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शीतला सप्तमी पर व्रत रखकर माता शीतला की विधि विधान से किया पूजन

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महिलाओं ने बच्चों की दीर्घायु और अच्छे स्वास्थ्य के लिए कामना की

झाबुआ। राकेश पोद्दार। हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र मास कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को शीतला सप्तमी के रूप में मनाया जाता है। इस दिन बच्चों की दीर्घायु और अच्छे स्वास्थ्य के लिए माता शीतला की पूजा की जाती है। इस दिन देवी शीतला को ठंडे व बासी भोजन का भोग लगाया जाता है।

धार्मिक मान्यताओं अनुसार शीतला माता की पूजा से महामारियों से रक्षा होती है। कहते हैं जो व्यक्ति शीतला सप्तमी पर व्रत रखकर माता शीतला की विधि विधान पूजा करता है उसे चेचक, बुखार, फोड़े-फुंसी और आंखों से जुड़ी समस्याओं से छुटकारा मिल जाता है । हिंदू भक्त अपने परिवार के सदस्यों, विशेषकर बच्चों को चिकन पॉक्स और चेचक जैसी संक्रामक बीमारियों से बचाने के लिए देवी शीतला की पूजा करते हैं. शीतला सप्तमी देवी शीतला या शीतला माता को समर्पित महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार है।
शहर में भी शीतला सप्तमी का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। अलसुबह करीब 4 बजे से ही महिलाएं शहर के विभिन्न स्थानों पर, शीतला माता मंदिर पर पूजन किया। शहर में सुबह से ही महिलाएं हाथ में पूजन खाली लिए हुए मंदिर की ओर जाती हुई नजर आई । सर्वप्रथम महिलाओं द्वारा शीतला माता मंदिर पर माता को जल अर्पण किया । तत्पश्चात फुल व माला चढ़ाई। इसके पश्चात कुमकुम व चावल चढ़ाएं द्य महिलाओं द्वारा शीतला सप्तमी के एक दिन पहले मीठा भात (ओलिया), खाजा, चूरमा, मगद, नमक पारे, शक्कर पारे, बेसन चक्की, पुए, पकौड़ी, राबड़ी, बाजरे की रोटी, पूड़ी, सब्जी आदि जो बनाए, उनका भोग लगाया। नारियल भी चढाया । पश्चात महिलाओं द्वारा परिवार की सुख समृद्धि की कामना की व बच्चों के दीर्घायु व अच्छे स्वास्थ्य की कामना शीतला माता से की। इसके बाद महिलाओं द्वारा माता जी के मंदिर की दीवारों पर स्वस्तिक चिन्ह बनाकर पूजन किया वही महिलाओं ने एक दूसरे को कुमकुम लगाकर शीतला सप्तमी पर्व मनाया। इसके बाद महिलाओं ने पीपल देवता का भी विधि विधान अनुसार पूजन किया। शहर में राजवाड़ा स्थित बड़ा तालाब के सामने शीतला माता मंदिर, पुलिस लाईन स्थित शंकर मंदिर पर, सिद्धेश्वर कॉलोनी, हाऊसिंग बोर्ड आदि अनेक स्थानों पर विधि-विधान अनुसार शीतला माता का पूजन किया गया । पुरुष वर्ग द्वारा भी शीतला सप्तमी पर शीतला माता के दर्शन किए। इस प्रकार पूरी विधि-विधान अनुसार शहर में शीतला सप्तमी पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया ।