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बस स्टैंड पर निजी बस के ब्रेक फैल होने से युवक पर चढ़ी बस, मौके पर ही युवक की हुई दर्दनाक मौत

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अव्यवस्थाओ के चलते जिला प्रशासन और परिवहन विभाग का नही है इस ओर ध्यान

मृतक के परिवारजनों ने बस स्टैंड पर जमकर मचाया हंगामा

झाबुआ। राकेश पोद्दार। शहर के मध्य बस स्टैंड पर 8 नवंबर, मंगलवार को दोपहर ठीक 12.45 बजे एक दर्दनाक हादसा हुआ। जिसमें एक निजी माही बस के ब्रेक फैल होने से चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा और बस ने आगे खड़ी एक अन्य जैन बस की डिक्की से सामान उतार रहे समीपस्थ ग्राम करड़ावद बड़ी निवासी युवक पर पूरी तरह वाहन चढ़ जाने से युवक की मौके पर दर्दनाक मृत्यु हो गई। उक्त दुर्घटना के बाद लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। दुर्घटनास्थल से तत्काल ही बस चालक और परिचालक वाहन को वहीं छोड़कर फरार हो गए।

इसी बीच मृतक के परिवाजन भी पहुंचे और उनमें आक्रोष अधिक होने के कारण उन्होंने बस के कांच फोड़ने के साथ बस को जलाने के भी प्रयास किए गए। मृतक के भाई द्वारा अपने शरीर पर पेट्रोल या कैरोसीन डालकर स्वयं को जलाने का प्रयास किया, लेकिन प्रषासन एवं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की सूझबूझ और नियंत्रण के चलते जैसे-तैसे पूरे मामले को शांत किया गया। दुर्घटना बाद मृतक के शव का पोस्टमार्टम जिला चिकित्सालय मंें हुआ। बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। वहीं दुर्घटना में पुलिस थाना झाबुआ पर मर्ग कायम कर पूरे घटनाक्रम का वास्तविक पता लगाए जाने के साथ सभी पहलूओं पर जांच बाद आरोपियों पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।
ब्रेंक फैल होने से युवक पर पूरी तरह चढ़ गई बस
प्रत्यक्षदर्षियों के अनुसार दुर्घटना दोपहर ठीक 12.45 बजे की है। जिसमें शहर के समीपस्थ ग्राम करड़ावद बड़ी के भगत फलिया निवासी मुकेश पिता पीषू डामोर उम्र करीब 30 वर्ष जैन बस से सफर कर स्थानीय बस स्टैंड पर उतरा ही था और बस की साईड वाली डिक्की से अपना सामान उतार रहा था। तभी पीछे से निजी माही बस क्रमांक एमपी-13, पी-3033, जो मेघगनर, बाग, टांडा, बोरी, पारा से झाबुआ रूट पर चलती है। वह मेघनगर से झाबुआ बस स्टैंड पर इंटर हुई थी और अचानक से बस के ब्रेक फैल हो गए। जिसके कारण चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा और उक्त बस आगे वाली बस की डिक्की से सामान उतार रहे मुकेष पर पूरी तरह चढ़ गई। युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इसीबीच मौका पाते ही चालक-परिचालक वहां से भाग खड़े गए। आक्रोशित भीड़ ने बस के आगे के कांच फोड़ दिए। सूचना मिलने पर रक्षित निरीक्षक एवं यातायात प्रभारी ठाकुर रणजीत सिंह, एसडीओपी झाबुआ बबीता बामनिया, ट्राफिक सूबदार विजेन्द्र ंिसंह मुजाल्दा, एसआई पीएस सिर्वी एवं श्याम कुमावत, एएसआई जगदीषचन्द्र सोलंकी आदि ने पहुचंकर भीड़ को शांत किया।

परिवारजनों में छाया घोर मातम
इसी बीच पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए वाहन से जिला चिकित्सालय भिजवाया। परिवारजनांे को सूचना मिलने पर ग्राम करड़ावद बड़ी से मृतक की मां एवं भाईयों तथा रिष्तेदारों ने पहुंचकर बस स्टैंड दुर्घटनास्थल पर जमकर हंगामा किया। परिवारजनों में घोर विलाप छाने के साथ मृतक की मां बस के सामने ही बैठ गई और रोने लगी। वहीं इस दौरान मृतक के भाई ने बस के अंदर प्रवेश कर माचिस से बस में आग लगाने के भी प्रयास किए। आक्रोश इतना अधिक रहा कि बस के कांच फोड़े जाने के साथ मृतक के भाई ने खुद पर कैरोसीन या पेट्रोल कैन से उंडेलते हुए खुद को जलाने के भी प्रयास किए, लेकिन पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने उसे समझाईष दी और शांत किया।

बाहर से बुलवाया पुलिस बल, बस स्टैंड को पुलिस छावनी में किया तब्दील
रक्षित निरीक्षक ठा. रणजीत सिंह द्वारा दुर्घटना की सूचना पुलिस अधीक्षक को दिए जाने के साथ ही उनके निर्देश पर बाहर से पुलिस सुरक्षा बल बुलवाया गया। मौके पर डीआरपी लाईन से पुलिस का वाहन पूरी सुरक्षा के साथ बस स्टैंड पहुंचा। वहीं इसी बीच एएसपी पीएल कुर्वे, अजाक थाने के डीएसपी राकेश आर्य, रानापुर थाना प्रभारी कैलाश चैहान, कालीदेवी थाना प्रभारी भेरूसिंह रावत के साथ जिला प्रशासन से अपर कलेक्टर आरएस मुजाल्दे, नायब तहसीलदार जितेन्द्रसिंह सोलंकी ने भी पहुंचकर परिवारजनों को समझाईश देने के साथ पूरी स्थिति पर काबू पाया गया। नगरपालिका की फायर ब्रिगेड पहुंचने के साथ जेसीबी मषीन भी सफाई हेतु बुलवाई गई। करीब डेढ़ से दो घंटे तक पूरे बस स्टैंड को पुलिस छावनी में तब्दील रखा गया। इस दौरान बस स्टैंड पर सत्त लोगों की भारी भीड़ भी जमा होती रहंी।

बसो की अव्यवस्थाओ के चलते होती परेशानी
झाबुआ बस स्टेण्ड पर अव्यवस्था काफी हद तक है जहां बस चालको द्वारा बसो को निर्धारित समय के पूर्व ही बस स्टैण्ड पर लाकर खडा कर दिया जाता है। तो कई बस चलाक आने ओर जाने के समय का भी ध्यान नही रखते है तथा बस चालक इन बसो को व्यवस्थित तरिके से बस स्टैण्ड पर खडे कर देते है। वही हाथ ठेले वालो ने बस स्टैण्ड पर अव्यवस्था बनाने मे कोई कसर तक नही छोडी है। वही दूसरी ओर आॅटो चालको के द्वारा भी मनमर्जी से वाहनो को कही भी खडा कर दिया जाता है। वही बस स्टैण्ड पर चार पहिया वाहनो की भी जमकर पार्किंग हो रही है जिस पर यातायात विभाग अनदेखी कर रहा है। इन अव्यवस्थाओ के चलते बस स्टैण्ड पर आने जाने वालो सहित आसपास के स्कूलो के बच्चो को भी परेशानी का सामना करना पडता है। तात्कालिन कलेक्टर चन्द्रशेखर बोरकर द्वारा बस स्टैण्ड की अव्यवस्थाओ को दुर कर व्यवस्था सुधारी थी लेकिन उनके जाते ही अव्यवस्था ने अपना डेरा जमा लिया। जिला प्रशासन और परिवहन विभाग की लापरवाही के चलते बस स्टैण्ड क्षैत्र मे अव्यवस्था बिगडती हुई जा रही है। जिसके कारण यात्रियो एवं आमजन का परेशान होना पड रहा है।
जिला चिकित्सालय में हुआ पीएम
मृतक के शव का पोस्टमार्टम दोपहर बाद तक जिला चिकित्सालय में होने के बाद शव परिवारजनों को सौंप दिया गया। एसडीओपी झाबुआ बबीता बामनिया ने बताया कि दुर्घटना में फिलहाल मर्ग कायम किया गया है। पहले दुर्घटना की वास्तविक स्थिति का पता लगाया जाएगा। प्रत्यक्षदर्षियों एवं सभी के बयान लेने बाद दोषियों पर मुकदमा कायम कर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल माही बस को जप्ती मंे लेते हुए पुलिस थाने पर खड़ा करवाया गया है। ज्ञातव्य रहे कि मृतक मुकेष डामोर विवाहित होकर उसके दो बच्चें भी है। बताया जाता है कि पत्नि और बच्चें फिलहाल गुजरात मजूदरी पर है। मृतक भी संभवतः बस में सफर कर झाबुआ बस स्टैड पर आया ही था, लेकिन अपने घर भगत फलिया, करड़ावद बड़ी पहुंचने से पूर्व ही हादसे में उसकी दर्दनाक मृत्यु हो गई।