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MP: राजा विक्रमादित्य ने 2 हजार साल पहले अपनी बहन के लिए बनवाया था ये मंदिर, पुराणों में भी जिक्र | MP Shajapur News Hindu and Muslim religions pray in the Mahakaleshwar temple located in Sundarsi Shajapur

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MP: राजा विक्रमादित्य ने 2 हजार साल पहले अपनी बहन के लिए बनवाया था ये मंदिर, पुराणों में भी जिक्र

महाकालेश्वर मंदिर का जिक्र पुराणों में भी किया गया है कहते हैं कि मंदिर में एक गुफा भी है जो कि महाकालेश्वर मंदिर में है.

राजा विक्रमादित्य ने अपनी बहन के लिए महाकालेश्वर मंदिर बनवाया था.

शाजापुर के सुंदरसी में स्थित महाकालेश्वर मंदिर प्राचीन मंदिर ग्राम के दक्षिण में स्थित है काले पत्थर से निर्मित इस मंदिर के गर्थगृह में भगवान महाकालेश्वर विराजमान है. अवंतिका के न्यायप्रिय सम्राट राजा विक्रमादित्य की बहन सुंदर भाई का विवाह इस नगर के विख्यात राजपूत पराक्रमी राजा भगत सिंह से हुआ था. सुंदर भाई एक महान धार्मिक विदुषी थी, उनके नाम पर इस नगर का नाम सुंदरगढ़ रखा गया जो वर्तमान में सुंदर सी हो गया. प्राचीन मान चित्रों में आज भी सुंदरगढ़ ही अंकित है.

आपको बता दें कि राजा विक्रमादित्य की बहन सुंदराबाई रोज उठकर बाबा महाकाल के दर्शन करती थी, दर्शन से पहले वह पानी या खाना नहीं खाती थी. सुंदर भाई की शादी सुंदरगढ़ में राजा भगतसिंह से होने के बाद सुंदर भाई ने खाना पीना छोड़ दिया था, क्योंकि वह बाबा महाकाल के दर्शन करने के बाद ही खाना या जल ग्रहण करती थी.

..बहन के लिए राजा विक्रमादित्य ने करवाया मंदिर का निर्माण

इन्हीं सब बातों को लेकर सुंदराबाई के भाई राजा विक्रमादित्य ने सुंदर सी में महाकालेश्वर मंदिर का निर्माण करवाया, ताकि उनकी बहन रोज उठकर बाबा महाकाल के दर्शन कर सके. मंदिर में शिव उपासना नीलकंठेश्वर महादेव हरिसिद्धि मंदिर, मनकामेश्वर मंदिर, गोरा भैरव मंदिर, देवनारायण मंदिर, हनुमान मंदिर, गणेश मंदिर, चौसठ योगिनी देवी गणेश मंदिर, गोपाल मंदिर, ऐसे मंदिरों की स्थापना करवाई ताकि उनकी बहन को ऐसा महसूस ना हो कि वह उज्जैन छोड़ किसी और जगह पर गई हैं.

पुराणों में भी है महाकालेश्वर मंदिर का जिक्र

महाकालेश्वर मंदिर का जिक्र पुराणों में भी किया गया है कहते हैं कि मंदिर में एक गुफा भी है जो कि महाकालेश्वर मंदिर में है. कहा जाता है कि यह गुफा उज्जैन तक जाती है. बाबा महाकाल का एक मंदिर उज्जैन में है और दूसरा मंदिर सुंदरसी में स्थित है. जिसको द्वितीय अवंतिका के नाम से जाना जाता है. सुबह 5:00 बजे बाबा महाकाल की भस्म आरती होती है. सावन माह में बाबा महाकाल की सवारी भी बड़ी धूमधाम से सुंदर सी में निकाली जाती है. वहीं लोक मान्यता है कि उज्जैन में बाबा महाकालेश्वर मंदिर में जितने भी देवी देवता मौजूद हैंं, वह सभी सुंदर सी के मंदिर में भी मौजूद हैंं.