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COVID-19 से लड़ाई में कर्मचारियों का खौफ, भोपाल में शिक्षकों की ड्यूटी रुकी

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भोपाल: इंदौर और भोपाल में हजारों की संख्या में शिक्षकों की ड्यूटी कोरोना सर्वे में लगा दी गई है। भोपाल में तो शिक्षकों के विरोध के बाद सरकार को फिलहाल यह निर्णय स्थगित करना पड़ा है लेकिन इंदौर में खास तौर पर महिला शिक्षिकाओं को घर-घर जाकर करोना सर्वे करना पड़ रहा है।

 

शिक्षकों के विरोध के चलते फिलहाल भोपाल में तो यह आदेश स्थगित करना पड़ा है लेकिन इंदौर में महिला शिक्षक इस तैनाती से खासी परेशान है। महिला शिक्षकों को कोरोना संक्रमित रेड स्पॉट और कंटेनमेंट क्षेत्र सहित अन्य इलाकों में भी जाकर घर-घर सर्वे करना पड़ रहा है। जिला प्रशासन से गुहार लगाने के बाद भी इंदौर में शिक्षकों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। जिला प्रशासन ने सर्वे करने वाली शिक्षकों की टीम के लिए सुरक्षा के सभी पर्याप्त प्रबंध भी नहीं किए हैं।

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गौरतलब है कि भोपाल में 1250 शिक्षकों की कोरोना सर्वे के लिए ड्यूटी लगाई गई थी। लेकिन विरोध के बाद इसे स्थगित कर दिया गया है। वहीं दूसरी और मंत्रालय में कर्मचारियों को लॉक डाउन के बीच काम पर बुलाए जाने को लेकर मंत्रालय कर्मचारी संघ इसके विरोध में आ खड़ा हुआ है। सामान्य प्रशासन विभाग ने 20 अप्रैल को सरकारी दफ्तरों में कामकाज शुरू करने को लेकर एक आदेश जारी कर कहा था कि भोपाल और इंदौर में 15 अप्रैल के पहले की स्थिति 3 मई तक जारी रखी जाएगी। अर्थात 3 मई तक काम-काज बंद रहेगा।

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मुख्यमंत्री ने यह भी कहा था कि वल्लभ भवन को भी हम फिलहाल नहीं खोल रहे हैं। इसके बावजूद मंत्रालय के कई विभागों जैसे आदिम जाति कल्याण विभाग, ग्रामोद्योग विभाग सहित अन्य कई विभागों  में अधिकारियों, तृतीय श्रेणी, चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी कर्मचारियों को मंत्रालय पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं।

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मंत्रालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुधीर नायक का कहना है कि मुख्यमंत्री की घोषणा के बावजूद मौखिक निर्देश पर अधिकारी अपने अमले को मंत्रालय बुला रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव केके सिंह और मुख्यमंत्री के सचिव और उप सचिव को पत्र लिखकर कहा है कि अधिकारियों के मौखिक  निर्देश पर जो कर्मचारियों को बुलाया जा रहा है वह मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप नहीं हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा भी आवश्यक सावधानियों की अनदेखी करने के परिणाम हम सभी देख चुके हैं ।