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CBSE बोर्ड की 12वीं की परीक्षाएं कोरोना के चलते रद्द, पीएम मोदी बोले- छात्रों के हित में लिया गया फैसला

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The Prime Minister, Shri Narendra Modi chairing a review meeting regarding the Class XII Board exams of CBSE, through video conferencing, in New Delhi on June 01, 2021.

डिजिटल डेस्क, भोपाल / नई दिल्ली। सीबीएसई 12वीं की परीक्षा को कैंसिल कर दिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को इसे लेकर मीटिंग की जिसमें ये फैसला लिया गया हैं। इसमें CBSE के चेयरमैन, शिक्षा मंत्रालय के सेक्रेटरी के अलावा केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह और प्रकाश जावड़ेकर शामिल हुए। मीटिंग के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि अभी छात्रों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता में है। ऐसे माहौल में उन्हें परीक्षा का तनाव देना ठीक नहीं है। हम उनकी जान खतरे में नहीं डाल सकते।

सीबीएसई कक्षा 12 बोर्ड परीक्षा रद्द करने पर दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा, हम फैसले का स्वागत करते हैं। यह फैसला छात्रों और शिक्षकों के पक्ष में है। पहले भी हम यही मांग कर रह थे।

सीबीएसई ने 14 अप्रैल को कोरोनोवायरस के मामलों में वृद्धि को देखते हुए कक्षा 10 की परीक्षा रद्द करने और कक्षा 12 की परीक्षा स्थगित करने की घोषणा की थी। शिक्षा मंत्रालय ने हाल ही में इस मुद्दे पर हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में चर्चा किए गए प्रस्तावों पर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से विस्तृत सुझाव मांगे थे। वहीं सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया था, जो परीक्षा रद्द करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई कर रही है, वह 3 जून तक अंतिम निर्णय लेगी।

सीबीएसई बोर्ड ने पिछले सप्‍ताह हुई केंद्रीय मंत्रियों की बैठक में परीक्षा आयोजित करने के दो विकल्‍प सुझाए थे। पहला विकल्‍प था सभी विषयों की परीक्षा घटे हुए एग्‍जाम पैटर्न पर आयोजित करना, और दूसरा विकल्‍प था केवल महत्‍वपूर्ण विषयों की परीक्षा आयोजित करना। इस बैठक में दिल्‍ली के शिक्षामंत्री मनीष सिसोदिया ने परीक्षाएं रद्द कर छात्रों को इंटरनल मार्किंग के आधार पर पास करने का भी विकल्‍प रखा था।

इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “सरकार ने सीबीएसई कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला किया है। व्यापक विचार विमर्श के बाद हमने छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए यह फैसला किया है। इससे न सिर्फ छात्रों को सुरक्षा मिलेगी बल्कि उनका भविष्य भी उज्ज्वल रहेगा।”

सीबीएसई अब 12वीं के छात्रों के रिजल्ट तैयार करने के लिए कदम उठाएगा। यह एक पारदर्शी, वैकल्पिक प्रक्रिया के जरिए एक समय-सीमा के भीतर होगा।

सरकार ने बताया कि पिछले साल की तरह, यदि कुछ छात्र परीक्षा देने की इच्छा रखते हैं, तो स्थिति अनुकूल होने पर सीबीएसई द्वारा उन्हें ऐसा विकल्प प्रदान किया जाएगा।

सरकार के इस फैसले से सीबीएसई कक्षा 12 की परीक्षा देने जा रहे करीब 12 लाख और आईसीएससीई के 4 लाख छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी।  यानी इस साल 12वीं के करीब 16 लाख छात्र बिना परीक्षा दिए पास हो सकेंगे।

12वीं की बोर्ड परीक्षाएं रद्द किए जाने पर खुशी जताते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मुझे खुशी है कि 12वीं की परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं। हम अपने बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर काफी चिंतित थे। यह बहुत बड़ी राहत है। वहीं, दिल्ली के डिप्टी सीएम और राष्ट्रीय राजधानी के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा, ”हम फैसले का स्वागत करते हैं। यह फैसला छात्रों और टीचरों के हित में है। हमने भी यही मांग की थी। पहले की परफॉर्मेंस पर स्टूडेंट्स को मार्क्स मिलने चाहिए।”

बैठक में उन्हें तमाम राज्यों और हितधारकों से मिले सुझावों एवं व्यापक विचार विमर्श से निकल रहे विभिन्न विकल्पों के बारे में बताया गया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई मीटिंग में केंद्रीय मंत्री अमित शाह, प्रकाश जावड़ेकर, पीयूष गोयल, धर्मेन्द्र प्रधान, निर्मला सीतारमण मौजूद थे। इसके अलावा केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी भी इसमें शामिल हुए।

इससे पहले 23 मई को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई हाईलेवल मीटिंग के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा था कि 12वीं बोर्ड परीक्षाओं पर एक जून को या इससे पहले अंतिम फैसला ले लिया जाएगा। इसके अलावा केंद्र सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में भी कहा कि दो दिनों के भीतर 12वीं बोर्ड परीक्षाओं पर फैसला ले लिया जाएगा।