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MP के ग्वालियर पुलिस ने किया गैंग का भंडाफोड़…प्‍लेबॉय बनाने का किया वादा …लड़कियों से करवाते थे बात

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Highlights

  • ग्वालियर पुलिस ने किया गैंग का भंडाफोड़
  • आरोपियों ने कई बेेरोजगारों को ठगा

ग्वालियर। पुलिस की सायबर क्राइम टीम ने प्ले बॉय ( जिगोलो) की नौकरी के नाम पर ठगने वाली गैंग का भंडा फोड़ किया है। गिरफ्त ने आई अंतरराज्यीय गैंग बेरोजगारों से ऑन लाइन ठगी करती थी। गैंग के 3 आरोपी UP और MP के रहने वाले है। गैंग का मास्टरमाइंड पंकज राजपूत और सौरभ नरवरिया मुरैना के रहने वाले हैं जबकि तीसरा आरोपी अभिनव कुमार उर्फ गुलशन यूपी के फिरोजाबाद का रहने वाला है। आरोपियों के पास से 30 सिम कार्ड, 56 एटीएम, 50 आधार कार्ड, 20 पेनकार्ड बरामद हुए हैं। गैंग ने प्ले बॉय की नौकरी का झांसा देकर देशभर के हज़ारों बेरोजगारों को ठगा है। इनके गवलियर के 2 बैंक खातों में 18 लाख रुपए की नकदी जमा होने का खुलासा हुआ है। अभी तक एक हजार से ज्यादा लोगों को वह ठग चुका है।

प्लेबॉय (Playboy) बनाने का वादा किया, लड़कियों से बात करवाते थे. नौकरी दिलवाने का झांसा भी दिया. ठग यहीं नहीं रुके उन्‍होंने सैकड़ों बेरोजगार युवकों से लाखों की ठगी कर ली.

जिन लोगों के साथ ठगी हुई उनमें से किसी ने भी पुलिस में शिकायत नहीं की. इस गिरोह का ग्‍वालियर पुलिस ने अब भंडाफोड़ किया है. पुलिस कप्तान अमित सांघी ने प्रेसवार्ता ने बताया कि ग्वालियर क्राइम ब्रांच को मुखबिर से सूचना मिली थी. इसके बाद पुलिस ने दबिश देकर तीनों ठगों को बुधवार को गोवर्धन कॉलोनी से दबोच लिया.

इनके कब्जे से पुलिस ने 30 सिमकार्ड, 56 एटीएम कार्ड, 50 आधार कार्ड, 20 पैन कार्ड, दीपक ट्रेडर्स का रजिस्ट्रेशन कार्ड, दीपक ट्रेडर्स के नाम की मोहर, इंक पैड, 14 मोबाइल, एक लैपटॉप बरामद किया है.

पकड़े गए आरोपी पंकज और सौरव मुरैना के रहने वाले हैं जबकि अभिनव फिरोजाबाद का है. पंकज की मुलाकात यूपी के के एक ठग से दो साल पहले हुई थी जो अभी जेल में बंद है. पंकज ने पुलिस को बताया कि ठग ने उसे ठगी के गुर सिखाए थे. जिसके बाद उसने डीडी नगर में ऑनलाइन काम शुरू किया.

इसके बाद उसने अपने दो साथियों के साथ गोवर्धन कॉलोनी में ऑफिस शुरू किया . कई वेबसाइट पर उसने एक विज्ञापन दिया, जिसमें बेरोजगार युवकों को एक दिन में 25 हजार रुपये कमाने और नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया गया था. विज्ञापन में एक मोबाइल नंबर भी जारी किया गया जिस पर वॉट्सऐप कॉलिंग पर ही बात हो पाती थी.

जब कोई बेरोजगार युवक फोन पर बात करता तो उस पर लड़की से बात करवाई जाती थी. वह प्लेबॉय बनकर हर दिन हजारों रुपये की कमाई के बारे में बताती थी. जिसके लिए आवेदक को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए दो से चार हजार रुपये देने होते थे. इस तरह से आरोपियों ने सैकड़ों लोगों से प्लेबॉय की जॉब दिलाने के नाम पर ठगी की थी.