Home Jhabua ई-काॅमस प्लेटफार्म पर संचालित अवैध व्यवसायिक गतिविधियो को लेकर कान्फेडरेशन आल इंडिया...

ई-काॅमस प्लेटफार्म पर संचालित अवैध व्यवसायिक गतिविधियो को लेकर कान्फेडरेशन आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने कलेक्टोरेट परिसर में धरना देकर नारेबाजी की

14
0

देश के प्रधानमंत्री के नाम एसडीएम झाबुआ श्री गर्ग को सौंपा ज्ञापन

झाबुआ। राकेश पोद्दार।नगर संवाददाता। ई-काॅमर्स प्लेटफार्म पर संचालित हो रहीं लगातार अवैधानिक व्यवसायिक गतिविधियों को लेकर संपूर्ण देश में 24 नवंबर, बुधवार को जंगी धरना प्रदर्शन-ज्ञापनों के क्रम में मप्र के झाबुआ जिले में भी जिला मुख्यालय पर काॅन्फेडरेषन आॅफ आॅल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) द्वारा दोपहर 3.30 बजे कलेक्ट्रोरेट परिसर में कुछ देर धरना देकर नारेबाजी की गई। बाद देश के प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन एसडीएम झाबुआ लक्ष्मीनारायण गर्ग को सौंपा गया।
ज्ञापन कैट के जिलाध्यक्ष मुकेश जैन ‘नाकोड़ा’ के नेतृत्व में उपस्थित वरिष्ठ सदस्यांे में अशोक सकलेचा, दीपेश बबलू सकलेचा, पूर्वश कटारिया, अमित जैन, अशोक कटकानी, मनोज संघवी अमित मेहता, जयेश खेमसरा, कुलदीप घोड़ावत, पराग रूनवाल, अर्पित संघवी, अमित मेहता आदि ने प्रेषित किया। वाचन युवा सदस्य दीपेश बबलू सकलेचा ने किया। जिसमे उल्लेख किया गया कि ई-काॅमस प्लेटफार्म पर लगातार अवैध व्यवसायिक गतिविधियां संचालित हो रीा है। जिसका पूरे देश में कैट उम्र विरोध करता है। ताजा मामला सुर्खियांे में आया है कि यूएस कंपनी अमेजन के ई-काॅमर्स पोर्टल के माध्यम से मारिज आना दवा की बिक्री हो रहीं है। जिसका रैकेट मप्र में पकड़ा गया है। इसी क्रम में भिंड जिले में भी मप्र पुलिस ने 20 नवंबर को एक ओर आॅपरेशन किया, जहां 17 किलो गांजा बरामद किया गया। जिसे अमेजन ई-कामर्स पोर्टल के माध्यम से बेचा गया। एक अन्य छापेमारी में मप्र पुलिस की सूचना पर विशाखापट्टनम पुलिस ने 48 किलो गांजा की दवा जब्त की है, जो अमेजन के ई-कामर्स पोर्टल के जरिये भी बेची जाती थी। एमपी पुलिस ने जांच के बाद इस मामले में अमेजन के कार्यकारी निर्देशकों को आरोपी बनाया है।
नशीले पदार्थ बेचने के लगातार मामले में आ रहे सामने
लगातार अमेजन एवं ई-काॅमर्स कंपनियों के खिलाफ नशीले पदार्थ बेचने के मामले सामने आ रहे है, बावजूद इसके अब तक इन कंपिनयांे के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है। ई-काॅमर्स कंपनियांे की वर्तमान व्यवसायिक प्रथाएं बड़ी मात्रा में कर चोरी में लिप्त है। इससे केंद्र और राज्य सरकारों को जीएसटी राजस्व का भारी नुकसान हुआ है।
यह की गई मांग
ज्ञापन में आगे कहा गया कि ई-काॅमस कंपनियों के खिलाफ अन्य कई पुख्ता सबूत होने के बाद भी केंद्र सरकार ओैर राज्य सरकार द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने से समस्त भारत में विरोध के स्वर बुलंद है। अंत में प्रधानमंत्री से मांग की गई कि उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय को लंबे समय से लंबित ई-कामर्स नियमों को अधिसूचित करने और वाणिज्य मंत्रालय द्वारा ई-काॅमर्स नीति जारी करने तथा प्रेस नोट संख्या की जगह एक नए प्रेस नोट जारी करने के निर्देश देने हेतु अनुरोध किया गया। बाद एसडीएम श्री गर्ग ने उक्त ज्ञापन को उच्च स्तर पर प्रेषित करने हेतु आश्वस्त किया।