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होशंगाबाद जिले के बहुचर्चित हनी ट्रेप मामले में ब्लैकमेल करने वाले चारों पुलिसकर्मियों पर एफआईआर, महिला पर भी केस

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होशंगाबाद। जिले के बहुचर्चित हनी ट्रेप मामले में निलंबित एसआई जय नलवाया, प्रधान आरक्षक ज्योति मांझी, प्रधान आरक्षक ताराचंद जाटव और आरक्षक मनोज वर्मा पर कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। चारों पुलिस कर्मियों को शासकीय सेवा से जुलाई में ही बर्खास्त कर दिया था। वहीं हनी ट्रेप मामले की मास्टरमाइंड आरोपी सुनीता ठाकुर की न्यायालय से जमानत याचिका दो बार खारिज उसे जेल भेज दिया था।

 

मंगलवार की रात 4 पुलिसकर्मियों और ब्लैकमेलिंग में उनकी साथी सुनीता ठाकुर के खिलाफ कोतवाली थाने में आपराधिक गतिविधियों में लिप्तता, षड्यंत्र व छल के प्रयोजन से कूट रचना का मामला धारा 509/21,384,389,465,468,47 (1),120 (बी) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। सभी पर गैर जमानती धारा भी  लगी है। कोतवाली थाना प्रभारी संतोष सिंह चौहान ने बताया कि सभी पर मामला दर्ज किया है। उनके खिलाफ वर्दी के धौंस में डरा धमका कर अवैध वसूली, 376 की धमकी देकर आपराधिक षड्यंत्र करना, नकली आवेदन व फर्जी आवेदन बनाकर डराना धमकाना आदि आरोप हैं। उन्होंने बताया कि विवेचना उपरांत इन सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की जायेगी। घटना 7 जनवरी 2021 की है।

 

ये था पूरा मामला

हनी ट्रेप मामले में आरोपी सुनीता ठाकुर के साथ कोतवाली थाने के तीन पुलिसकर्मियों सब इंस्पेक्टर रहे जय नलवाया, कोतवाली थाने की प्रधान आरक्षक रहीं ज्योति मांझी और आरक्षक मनोज वर्मा को एसपी ने मामला सामने आने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। वहीं एक अन्य प्रधान आरक्षक ताराचंद जाटव का नाम जांच के दौरान सामने आने के बाद उसे भी निलंबित कर दिया गया। जांच के दौरान सामने आया था कि हनी ट्रेप के आरोपी पुलिसकर्मी कोतवाली थाने से अलग समानांतर थाना सेठानी घाट से संचालित कर रहे थे।

 

दरअसल यह गैंग सुनियोजित तरीके से अपने जाल में लोगों को फंसाती थी। इसका खुलासा एसपी की जांच के दौरान हुआ, जब प्रधान आरक्षक रही ज्योति मांझी के पास से आठ ऐसे लोगों के आवेदन और सब इंस्पेक्टर रहे जय नलवाया के पास से एक आवेदन मिला जिनका कोतवाली थाने में कोई रिकार्ड ही नहीं था। हनी ट्रेप की यह गैंग आरोपी महिला सुनीता के शिकार को बाद में ब्लैकमैल करती थी। सुनीता से आवेदन लेकर पुलिसकर्मियों की यह गैंग संबंधितों को बुलाकर न सिर्फ डराती थी, बल्कि ब्लैकमैल कर मनमाने रुपए वसूलती थी। इस मामले में होशंगाबाद रेंज के उप पुलिस महानिरीक्षक जगत सिंह राजपूत ने कोतवाली थाने के निलंबित उपनिरीक्षक जय नलवाया को शासकीय सेवा से अयोग्य पाते हुए पुलिस की नौकरी से बर्खास्त कर दिया। डीआईजी राजपूत ने होशंगाबाद एसपी द्वारा भेजी गई जांच रिपोर्ट बाद कार्रवाई की थी। मंगल की देर रात 11 बजे कोतवाली थाने में महिला आरोपी सहित 4 पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज हुई। अब विवेचना उपरांत सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।