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आखिरकार कब होगा बस स्टैंड का कायाकल्प अव्यवस्थाओं का यहा पसरा रहता है आलम

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झाबुआ । राकेष पोद्दार।नगर संवाददाता। इन दिनों षहीद चंद्रषेखर आजाद बस स्टैंड सूर्खियों में नजर आ रहा है । आए दिन यहां बस व्यवस्था एवं ठेले व्यापारियों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए बस स्टैंड की सारी व्यवस्था चरमरा गई है । जिससे षहरवासियों ,यात्रियों और पैदल चलने वालों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है । अनेकों मर्तबा बस स्टैंड को लेकर योजनाएं बनी लेकिन यह मूर्तरूप् में पटल पर नहीं आ सकी । ये जस की तस अपनी बेबसी के आसूं बहा रही है । बस स्टैंड पर और साथ ही सार्वजनिक सुलभ शौचालय के मार्ग में गुमठियों व ठेले व्यापारियों ने अतिक्रमण कर उस मार्ग को पूर्ण रूप से सकरा बना दिया है । ये व्यापारी अपने ठेले के सामने सामान फेलाकर मार्ग को अवरूद्ध कर रहे हैं ।कतिपय व्यापारी मार्ग के मध्य में ही अपना डेरा सामान सहित रेडिमेड वस्त्र और कटलरी का लगाकर रास्ता ही बंद कर देते हैं । उन्हें तो बस अपने व्यापार से ही मतलब है आम आदमी को होने वाली परेषानियों सेउन्हे कुछ भी सरोकार नही है। परेषानियों को नजर अंदाज कर निर्भीक होकर अपना सामान विक्रय करते नजर आते हैं । सार्वजनिक सुलभ षौचालय के इर्द गिर्द ठेले व्यापारियों की भरमार से षौचालय दिखाइ्र्र भी नहीं होता है। अधिकतर महिलाओं को परेषानियों का सामना करना पड़ता है । षासन प्रषासन भी मूकदर्षक बनकर नजारा देखती रहती है व इनके विरुद्ध किसी भी तरह की ठोस कार्रवाई नहीं की जाती है । पूर्व कलेक्टर बी.चंद्रषेखर द्वारा भी इन्हें हटाकर ’हष्कर्स जष्न में भेज गया था लेकिन उनके स्ािानांतरित होते यहां की व्यवस्था भी गड़बड़ा गई । सूत्रों से ज्ञात हुआ कि स्थाई बनी कांप्लेक्स में दुकानदारों ने अपनी दुकान के सामने लगी गुमटी या ठेले अन्य व्यापारियों से मासिक किराये पर देकर उनके द्वारा किराया भी वसूला जा रहा है । वस्तुतः नियमानुसार उक्त किराया नगर पालिका प्रषासन द्वारा वसूला जाना चाहिए । एक ही परिवार के दुकानों के एक से अधिक ठेले लगाकर बस स्टैंड को सकरा बना दिया है । बस स्टैंड पर प्रति दिन तकरीबन 150 से अधिक बसों का आना -जाना लगा रहता है । जिससे आम नागरिकों और यात्रियों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है । ठेला व्यापारी भी अपने आपको किसी न किसी नेता या छूट भैया नेता का उन पर वरद हस्त बताता है । ऐसी स्थिति में सईयां भई कोतवाल फिर डर काहे का’ की तर्ज पर निर्भीक होकर अपना कहीं भी गुमठी या ठेला लगा कर निसंकोच एव्र निर्भिक होकर व्यापार करते हैं । इन पर कारवाई करने में सभी अपना पल्ला झाड़ देते हैं । कार्रवाई के नाम पर नगर पालिका द्वारा कई मर्तबा ठेले व्यापारियों को यहां से ठेले हटाकर निर्धारित किए गए हष्कर्स झोन ’ में दुकान लगाकर अपना व्यवसाय करने को मौखिक या लिखित सूचना भी दी गई लेकिन उसे भी इन्होंने नजर अंदाज कर दिया। ऐसी स्थिति में कभी भी कोई दुर्घटना हो सकती है । प्रषासन को चाहिए कि ठेले व्यापारियों को सार्वजनिक सुलभ षौचालय के मार्ग से हटाकर निर्धारित हष्कर्स झोन में लगवाने की व्यवस्था की जाए तो उक्त मार्ग पूर्ण रूप् से खुल जाएगा और होने वाली परेषानियों से निजात मिल जाएगी । झाबुआ जिले की जन संख्या को दृश्टिगत रखते हुए बस स्टैंड छोटा नजर आता है । बस स्टैंड स्थान परिवर्तन को लेकर अनेकों मर्तबा योजनाएं बनी । नवीन बस स्टैंड हेतु स्थान भी चिन्हित किया गया लेकिन उसमे अभी अभी समय लगेगा ।