Home Astrology, Spirituality & Vastu मासिक कालाष्टमी 2020: कालाष्टमी व्रत कल, संकटों से मुक्ति पाने के लिए...

मासिक कालाष्टमी 2020: कालाष्टमी व्रत कल, संकटों से मुक्ति पाने के लिए अवश्य करें ये उपाय

309
0

Kalashtami 2020: 13 जून को कालाष्टमी व्रत रखा जाएगा। हिन्दू पंचांग के अनुसार, हर महीने की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी पूजा की जाती है। कालाष्टमी पर भगवान शिव के अवतार काल भैरव की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, कालाष्टमी के दिन व्रत रखने और कुछ विशेष उपाय को करने से शुभ फल मिलते हैं। कालाष्टमी के दिन ये विशेष उपाय जरूर करने चाहिए।

 

13 जून को कालाष्टमी पर्व है। इस दिन भैरव बाबा के लिए कालाष्टमी व्रत रखा जाता है। हिन्दू पंचांग के अनुसार, प्रति माह कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को यह व्रत रखा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, हाथ में त्रिशूल, तलवार और डंडा होने के कारण काल भैरव को दंडपाणि भी कहा जाता है। कालाष्टमी के दिन भक्तों को ये 5 चमत्कारिक उपाय जरूर करने चाहिए। ऐसा करने से शत्रुओं का भय और दुर्भाग्य दूर होता है तथा सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

 

कालाष्टमी के पीछे की पौराणिक मान्यताएं

मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव ने पापियों का विनाश करने के लिए अपना रौद्र रूप धारण किया था। शिव के दो रूप बताए जाते हैं बटुक ​भैरव और काल भैरव। जहां बटुक भैरव सौमय हैं वही काल भैरव रौद्र रूप में हैं। मासिक कालाष्टमी को पूजा रात को कि जाती हैं इस दिन काल भैरव की पूजा करने से भक्तों की सभी इच्छाएं पूर्ण होती हैं रात को चंद्रमा को जल चढ़ाने के बाद ही यह व्रत पूरा माना जाता हैं।

 

भगवान शिव की पूजा
कालाष्टमी के दिन भगवान शिव की पूजा करने से भी भगवान भैरव का आशीर्वाद मिलता है, क्योंकि भगवान भैरव की उत्पत्ति भगवान शिव के अंश के रूप में हुई थी। कालाष्टमी के दिन 21 बिल्वपत्रों पर चंदन से ‘ॐ नम: शिवाय’ लिखकर शिवलिंग पर चढ़ाएं। इस विधि से पूजन करने पर भगवान भैरव प्रसन्न होंगे और आपकी मनोकामनाएं पूरी होंगी।

 

 

भैरव देव की करें पूजा
कालाष्टमी के पावन दिन भैरव बाबा की पूजा करने से शुभ परिणाम मिलते हैं। ये दिन भैरव बाबा की पूजा का होता है, इस दिन श्री भैरव चालीसा का पाठ करना चाहिए। भैरव बाबा की पूजा करने से व्यक्ति रोगों से दूर रहता है। कालाष्टमी के दिन भगवान भैरव के मंदिर में जाकर सिंदूर, सरसों का तेल, नारियल, चना, चिरौंजी, पुए और जलेबी चढ़ाकर भक्ति भाव से पूजन करें।

 

 

सरसो के तेल का दीपक जलाएं
काल भैरव जी को प्रसन्न करने के लिए, उनकी कृपा पाने के लिए कालाष्टमी के दिन से भगवान भैरव की प्रतिमा के आगे सरसो के तेल का दीपक जलाएं और श्रीकालभैरवाष्टकम् का पाठ करें। मनोकामना पूर्ण होने तक प्रतिदिन इस उपाय को भक्ति भाव के साथ करें।

 

 

40 दिनों तक काल भैरव का दर्शन करें
कालाष्टमी के दिन से लेकर 40 दिनों तक लगातार काल भैरव का दर्शन करें। इस उपाय को करने से भगवान भैरव प्रसन्न होंगे और आपकी मनोकामना को पूर्ण करेंगे। भैरव की पूजा के इस नियम को चालीसा कहते हैं जो चन्द्रमास के 28 दिनों और 12 राशियां को जोड़कर बनता है।

 

 

काले कुत्ते को मीठी रोटी खिलाएं
कालाष्टमी पूजा में भगवान भैरव को प्रसन्न करने के लिए काले कुत्ते को मीठी रोटी खिलाएं। यदि काला कुत्ता उपलब्ध न हो तो किसी भी कुत्ते को खिलाकर यह उपाय कर सकते हैं। इस उपाय को करने से न सिर्फ भगवान भैरव बल्कि शनिदेव की भी कृपा बरसेगी।

 

मासिक कालाष्टमी 2020 समय

प्रारम्भ – 10:52 पीएम, जून 12
समाप्त – 12:56 एएम, जून 14

 

कालाष्टमी के दिन भूलकर भी न करें ये काम
काल भैरव जयंती यानी कालाष्टमी के दिन झूठ बोलने से बचें, झूठ बोलने से नुकसान आपको होगा।
कालाष्टमी के दिन अन्न ग्रहण नहीं करना चाहिए व्रत के दौरान आप फलाहार कर सकते हैं।
कालभैरव की पूजा कभी भी किसी के नाश के लिए न करें।
आमतौर पर बटुक भैरव की ही पूजा करनी चाहिए क्योंकि यह सौम्य पूजा है।
नमन न खाएं। नमक की कमी महसूस होने पर सेंधा नमक खा सकते हैं।
माता-पिता और गुरु का अपमान न करें।
बिना भगवान शिव और माता पार्वती के काल भैरव पूजा नहीं करना चाहिए।
गृहस्थ लोगों को भगवान भैरव की तामसिक पूजा नहीं करना चाहिए।
गंदगी न करें। घर की साफ-सफाई करें।

(इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं तथा इन्हें अपनाने से अपेक्षित परिणाम मिलेगा। जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।)