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शिवंगगा द्वारा जल, जंगल, जमीन के संरक्षण हेतु शिवजी का हलमा का चार दिवसीय वृहद आयोजन 24 फरवरी से

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गैती यात्रा, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हाथीपावा पर 60 करोड़ लीटर जल संरक्षण हेतु 1 लाख कंटूर ट्रेंच का होगा निर्माण, मप्र, गुजरात, राजस्थान के 1500 गांवों के 2 लाख परिवारों को दिया जा रहा निमंत्रण
महामहिम राष्ट्रपति, मप्र के महामहिम राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री को भी समारोह में पधारने का षिवगंगा परिवार ने दिया है आमंत्रण

झाबुआ। राकेश पोद्दार। शिवंगगा द्वारा जल, जंगल, जमीन के संरक्षण-संवर्धन हेतु प्रतिवर्ष ‘‘षिवजी का हलमा’’ नाम से आयोजन किया जाता है, जो लगातार अब व्यापक स्तर पर होने लगा है। पहले उक्त कार्यक्रम में जिले के ग्रामीण महिला-पुरूष सहभागिता करते थे, लेकिन अब मप्र के साथ पड़ौसी राज्य गुजरात और राजस्थान में भी परिवारजनों को निमंत्रण दिया जा रहा है। इस वर्ष यह कार्यक्रम 24, 25, 26 एवं 27 फरवरी को आयोजित होगा। जिसमें मुख्य रूप से गैती यात्रा, धर्म जागरण एवं सांस्कृति कार्यक्रमों के साथ शहर से सटे हाथीपावा पर इन तीन राज्यों के 1500 गांवांे के करीब 40 हजार ग्रामवासी एकत्रित होकर 1 लाख कंटूर ट्रेंच का निर्माण करेंगे। इस प्रकार आगामी वर्षाकाल में करीब 60 करोड़ लीटर जल सरंक्षित करने का प्रयास किया जाएगा।

आयोजन के संबंध में षिवगंगा के धरमपुरी स्थित गुरूकुल आश्रम पर कार्यक्रम का आयोजन हुआ। संचालन नीतिन धाकड़ ने किया। चार दिवसीय हलमा वृहद समारोह की रूपरेखा षिवगंगा के वरिष्ठ कार्यकर्ता राजाराज कटारा ने प्रस्तुत की। आपने बताया कि उक्त कार्यक्रम में देषभर के स्कूल, काॅलेज एवं इंस्टीट्यूट के विद्यार्थियों के साथ सामाजिक संस्थाओं, उद्योगिकी, शासन-प्रषासन से जुड़े लोगांे के साथ कई ख्यातनाम हस्तीयों को भी आमंत्रित किया है। तीन राज्यों में 2 लाख परिवारों तक पहुंचकर निमंत्रण दिया जा रहा है। पंजीयन का कार्य जारी है। बाहर से आने वाले समस्त आगुंतकों के लिए भोजन एवं आवास की व्यवस्था की जाएगी। वृहद पांडाल निर्माण के साथ विषेष तैयारियां शुरू कर दी गई है। विभिन्न दायित्व सौंपे गए है। जिसमंें संपूर्ण कार्यक्रम संयोजक रेमु वाखला एवं राजाराम कटारा, महाप्रबंधक सतीष अमलियार एवं भंवरसिंह भयड़िया, समन्वयक विक्रम गरवाल एवं सत्यजीत पटेल, प्रवक्ता विजेन्द्रसिंह अमलियार एवं कृष्णा निनामा, महासंपर्क एवं आमंत्रण हेतु हरीसिंह सिंगाड़ एवं नीतिन धाकड़ तथा देषभर के विद्यार्थियों और अतिथि स्वागत हेतु ऋषभ सेठ को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
क्या होंगे चार दिवसीय आयोजन
पद्मश्री षिवगंगा प्रमुख महेष शर्मा ने बताया कि चार दिवसीय आयोजन में 24 फरवरी को सभी का जिला मुख्यालय पर आगमन एवं दोपहर में भोजन बाद सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ सत्र हलमा फिल्म स्क्रीनिंग और चर्चा, 25 फरवरी को अभियान की व्यवस्थाओं हेतु अंतिम रूपरेखा, बाद विषाल गैती यात्रा एवं रात में भीली सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। 26 फरवरी को हाथीपावा पर हलमा कार्यक्रम अंतर्गत कंटूर निर्माण पश्चात् ग्रामवासियों का अपने-अपने ग्रामों के लिए प्रस्थान, 27 फरवरी को बाहर से पधारे आंगतुकांे द्वारा षिवगंगा गुरूकुल आश्रम भ्रमण एवं समापन सत्र होगा। पद्मश्री महेष शर्मा ने बताया कि उक्त वृहद समारोह में पधारने हेतु षिवगंगा परिवार की ओर से देष की महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु, मप्र के महामहिम राज्यपाल श्री मंगूबाई छगनभाई पटेल, मुख्यमंत्री श्री षिवराजसिंह चैहान आदि को आमंत्रण दिया गया है, लेकिन अभी तक अधिकृत स्वीकृति प्राप्त नहीं हुई है। चार दिवसीय आयोजन की तैयारियां जोर-षोर से जारी है।