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गुजरात के नवनियुक्त मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल आज लेंगे शपथ, जानें इनके बारे में

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गुजरात के नवनियुक्त मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल आज दोपहर बाद दो बज कर 20 मिनट पर राज्य के 17 वें मुख्यमंत्री के तौर पर पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे

गांधीनगर: गुजरात के नवनियुक्त मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल आज दोपहर बाद 2 बज कर 20 मिनट पर राज्य के 17 वें मुख्यमंत्री के तौर पर पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे।

राजभवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल आचार्य देवव्रत उन्हें शपथ दिलायेंगे। वह अकेले ही शपथ लेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भी इस अवसर पर उपस्थित रहने की सम्भावना है।

भूपेन्द्र पटेल ने कल शाम राजभवन जाकर राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश किया था। इस मौक़े पर केंद्रीय निरीक्षक नरेंद्र सिंह तोमर और प्रह्लाद जोशी (दोनो केंद्रीय मंत्री) तथा पार्टी के केंद्रीय महामंत्री तरुण चुघ , प्रदेश प्रमुख सी आर पाटिल और प्रदेश प्रभारी भूपेन्द्र यादव, पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और कई पूर्व मंत्री मौजूद थे, पर पूर्व उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल की अनुपस्थिति से उनकी नाराज़गी की अटकलें भी तेज़ हो गयी हैं।

सत्तारूढ़ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सी आर पाटिल ने बताया कि भूपेन्द्र पटेल अकेले ही शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह राजभवन में दोपहर 2 बज कर 20 मिनट पर आयोजित होगा। पार्टी संगठन के साथ चर्चा के बाद उसके अगले एक-दो दिन में मंत्रियों के नामों की घोषणा होगी। उन्होंने कहा कि अभी उपमुख्यमंत्री पद के लिए कोई चर्चा नहीं हुई है।

ज्ञातव्य है कि गुजरात में पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के अचानक इस्तीफ़ा देने के एक दिन बाद कल ज़बरदस्त राजनीतिक गहमागहमी और अटकलबाजियों के बीच भूपेन्द्र रजनीकांत पटेल को उनका उत्तराधिकारी चुन लिया गया।

पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती आनंदीबेन पटेल के क़रीबी 59 वर्षीय श्री पटेल वर्ष 2017 के पिछले चुनाव में ही पहली बार विधायक चुने गए थे। वह श्रीमती पटेल के विधानसभा क्षेत्र अहमदाबाद के घाटलोडिया से एक लाख से अधिक वोटों से जीते थे। घाटलोडिया भूपेन्द्र पटेल के स्वजातीय पाटीदार समुदाय की बहुलता वाला विधानसभा क्षेत्र है। वह मूल रूप से अहमदाबाद के ही रहने वाले है।

उनके नाम की घोषणा से एक बार फिर भाजपा का सबको चौकाने वाला निर्णय सामने आया है। हालांकि पूर्व की अटकलों के अनुरूप श्री पटेल पाटीदार समुदाय से ही आते हैं पर उनके नाम की दूर-दूर तक कोई चर्चा नहीं थी। भाजपा विधायक दल की बैठक में रूपाणी ने श्री भूपेन्द्र पटेल के रूप में एकमात्र नाम का प्रस्ताव किया जिसका अनुमोदन पूर्व उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल समेत अन्य विधायकों ने किया। उन्हें सर्वसम्मति से चुन लिया गया।

नए मंत्रिमंडल पर फैसला बाद में लिया जाएगा

पार्टी सूत्रों ने बताया कि सोमवार के शपथ ग्रहण समारोह में केवल पटेल शपथ लेंगे और गुजरात के नए मंत्रिमंडल के बारे में निर्णय बाद में लिया जाएगा।

गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने पटेल को मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के लिए रविवार को आमंत्रित किया। राज्यपाल ने ट्वीट किया, ‘‘भाजपा विधायक दल के नए नेता भूपेंद्रभाई पटेल ने अपने नेतृत्व में सरकार बनाने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया था। प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए उन्हें 13 सितंबर को अपराह्न 2:20 बजे मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के लिए आमंत्रित किया गया है।’’

शपथ ग्रहण समाराोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भाग ले सकते हैं। शाह ने कल ट्वीट किया था, ‘‘मुझे विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिशानिर्देश में और पटेल के नेतृत्व में राज्य की विकास यात्रा को नयी ऊर्जा और गति मिलेगी।’’

भाजपा के एक प्रवक्ता ने बताया कि मोदी ने रविवार को पटेल से फोन पर बात की और उन्हें बधाई दी।

समर्थकों के बीच ‘दादा’ नाम से लोकप्रिय हैं भूपेंद्र पटेल

सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा धारी और अपने समर्थकों के बीच ‘दादा’ के नाम से पुकारे जाने वाले पटेल को गुजरात की पूर्व मुख्यमंत्री और अब उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का करीबी माना जाता है। वह जिस विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं, वो गांधीनगर लोकसभा सीट का हिस्सा है, जहां से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सांसद हैं।

भाजपा की गुजरात इकाई के अध्यक्ष सी आर पाटिल ने कहा कि जमीनी स्तर पर पटेल का कामकाज, सहकारिता क्षेत्र पर उनकी पकड़, पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ जुड़ाव और प्रशासनिक क्षमताएं जैसे गुणों के कारण उन्हें यह जिम्मेदारी दी गयी है।

गुजरात में पाटीदार जाति का वर्चस्व है और बड़ी संख्या में मतदाता इसी जाति के हैं। रुपाणी भाजपा शासित राज्यों में कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के दौरान पद छोड़ने वाले चौथे मुख्यमंत्री हैं।

 

पेशे से बिल्डर रहे श्री पटेल उस सरदारधाम ट्रस्ट के ट्रस्टी भी हैं जिसके भवन का उद्घाटन अहमदाबाद में ऑनलाइन परसों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। उसी कार्यक्रम के बाद श्री रूपाणी ने अचानक इस्तीफ़ा दे दिया था।

अहमदाबाद अर्बन डिवेलप्मेंट अथॉरिटी के प्रमुख रहे श्री पटेल कार्यकाल के हिसाब से गुजरात के 22 वें तथा चेहरे के लिहाज़ से 17 वें मुख्यमंत्री होंगे।

ज्ञातव्य है कि श्री रूपाणी के इस्तीफ़े के बाद से अधिकतर राजनीतिक प्रेक्षकों का यह मानना था कि अगला मुख्यमंत्री राज्य में दबंग माने जाने वाले पाटीदार समुदाय का होगा। और ऐसा हुआ भी। पर जो नाम मुख्यमंत्री पद की दौड़ में आगे माने जा रहे थे उनमें पाटीदार जाति के दो केंद्रीय मंत्री सर्वश्री मनसुख मांडविया, परशोत्तम रूपाला, उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल, राज्य भाजपा उपाध्यक्ष गोरधन झड़फ़िया, पूर्व मंत्री प्रफुल्ल पटेल, निवर्तमान कृषि मंत्री आर सी फलदु प्रमुख थे। इनके अलावा राज्य के क़ानून मंत्री प्रदीप सिंह जडेजा, भाजपा प्रमुख सी आर पाटिल, वन मंत्री गणपत वसावा जैसे ग़ैर पाटीदार नेताओं के नाम भी इस रेस में शामिल बताए जा रहे थे। वैसे भाजपा आलाकमान को ऐसे मामलों में ‘आश्चर्य’ में डालने वाले फ़ैसले लेने के लिए पहले से जाना जाता रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह राज्य गुजरात में अगले साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं।

बताया जा रहा है कि राज्य में जातीय समीकरण का संतुलन साधने के लिए अन्य पिछड़ी जाति तथा आदिवासी समुदाय के दो विधायकों को उप मुख्यमंत्री का पद दिया जा सकता है। माना जा रहा है कि श्री शाह की मौजूदगी में मंत्रियों की सूची को आज ही अंतिम रूप दिया जा सकता है।