Home Jhabua झाबुआ की भुरी बाई ने प्रधानमंत्री का भेंट की पिथौरा पेटिंग

झाबुआ की भुरी बाई ने प्रधानमंत्री का भेंट की पिथौरा पेटिंग

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राजधानी में जनजातिया गौरव दिवस पर पधारे प्रधानमंत्री मोदी का झाबुआ की जैकेट पहिनाकर किया गया स्वागत

प्रधानमंत्री ने कहा हूं तमारो स्वागत करू

झाबुआ । राकेश पोद्दार। नगर संवाददाता। प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी अमर शहीद बिरसा मुंडा की जयंती पर जनजातीय गौरव दिवस समारोह में शामिल होने के लिए भोपाल के जंबूरी मैदान स्थित मंच पर पहुंचे । यहां आदिवासी कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य के साथ उनका स्वागत किया। मंच पर प्रधानमंत्री को झाबुआ से लाई गई आदिवासियों की पारंपरिक जैकेट और डिंडोरी से लाया गया आदिवासी साफा पहनाया गया।
इस कार्यक्रम में पूरे राज्य से करीब 2 लाख आदिवासी पहुंचे हैं। वे ढोल, नगाड़े, मांदल की थाप और तुरही तान पर नाचते हुए जंबूरी मैदान पहुंचे। सांसद गुमानसिंह डामोर भी इस अववसर पर उपस्थित रहें । पद्मश्री श्रीमती भूरीबाई ने प्रधानमंत्री को आदिवासी संस्कृति की पिथोरा पेंटिंग देकर उनका स्वागत किया ।
दोपहर 1.39 बजे मंच पर आए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री ने कमलनाथ और दिग्विजय को घेरा। उन्होंने कहा कि दो-दो पूर्व मुख्यमंत्री हम पर हमला कर रहे हैं। जो कहते थे बीजेपी आदिवासी विरोधी है, आज वही कह रहे हैं कि जनजातीय सम्मेलन फिजूलखर्ची है। पेसा कानून चरणबद्ध तरीके से पूरे मध्य प्रदेश में लागू किया जाएगा। आबकारी नीति ऐसी बनाई जाएगी, जो आपकी परंपराओं का पालन करे। जनजातीय भाइयों का कर्जा माफ करवाया जाएगा। हर गांव में आदिवासी भाई-बहनों को ट्रेंड कर रोजगार दिया जाएगा। दोपहर 2.10 पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंच पर आए। उन्होंने मंच से आदिवासी नागरिकों का स्वागत किया। कहा- हूं तमारो स्वागत करूं।
इस सम्मेलन में आदिवासी बाहुल्य झाबुआ जिले की छाप स्पष्ट रूप से दिखाई दी और झाबुआ का नाम बार मुख्य मंच से लिया गया यहां तक की झाबुआ के जनप्रतिनिधि भी मंच पर उपस्थित रहे। इस जनजातिय सम्मेलन में झाबुआ की उपलब्धी पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी प्रसंशा की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जो झूलडी पहनाई गई वह झाबुआ की थी जिसे प्रदेश आदिवासी मोर्चा के अध्यक्ष कलसिंग भाभर ने पहनाई वहीं झाबुआ के तिर कमान भी भेंट किये। झाबुआ की भूरिबाई जिन्हे हाल ही में पदमश्री प्राप्त हुआ है ने प्रधानमंत्री जी को पिथौरा की पेंटिग भी भेंट की। झाबुआ जिले के ग्राम नरसिंग रूंडा में शतप्रतिशत कोरोना टीकाकरण की दोनो डोज सफलता पूर्वक लगाकर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त करने पर पर लघु फिल्म भी दिखलाई गई जोकि झाबुआ कलेक्टर सोमेश मिश्रा के द्वारा किये जा रहे कार्याे की झलक दिखलाती है। झाबुआ के आदिवासी नेता व पूर्व सांसद दिलीप सिंह भूरिया के अध्यक्षता वाली पैसा एक्ट को भी लागू करने की चर्चा मंच से की गई, झाबुआ और आलिराजपुर जिले में सिकल सेल परियोजना भी आज से ही प्रारंभ की गई। मंच पर झाबुआ के कलसिंग भाभर, सांसद जी.एस.डामोर की उपस्थिति भी रही। जनजातिय समाज के लोगों को राष्ट्पति द्वारा सम्मानित किये जाने को भी प्रधानमंत्री ने सम्मानित जनजाति के लोगों को देश का हीरा बताया। मुफ्त राशन योजना, शिक्षा, वन कानून, नर्मदा जल आदि को लेकर भी झाबुआ और आलिराजपुर का नाम लिया गया। दोनों जिलों से जनजातीय वर्ग के लोगों की भारी उपस्थिति भी इस दौरान रही। कुल मिलाकर भोपाल में आयोजीत जनजातीय सम्मेलन में झाबुआ छाया रहा।
मोदी के भाषण की प्रमुख बातें.
सोमवार का दिन पूरे देश के लिए बहुत बड़ा दिन है। आज भारत अपना पहला जनजातीय गौरव दिवस मना रहा है। आजादी के बाद देश में पहली बार, इतने बड़े पैमाने पर पूरे देश के जनजातीय समाज की कला, संस्कृति, स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को गौरव के साथ याद किया जा रहा है।