Home National DRDO को एक और बड़ी सफलता, इस मारक मिसाइल के किए बैक...

DRDO को एक और बड़ी सफलता, इस मारक मिसाइल के किए बैक टू बैक सफल परीक्षण | DRDO-developed Very Short Range Air Defence System Flight test conducted in odisha

7
0

डीआरडीओ द्वारा विकसित ये मिसाइल कम दूरी परकम ऊंचाई पर मौजूद हवाई खतरों को बेअसर कर सकता है.

DRDO को एक और बड़ी सफलता

Image Credit source: वीडियो ग्रैब

ओडिशा में रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने एक और मिसाइल का सफल परीक्षण किया है. डीआरडीओ द्वारा विकसित की गई वेरी शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टम का सफस परीक्षण मंगलवार को ओडिशा के तट से किया गया. जानकारी के मुताबिक डीआरडीओ ने ओडिशा तट पर चांदीपुर में एकीकृत परीक्षण रेंज से मिसाइल के दो बैक टू बैक सफल परीक्षण किए.

न्यूज एजेंसी एएनआई ने इसका एक वीडियो भी शेयर किया है जिसमें मिसाइल का सफल परीक्षण देखा जा सकता है. डीआरडीओ ने इससे पहले भी इस मिसाइल का परीक्षण किया है. रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा हाई स्पीड वाले मानव रहित हवाई लक्ष्यों के खिलाफ ग्राउंड-बेस्ड मैन पोर्टेबल लॉन्चर से फ्लाइट टेस्ट किए गए और मिशन के सभी उद्देश्यों को पूरा करते हुए, लक्ष्यों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया गया.

मैन-पोर्टेबल एयर डिफेंस सिस्टम

VSHORADS, एक मैन-पोर्टेबल एयर डिफेंस सिस्टम है, जो कम दूरी पर और कम ऊंचाई पर मौजूद हवाई खतरों को बेअसर कर सकता है. वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि नई तकनीकों से लैस मिसाइल सशस्त्र बलों को और तकनीकी बढ़ावा देगी.

बता दें, इससे पहले जनवरी में, DAC ने वायु रक्षा हथियार और स्वदेशी हेलीकॉप्टर से लॉन्च की जाने वाली एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल सहित 4,276 करोड़ रुपए के सैन्य हार्डवेयर की खरीद को मंजूरी दी थी. DAC भारत की शीर्ष हथियार खरीद संस्था है.

यह भी पढ़ें: हर गांव तक पहुंच बनाने में जुटा RS स पर पावर टेक ऑफ (पीटीओ) शाफ्ट का भी सफल उड़ान परीक्षण किया गया है. बता दें, पीटीओ एक बहुत जरूरी उपकरण होता है जो विमान के इंजन से गियरबॉक्स तक ऊर्जा पहुंचाता है.

रक्षा मंत्रालय ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि पीटीओ शाफ्ट का पहला सफल परीक्षण एलसीए तेजस लिमिटेड सीरीज प्रोडक्शन (एलएसपी)-3 विमान पर किया गया. मंत्रालय ने कहा, इस सफल परीक्षण के साथ, डीआरडीओ ने जटिल हाई-स्पीड रोटर तकनीक को साकार करके एक बड़ी तकनीकी उपलब्धि हासिल की है, जो केवल कुछ देशों ने हासिल की है.

(भाषा से इनपुट)