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विवाहित महिला का संदिग्ध अवस्था में मिला शव मायके पक्ष के लोगों ने महिला के पति और ससुराल के अन्य लोगों पर लगाया हत्या करने का आरोप

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झाबुआ। राकेश पोद्दार। शहर के समीपस्थ ग्राम आम्बाखोदरा में 31 अगस्त, बुधवार देर शाम एक बड़ा मामला सामने आया, जब कुछ ग्रामीणों को गांव के जंगल मंे एक विवाहित महिला का शव संदिग्ध अवस्था में मिला। पुलिस थाना झाबुआ की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच करने के साथ शव को पोस्टमार्टम के लिए रात्रि में ही जिला चिकित्सालय लाया गया। पुलिस की ओर से महिला के ससुराल एवं मायके पक्ष के लोगों को सूचना देने पर अगले दिन 1 सितंबर, गुरूवार सुबह जिला चिकित्सालय ससुराल पक्ष के लोग तो नहीं पहुंचे, लेकिन ग्राम गडवाड़ा में रहने वाले मायके पक्ष के लोगों ने पहुंचकर पुलिस अधिकारियों के समक्ष महिला की उसके पति एवं ससुराल पक्ष के अन्य लोगों द्वारा मिलकर हत्या करने का आरोप लगाया। साथ ही बताया कि पिछले वर्ष 2021 में भी उक्त महिला के साथ रह रहीं भतीजी की झाबुआ में ससुराल पक्ष के लोगों ने मिलकर हत्या कर दी। पुलिस ने घटना में फिलहाल मय कायम कर जांच आरंभ की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार झाबुआ थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम आम्बाखोदारा में श्रीमती उषा पति प्रवीण देवड़ा उम्र 25 वर्ष का शव गांव के ही कुछ ग्रामीणों द्वारा 31 अगस्त, बुधवार शाम गांव में स्थित जंगल में पाए जाने पर तत्काल पुलिस थाना झाबुआ पर सूचना दी। मौके पर पुलिस के साथ एफएसएल टीम ने भी जांच कर बाद शव को पीएम के लिए जिला चिकित्सालय भिजवाया। उषा देवड़ा के गले में दुपट्टा बंधा हुआ था और शरीर के कुछ हिस्सो से ब्लड निकल रहा था। शव को रात्रि में जिला चिकित्सालय लाए जाने के बाद पुलिस द्वारा महिला के मायके एवं सुसराल पक्ष के लोगों को सूचना देने पर अगले दिन गुरूवार सुबह पीएम कक्ष में महिला का शव देखकर परिजनों ने विलाप छा गया। वहीं मौके से ससुराल पक्ष के लोग गायब रहे।
पीएम करने पर जताई आपत्ति
इस बीच उषा के माता-पिता एवं परिजनों तथा गडवाड़ा के ग्रामीणजनों ने महिला का पीएम करने पर आपत्ति जताई, जिसकी सूचना पुलिस को मिलने पर पुलिस थाना के अधिकारियों ने पहुंचकर परिवारजनों को समझाया कि बिना पीएम के शव नहीं सौंपा जा सकता, नहीं तो ऐसी स्थिति में शव को पीएम बाद नगरपालिका को अंतिम संस्कार हेतु सुपुर्द करना पड़ेगा। काफी देर तक इसको लेकर परिजनों एवं ग्रामीणजनों में आपसी चर्चा होने के बाद अंततः परिवारजन घटना की रिपोर्ट लिखवाने के साथ पीएम करवाने के लिए भी राजी हुए। इस दौरान नायब तहसीलदार जितेन्द्रसिंह सोलंकी ने भी पहुंचकर परिवारजनों तथा ग्रामवासियों से चर्चा की।
पिछले वर्ष हुई थी भतीजी की हत्या, पुलिस ने नहीं की जांच
मायके पक्ष के लोगांे में इस बात को लेकर आक्रोश था कि पिछले वर्ष 2021 में उषा देवड़ा के साथ रहने वाली पायल डामोर उम्र करीब 7 वर्ष भी ग्राम आम्बाखोदरा से झाबुआ काम से जाने का कहकर निकली थी और झाबुआ में हनुमान टेकरी के समीप जंगल में उसका शव मिला था, उस समय भी पुलिस ने मर्ग कायम कर लिपापोती करते हुए बालिका द्वारा आत्महत्या करने की बात कहकर मामले को रफा-दफा कर दिया गया। यह दूसरी घटना होने के बाद भी पुलिस द्वारा गंभीरता से जांच नहीं करते हुए औपचारिक कार्रवाई करने की बात कहीं।
पति की है दो पत्नियां, बार-बार करता था मारपीट
वहीं मायके पक्ष के लोगांे ने यह भी बताया कि उषा के पति प्रवीण देवड़ा की दो पत्नियां है, यह दूसरी पत्नि थी। एक महीने पूर्व उषा ने फोन करके माता-पिता को बताया था कि उसका पति उसे छोटी-छोटी बात को लेकर मारपीट करता है। उस दौरान मायके पक्ष की ओर से समझाईश दी गई थी। उषा की पिछले वर्ष ही प्रवीण देवड़ा से शादी हुई थी। परिजनों सहित गडवाड़ा के ग्रामीणजनों ने पुलिस प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि उन्हें पूर्व भतीजी पायल की हत्या के बाद उषा की भी पति एवं ससुराल के लोगों द्वारा मिलकर हत्या करने की शंका है। पुलिस द्वारा संपूर्ण घटनाक्रम में बारिकी से जांच कर दोषियों पर सख्ती से कार्रवाई की जाए।
जांच की जाएगी
– मृतिका की पीएम रिपोर्ट आने के बाद मायके पक्ष के लोगांे के भी बयान लेकर सभी पहलूओं पर सूक्ष्मता से जांच की जाएगी।
बबीता बामनिया, एसडीओपी, झाबुआ।