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BJP सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने सांडों की नसबंदी का विरोध किया, कहा

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BJP MP Pragya Thakur opposes sterilization bulls sando ki nasnbandi says this playing with nature cgnt - BJP सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने सांडों की नसबंदी का विरोध किया, कहा
प्रज्ञा ठाकुर ने सांडों की नसबंदी का विरोध किया है. फाइल फोटो.

भोपाल (Bhopal) में देसी सांडों की नसबंदी किए जाने का विरोध सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने कर दिया है. सांसद ने न सिर्फ इसको लेकर राज्य के सीएम शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan), पशुपालन मंत्री और कलेक्टर से बात भी की.

 

भोपाल. अपने बयानों से चर्चा में रहने वाली भोपाल (Bhopal) से बीजेपी सांसद (BJP MP) प्रज्ञा ठाकुर (Pragya Thakur) अब सांडों (Bull) को लेकर चर्चा में हैं. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल में देसी सांडों की नसबंदी किए जाने का विरोध सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने कर दिया है. सांसद प्रज्ञा ने न सिर्फ इसको लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखा, बल्कि उन्होंने राज्य के सीएम शिवराज सिंह चौहान, पशुपालन मंत्री और कलेक्टर से बात भी की. उनकी मांग है कि भोपाल कलेक्टर के द्वारा जारी किए गए नसबंदी के आदेश को रोका जाए. सांडों की नसबंदी को प्रज्ञा ठाकुर ने प्रकृति से खिलवाड़ बताया है.

मिली जानकारी के अनुसार भोपाल कलेक्टर ने 29 सितंबर 2021 को सांडों की नसबंदी को लेकर आदेश जारी किए थे. इसमें संबंधित अधिकारियों को 4 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक नसंबदी अभियान चलाने के लिए कहा गया था. आदेश में लिखा था कि गांव में पशुपालकों के पास, गौशालाओं में उपलब्ध और निकष्ट सांडों के नसबंदी विभागीय और गैर विभागीय निशुल्क की जा रही है. इसमें संबंधित अधिकारियों को अभियान की शत प्रतिशत लक्ष्य सुनिश्चित करने की बात कही गई है. साथ ही अधिकारियों को दिशा-निर्देश भी दिए गए हैं. इसको लेकर ही सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने विरोध जताया है.

प्रज्ञा ने आदेश पर रोक लगाने की मांग
भोपाल सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने सांडों की नसबंदी को रोकने के लिए तमाम जगहों पर बातचीत की है. उन्होंने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि सांडों को गलत तरीके से और निर्दयता से नसबंदी करने की जानकारी मिली. इस संबंध में उन्होंने तत्काल भोपाल कलेक्टर, पशुपालन मंत्री और मुख्यमंत्री से रोक लगाने का आग्रह किया. उन्होंने इसे प्रक्रति के साथ खिलवाड़ बताया है. यदि देसी सांडों की नसबंदी की गई तो नस्ल ही खत्म हो जाएगी. हालांकि सांसद की सीएम, मंत्री और कलेक्टर से बातचीत को लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. अब तक आदेश पर रोक भी नहीं लगी है.