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एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) और जिला आपदा प्रबंधन ने किया संयुक्त माॅक ड्रिल का अभ्यास

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झाबुआ। राकेश पोद्दार । नगर संवाददता। शुक्रवार 1 अक्टूबर, 2021 को अचानक कोई जवान डेस्क के नीचे लेटा था, तो कोई अपनी कमरे से बाहर की तरफ भाग रहा था। कहीं अपना सर ढंकते नजर आए तो कहीं दूसरे की मदद करते हुए दिख रहे थे। होमगार्ड जिला मुख्यालय में बुधवार को यह नजारा देखने को मिला। आप सोच रहे होंगे कि होम गार्ड जिला मुख्यालय में कोई हादसा हो गया हो, जिसकी वजह से ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई, लेकिन जरा ठहरिये। यह कोई हादसा नहीं था बल्कि किसी आपदा से निपटने के लिए आयोजित मॉक ड्रिल का दृश्य था।
“ वर्तमान समय में पूरा विश्व प्राकृतिक और मानव कृत आपदाओं का सामना कर रहा है जिसके कारण अत्यधिक रूप से जन और धन का विनाश होता है आपदा कभी बताकर नहीं आती और ना ही आपदा आने के उपरांत तैयारी कर सकते हैं, जो भी तैयारी करनी है, वह आपदा आने से पहले अपने आप को तैयार करना होता है, जिससे आपदा से कम से कम जनधन का नुकसान हो। 11वीं एनडीआरएफ के कमांडेंट श्री मनोज कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में संपूर्ण मध्य प्रदेश में मॉक ड्रिल का आयोजन किया जा रहा है, इसी क्रम को ध्यान में रखते हुए, आज जिला झाबुआ में श्री सोमेश मिश्रा कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी के अध्यक्षता में भूकंप आपदा पर आधारित संयुक्त अभ्यास, एन.डी.आर.एफ. और अन्य हित धारकों के साथ होमगार्ड जिला मुख्यालय झाबुआ में किया गया “।
सुबह 12ः00 बजे मॉक ड्रिल की शुरुआत हुई। 12ः20 मिनट पर अचानक आपातकालीन सायरन बजी। जवानों को भूकंप आने की सूचना दी गई। क्योंकि जवानों को पहले ही प्रशिक्षण दिया गया हैं कि भूकंप के दौरान क्या करना चाहिए। इसलिए घबराए नहीं, बल्कि सावधानी से डेस्क के नीचे सर ढंककर बैठ गए। भूकंप थमने के बाद खुले स्थान पर इकट्ठा हुए जहां उनका हेड काउंट किया गया यह ड्रिल करीब 40 मिनट तक चलता रहा। इस दौरान अभ्यास में एनडीआरएफ के 32 बचाव कर्मी मौजूद थे। ड्रिल के दौरान जिला दंडाधिकारी श्री सोमेश मिश्रा होमगार्ड मुख्यालय में पहुंचे और जायजा लिया ।
तत्पश्चात इसकी सूचना एनडीआरएफ टीम को दी गई जो कि मौके पर इंस्पेक्टर राहुल कुमार के नेतृत्व में टीम घटना स्थल पर पहुंच कर तुरंत ही बचाव और राहत कार्य शुरू कर दिया ।
इसी बीच सूचना मिलती है कि कुछ लोग बिलिंडग के ऊपरी मंजिल में फंसे हुए हैं जहां पहुंचना बहुत ही मुश्किल कार्य था परंतु एनडीआरएफ की रोप रेस्क्यू टीम के बचाव कर्ता रोप तकनीकों का इस्तेमाल कर बिलिं्डग के ऊपरी मंजिल पर पहुंचकर फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाले स एनडीआरएफ की टीम का यह कार्य देखते ही बन रहा था लोगों ने इसकी बहुत प्रशंसा की स इसी दौरान सूचना मिलती है कि बिलिं्डग के भूतल में भी कुछ लोग फंसे हैं जिनको एनडीआरएफ की सीएसएसआर टीम के बचाव करता अत्याधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल करते हुए दीवार को काटकर पीड़ित तक पहुंच बनाएं व उनको फस्र्ट एड दिए साथ ही साथ सुरक्षित बाहर निकाल कर अस्पताल के लिए रवाना किए।

जिला-दंडाधिकारी झाबुआ श्री सोमेश मिश्रा के संस्तुति में भूकंप पर आधारित मॉक एक्सरसाइज किया गया जिसमें एनडीआरएफ,पुलिस प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग,होमगार्ड, एनसीसी, व अन्य महत्वपूर्ण एजेंसियों ने भाग लिया द्य मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपदाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्य की तैयारी को जांचने व सभी एजेंसियों के मध्य सामंजस्य स्थापित करना था ।
इस पूरी एक्सरसाइज को सब इंस्पेक्टर मनीष चैबे ने अपने शब्दों में बया किया। एनडीआरएफ के टीम कमांडर राहुल कुमार ने बताया कि इस मॉक ड्रिल के माध्यम से आपदा की स्थिति में अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियों से अवगत करवाया गया, ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी आपदा के समय जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि हमें आपदा प्रबंधन की शुरुआत स्वयं से शुरू करनी होगी तथा जन-जन को आपदा प्रबंधन के बारे में जागरूक करना होगा। इस मॉक एक्सरसाइज के दौरान मुख्य रूप से डिप्टी कलेक्टर श्रीमती अंकिता, प्रजापति, होमगार्ड के डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट श्री गुलाब सिंह,एनसीसी से कैप्टन श्री गोपाल भूरिया तथा एनडीआरएफ से उपनिरीक्षक मनीष चैबे, उपनिरीक्षक संचार राम बहादुर, सहायक उपनिरीक्षक विजय कुमार, जिसानुल्लाह , मुख्य आरक्षी विजय कुमार एवं एनडीआरएफ के सभी जवान उपस्थित थे।