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MP में फिर लगेगा बिजली का झटका, नए कनेक्शन में 70 फीसदी तक वृद्धि का प्रस्ताव

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भोपाल। पेट्रोल-डीजल के बाद मध्यप्रदेश में लोगों को महंगाई की एक और मार पड़ी है। राज्य के उपभोक्ताओं को अब बिजली का झटका लगने वाला है। जबलपुर हाईकोर्ट ने मध्यप्रदेश विधुत नियामक आयोग के प्रस्तावित टैरिफ पर से स्टे हटा लिया है। ऐसे में अब तय माना जा रहा है कि बिजली कंपनियां अब पूर्व में प्रस्तावित टैरिफ को लागू करेंगी। इसके बाद नए कनेक्शन लेने वालों के 70 फीसदी तक ज्यादा बिल चुकाने होंगे।

विधुत नियामक आयोग ने बिजली उपभोक्ताओं को नए बिजली कनेक्शन लेने, नाम परिवर्तन कराने और लोड बढ़ाने के लिए सभी प्रकार के शुल्क में करीब 67 से 70 प्रतिशत तक की वृद्धि का प्रस्ताव रखा है। नई प्रस्तावित वृद्धि के तहत सिंगल फेज 3 किलोवाट के नए बिजली कनेक्शन के लिए मौजूदा समय में जो 600 रुपए चुकाने पड़ते हैं वह नई प्रस्तावित दरों के तहत 1020 रुपये चुकाने पड़ेंगे। यानी कुल ₹420 महंगा हो जाएगा।

थ्री फेज 5 किलोवाट मीटर कनेक्शन के लिए वर्तमान में 1800 रुपये का शुल्क लगता है। नये प्रस्ताव के तहत उपभोक्ताओं को 3000 रुपये चुकाने होंगे। बिजली का लोड बढ़ाने के लिए मौजूदा समय में प्रति किलोवाट 750 रुपये का शुल्क लगता है। नए प्रस्ताव के तहत वह 1260 रुपए हो जाएगी। विद्युत नियामक आयोग के नए प्रस्ताव का असर घरेलू कनेक्शन लेने वाले, दुकानदारों और कमर्शियल कनेक्शन लेने वालों पर भी पड़ेगा।

नए प्रस्ताव को लेकर यह तय माना जा रहा है कि इस बढ़ोत्तरी से हर वर्ग को बिजली का जोरदार झटका लगेगा। बिजली बिल में बढोतरी की बात करें तो प्रस्तावित टैरिफ में 6.23 फीसदी बिल बढ़ाने की बात है। प्रस्ताव के मुताबिक घरेलू श्रेणी में 8.32 फीसदी, कृषि पंप में 8.13 फीसदी, सार्वजनिक जल प्रदाय में 6.04 फीसदी और औद्योगिक श्रेणी में 2.59 फीसदी की बढ़ोतरी होगी।

बिजली बिलों में वृद्धि के प्रस्ताव को लेकर मध्यप्रदेश कांग्रेस ने राज्य सरकार को निशाने पर लिया है। कांग्रेस ने ट्वीट किया, ‘मध्यप्रदेश में फिर महंगी होगी बिजली, — अब 8.32% महंगी बिजली गरीबों को रूलायेगी; विधायक ख़रीदकर मुख्यमंत्री बने शिवराज ने देश का सबसे महँगा डीजल-पेट्रोल बेंचने के बाद अब सबसे महँगी बिजली का भी संकल्प लिया है। शिवराज जी,एक तरफ़ महामारी की मार, दूसरी तरफ़ शवराज का प्रहार।’

 

दरअसल, जबलपुर हाईकोर्ट ने बीते 16 मार्च को प्रस्तावित टैरिफ पर स्टे लगा दिया था। इस मामले में टीकमगढ़ के निर्मल लोहिया ने जबलपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया था कि मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने बिजली के दाम बढ़ाने के खिलाफ आपत्ति पर सुनवाई नहीं की। मामले पर मंगलवार को अंतिम सुनवाई करते हुए कोर्ट ने याचिका ख़रीज कर दिया। इसके बाद अब विधुत नियामक आयोग टैरिफ बढ़ाने के लिए स्वतंत्र हो गयी है।