर, खातों में करोड़ों का लेनदेन

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राज कुंद्रा, File Photo

पोर्नोग्राफी मामले में फंसे फिल्म अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति बिजनेसमैन राज कुंद्रा के मामले में कानपुर से जुड़ी कड़ियां धीरे-धीरे खुल रही हैं। श्यामनगर निवासी यश ठाकुर उर्फ अरविंद कुमार श्रीवास्तव सिंगापुर में राज कुंद्रा की ओटीटी नियो फ्लिक्स कंपनी चलाता है। यश 13 वर्षों से पत्नी और बच्चों के साथ सिंगापुर में रह रहा है। विदेश में कुंद्रा की दूसरी कंपनी केनरिंग उसका बहनोई प्रदीप बख्शी चलाता है। दोनों ही शख्स कुंद्रा के सीक्रेट व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़े हैं। मुंबई क्राइम ब्रांच को इनकी चैट से पता चला है कि ये दोनों कुंद्रा के कारोबार की आर्थिक धुरी हैं। अरविंद श्रीवास्तव कुंद्रा की कंपनियों की कमाई का पैसा दूसरे खातों के अलावा कानपुर के बर्रा स्थित पंजाब नेशनल बैंक में पत्नी हर्षिता श्रीवास्तव के खाते में भी ट्रांसफर करता था। एक बार पिता नर्वदा प्रसाद श्रीवास्तव के कैंट स्थित भारतीय स्टेट बैंक में खुले खाते में पांच लाख रुपये भेजे थे। मुंबई क्राइम ब्रांच के अनुरोध पर बैंकों ने तीनों के खातों से लेनदेन पर रोक लगा दी है। हालांकि, फरवरी 2021 के बाद से इन खातों में कोई लेनदेन नहीं हुआ है। अरविंद श्रीवास्तव और उसकी पत्नी हर्षिता के खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया गया है।

आईआईटी कानपुर से कंप्यूटर साइंस में बीटेक है यश
यश ठाकुर उर्फ अरविंद श्रीवास्तव ने करीब 17 साल पहले आईआईटी कानपुर से कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया था। इसके बाद उसकी नौकरी कंप्यूटर बनाने वाली कंपनी एचपी (हेवलेट पैकर्ड) में लगी। उसकी पहली पोस्टिंग बंगलूरू में हुई। वहां से उसे सिंगापुर भेज दिया गया। चार-पांच वर्षों से वह ओटीटी (ओवर द टॉप) प्लेटफार्म पर आने वाली कंपनियों को प्रमोट करने का काम कर रहा है। इसी दौरान वह राज कुंद्रा के संपर्क में आया। इस कारोबार में राज कुंद्रा नया था, लिहाजा यश ने ही उसे तकनीकी सहयोग किया।

आर्डनेंस फैक्ट्री में थे पिता, जकार्ता में छोटा भाई
राज के बिजनेस में सहयोगी की भूमिका में सामने आए अरविंद उर्फ यश का परिवार 50-60 वर्षों से कानपुर में रह रहा है। उसके पिता नर्वदा प्रसाद श्रीवास्तव आर्डनेंस फैक्ट्री नागपुर में जेडब्ल्यूओ थे। 20 साल पहले रिटायर होकर श्यामनगर में रह रहे हैं। अरविंद का राज कुंद्रा से जुड़ाव सामने आने के बाद से वह बेहद आहत हैं। उन्होंने बताया कि बेटा 13 वर्षों से सिंगापुर में रह रहा है। तीन वर्ष पहले वह कानपुर आया था। वह एक मल्टीनेशनल कंपनी से जुड़ा है। उन्हें नहीं पता कि उनका बेटा क्या काम करता है, लेकिन इतना पता है कि वह बेहद काबिल है और कोई गलत काम नहीं कर सकता। अरविंद का छोटा भाई भी इंजीनियर है और वह इस समय जकार्ता में एक मल्टीनेशनल कंपनी में कार्यरत है।

बर्रा में ससुराल, हर्षिता का मां के साथ ज्वाइंट एकाउंट
अरविंद की पत्नी हर्षिता का मायका बर्रा में है। वर्ष-2015 में बर्रा के ही पंजाब नेशनल बैंक में हर्षिता ने अपनी मां के साथ ज्वाइंट एकाउंट खोला था। अरविंद की ओर से भेजी गई रकम इसी खाते में पहुंचती थी। इस खाते में दो करोड़ 32 लाख रुपये जमा हैं। मुंबई क्राइम ब्रांच के अनुरोध पर बैंक ने फरवरी 2021 में इनके खाते से लेनदेन पर रोक लगा दी थी।

कुल 6.50 करोड़ का संदिग्ध लेनदेन
अरविंद उर्फ यश के जरिये कुल 6.50 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन की बात सामने आ रही है। उससे जुड़े सभी बैंक खातों को सीज कर दिया गया है। अब इस बात की पड़ताल की जा रही है कि अरविंद के बदले हुए नामों से किन-किन खातों में पैसा भेजा गया और यह पैसा किस तरह से राज कुंद्रा की कंपनी में वापस जाता था। यह कमाई अरविंद की खुद की है या वह काले धन को सफेद करने का काम करता था।