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मध्य क्षेत्र बिजली कंपनी ने कार्टून विवाद पर दी सफाई, सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर कही ये बात

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भोपाल. बिजली चोरी रोकने के लिए मध्य क्षेत्र बिजली कंपनी (MPEB Cartoon Controversy) के एक कार्टून को लेकर मचा सियासी बवाल अभी थमा नहीं है. लेकिन विवाद के तीन दिन बाद बिजली कंपनी ने कार्टून वाले पोस्ट को लेकर खेद व्यक्त किया है. मध्य क्षेत्र बिजली कंपनी (Central Zone Electricity Company) ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि बिजली चोरी जैसे सामाजिक अपराध को लेकर भगवान चित्रगुप्त (Chitragupta) के नाम पर उल्लेख करते हुए एक विज्ञापन जारी किया गया था. इस विज्ञापन में किसी भी प्रकार से किसी भी धर्म समाज और संस्कृति की भावनाओं को ठेस पहुंचाने की मंशा नहीं थी. कुछ सामाजिक संगठनों ने इसका विरोध किया है. उनके भावनाओं को देखते हुए मध्य क्षेत्र बिजली कंपनी खेद व्यक्त करती है.

 

दरअसल, मध्य क्षेत्र बिजली कंपनी ने एक कार्टून को सोशल मीडिया पर डालते हुए लिखा था कि बिजली चोरी करने वालों को नर्क में भेजा जाएगा और 440 वोल्ट का करंट दिया जाएगा. इन शब्दों के साथ यम और चित्रगुप्त का संवाद बताया गया था. इसको लेकर समाज के लोगों ने कड़ी नाराजगी जताई थी. शिवराज सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने भी कार्टून पर आपत्ति जताते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था.
कांग्रेस ने भी जताई थी आपत्ति

 

कांग्रेस प्रवक्ता रवि सक्सेना ने बिजली कंपनी के कार्टून पर लिखा है कि भारतवर्ष के बुद्धिजीवी कायस्थ समाज के पुत्र चित्रगुप्त का अपमान है और यह सरकार के चाल चरित्र चेहरा को जाहिर करता है.

Media ने इस खबर को प्रमुखता के साथ दिखाया था और सवाल पूछा था कि बिजली चोरी रोकने के लिए क्या देवी देवताओं के फोटो और कार्टून का इस्तेमाल किया जाना चाहिए. इस खबर के बाद मचे बवाल पर अब बिजली कंपनी ने सफाई जारी करते हुए खेद व्यक्त किया है.

वेबसाइट से हटाय गया था कार्टून

कार्टून को लेकर जैसे ही विवाद बढ़ा बिजली कंपनी ने इसे अपने वेबसाइट से हटा लिया. हालांकि, इस मामले में किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई एमपीईबी की ओर से की गई हो, ऐसी जानकारी सामने नहीं आई है. आपको बता दें कि एमपीईबी बकाया बिजली बिल वसूली को लेकर समय-समय पर अभियान चलाता है और उसके लिए कार्टून या स्लोगन के जरिए अपनी बात कहने की कोशिश की जाती है.