Home Jhabua स्वदेशी रक्षा सूत्र अपनाएं-डॉ अर्चना राठौर अधिवक्ता

स्वदेशी रक्षा सूत्र अपनाएं-डॉ अर्चना राठौर अधिवक्ता

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झाबुआ।राकेश पोद्दार। नगर संवाददाता। रक्षाबंधन का पावन पर्व भाई बहन के पवित्र बंधन का पर्व होता है और भाई बहन के रिश्ते में प्रगाढ़ता लाता है तथा उन्हें अपने कर्तव्यों का बोध भी करवाता है है।विवाहित बहनें पूरे वर्ष दिन का इंतजार करती हैं कि वे कब ससुराल से मायके जाएंगी, अपनें परिवार वालों से मिलेंगी और अपने भाई के हाथों पर रक्षा सूत्र बांधकर अपने स्नेह को प्रकट करेंगी ।डॉ अर्चना राठौर ने इस पावन पर्व के लिए सभी बहनों से आह्वान किया है कि वे बाजार से राखी स्वदेशी राखी ही खरीदें चाइना से बनी हुई राखियों का बहिष्कार वे विगत कई वर्षों से कर रही हैं और बहनों से भी इसके लिये आव्हान करती हैं।समाजसेवी डॉक्टर राठौड़ इस वर्ष भी बहनों से अपील कर रही है कि वे स्वदेशी रक्षा सूत्र ही बाजार लें या वे हाथ से बनी हुई राखी या रक्षा सूत्र का ही इस्तेमाल करें। उन्होंने बताया कि आप घर पर भी बहुत आसानी से रक्षा सूत्र बना सकते हैं आप शुभ सांकेतिक वस्तुओं का इस्तेमाल कर सकती है जिसमें कंकू चावल हल्दी आदि की छोटी-छोटी मोती जैसी गठान बनाकर बनाकर उसे कलात्मक सुंदर ढंग से सजा कर कलावे या लच्छे से बांधकर राखी बना सकती हैं। ऊन ,रेशम के धागे और रेशमी सिल्क की पाइपिंग से भी बहुत सुंदर राखियां बनती हैं जो बहुत ही आसानी से बन जाती हैं। डॉ राठौर प्रति वर्ष राखियां बनाकर गरीबों में वितरित करती हैं और उन्हें अपनी भारतीय संस्कृति के रूप रक्षाबंधन बनाने के लिए प्रेरित करती हैं।