Home Jhabua आचार्य ऋषभचन्द्र सूरीश्वरजी का निधन, मोहनखेड़ा तीर्थ में शुक्रवार को होगा अन्तिम...

आचार्य ऋषभचन्द्र सूरीश्वरजी का निधन, मोहनखेड़ा तीर्थ में शुक्रवार को होगा अन्तिम संस्कार आचार्य श्री के अंतिम संस्कार कार्यक्रम अब गुरुवार शाम 5 बजे के बजाए शुक्रवार 4 जून को सुबह किया जाएगा।

187
0

झाबुआ । राकेश पोद्दार। नगर संवाददाता । मोहनखेड़ा जैन तीर्थ के प्रसिद्ध संत आचार्य श्री ऋषभ चन्द्र सूरीश्वर जी का बुधवार रात्रि में इंदौर के मोहक अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। श्री आदिनाथ राजेंद्र जैन ट्रस्ट मोहन खेड़ा ने सवेरे 6 बजे के करीब निधन की आधिकारिक घोषणा की। ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी सुजान मल जैन एवं त्रिस्तुति जैन श्री संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंपालाल वर्धन ने बताया की आचार्य श्री का अंतिम संस्कार मोहन खेड़ा तीर्थ पर किया जाएगा। आचार्य श्री के अंतिम संस्कार कार्यकम में ट्रस्ट ने पुनः परिर्वतन किया है, अब गुरुवार शाम 5 बजे के बजाए अंतिम संस्कार शुक्रवार 4 जून को सुबह किया जाएगा। स्मरणीय है कि 4 जून को ही आचार्य श्री का 63 वां जन्म दिन है। ट्रस्ट मैनेजिंग ट्रस्टी सुजानमल सेठ ने बताया कि कोविड निमानुसार सभी गुरु भक्त अपने-अपने घरों से श्रद्धा सुमन अर्पित करें। आचार्य श्री का शिष्य परिवार भी मोहन खेड़ा पहुंच चुका है।
जन सेवा का अनूठा जज्बा था उनके मन में
आचार्य श्रीऋषभचंद्र सूरी जी के मन युवावस्था से जन सेवा का अनूठा जज्बा था। वे मोहनखेड़ा को जैन तीर्थ के साथ समग्र समाज को जोड़ना चाहते थे। अपने इस अभियान में वे बहुत कुछ सफल भी हुए। भविष्य वाणी को लेकर भी उनका आकलन सटीक बैठता था। करोना को एवम उज्जैन सिंहस्थ में आंधी तूफान की घटनाओं को लेकर उन्होंने भविष्य वाणिया की थी जो सटीक बैठी थी। सभी समाज के लिऐ उन्होंने 1984 में मानव सेवा चिकित्सालय की स्थापना की जो आज संपूर्ण क्षेत्र में सेवा का पर्याय बन चुका है इसके सानिध्य में सैकड़ों नेत्र शिविर, चिकित्सा शिविर, विकलांगो के लिए शिविर, उनके उपकरण, अपाहिजो को ट्रायसिकल, महिलाओं को हर वर्ष जन्म दिन पर सैकड़ों सिलाई मशीनें, गरीबों को अनाज, कटे फटे होठों के निशुल्क आपरेशन शिविरों का आयोजन किया गया। तीन दिन में 300बेड के करोना कोविड सेंटर का इंतजाम, समाज जनों के आर्थिक विकास के लिए बैंको की स्थापना आदि कई कार्य किए।
कोरोना को लेकर की थी भविष्यवाणी
आचार्य ऋषभचंद्र सूरीश्वरजी ने कोरोना को लेकर भविष्यवाणी की थी, उन्होंने कहा था कि यदि 30 अप्रैल से 15 मई के बीच आंधी, तूफान, ओलावृष्टि और बारिश होती है तो विश्वव्यापी कोरोना वायरस की बीमारी खत्म होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा था कि 31 जुलाई के बाद मौत के आंकड़ों में 90 प्रतिशत तक की गिरावट आएगी। इसके अलावा विश्व के अनेक देशों में भूकंप, समुद्री तूफान सुनामी आदि से जनता को कष्ट सहन करना होंगे। आचार्यश्री ने कहा कि 2300 वर्ष पूर्व उज्जैन में लिखी गई भद्रबाहु संहिता जैनाचार्य के अनुसार यह महामारी आगामी तीन वर्ष तक शरद व ग्रीष्म ऋतु में जनमानस को पीड़ित कर सकती है। इस महामारी से सावधानी व सुरक्षा के नियमों का पालन करते हुए बचा जा सकता है।
आचार्य श्री के देहावसान पर समग्र जैन समाज सहित पूरे जिले के सर्व समाज में शोक की लहर व्याप्त हो चुकी है । उनके निधन की खबर सुनते ही उन्हे लोगों द्वारा स्मरण करके उनके बताये आदर्शो को याद किया जारहा है । जीवदया प्रेमी के रूप में इस आदिवासी अंचल में उनकी ख्याति किसी से छिपी नही है।
आचार्य लेखेन्द्रसूरीजी ने किया स्मरण
उनके निधन पर पूज्य आचार्य श्री लेखेन्द्रसूरिजी महाराज ने पुज्य आचार्य ऋषभचन्द्र सूरिश्वरजी मसा के दवलोक गमन की सूचना से उन्हे अन्तर आत्मा में दुख की अनुभूति हुई हे ।इससे त्रिरूतुतिक समाज में बहुत बडी क्षति हुई है जिसे पूरी करना संभव नही है । लेखेन्द्र बाबजी ने आगे लिखा है कि भविष्य में इस कमी को पूरा नही किया जासकता है । उन्होने जीवनकाल में अनेक तीर्थो का निर्माण करवाया । उन्होने शासन प्रभावना के एतिहासिक कार्यक्रम किये विशेष कर समग्र जैन समाज का श्रद्धा का केन्द्र मोहनखेडा तीर्थ विकास में उनका बहुम बडा योगदान रहा है। वे मोहनखेडा तीर्थ विकास के शिखर पुरूष रहे है । उन्होने शंखेश्वर पाश्र्वनाथ भगवान एवं दादा गुरूदेव से प्रार्थना करते हुए दिवंगत आत्मा जहां कहीं भी हो उनको परम सुख एवं परम शांति की प्राप्ति की कामना की है। उन्होने मुनिमंडल एवं साध्वी मंडल सहित आचार्यश्री को भावपूर्वक श्रद्धांजलि पुष्पाजंलि अर्पित की है।

झाबुआ सकल जैन श्री संघ मे शौक की लहर –
आचार्य श्री ऋषभचंद्र सुरीश्वरर्जी मसा की झाबुआ श्री संघ पर असीम क्रपा रही हेै । झाबुआ मे 2 चातुर्मास आचार्य श्री ने किये थे ।महावीर बाग हेतु भूमि दिलवाने मे भी अहम भूमिका निभाई थी । आचार्य पदवी प्राप्त होने के पश्चात प्रथम चातुर्मास का लाभ भी झाबुआ श्री संघ को प्राप्त हुआ । प्रथम सूरी पद आराधना भी झाबुआ मे हुई बुधवार रात्रि मे जन जन के संत , जीव दया प्रेमी जैन आचार्य , मोहनखेडा तीर्थ उद्धारक पूज्य ऋषभ चंद सुरीजी का देवलोक गमन होने से झाबुआ श्री संघ मे भी शौक की लहर दौड़ गयी ।, किसी को भी विश्वास नही हो रहा था । श्री संघ प्रवक्ता डा. प्रदीप संघवी ने बताया कि अक्षय तृतीया 15 मई को तपस्वियों को पारने के कार्यक्रम को आपने अपनी निश्रा प्रदान की थी मोहन खेडा तीर्थ पर । पूर्व मे इस कार्यक्रम का आयोजन 15 मई को आचार्य श्री की निश्रा मे झाबुआ मे ही स्वीक्रृती दी थी । किंतु आचार्य श्री ने कोरोंना महामारी के चलते झाबुआ कार्यक्रम निरस्त कर दिया था । पूज्य आचार्य श्री का झाबुआ श्री संघ पर असीम स्नेह होने से कई बार झाबुआ आये थे । जब मुनीश्री थे तब झाबुआ श्री संघ की विनती पर झाबुआ के श्री ऋषभदेव बावन जीनालय मे मुनि मंडल के साथ वर्ष 2004 मे चातुर्मास किया था और 16 महामांगलिक श्रवण करवायी थी और यही पर 1 माह की मौन साधना की थी । इसके पश्चात 2017 मे आचार्य पदवी के तुरंत पश्चात आये। प्रथम चातुर्मास की विनती झाबुआ श्री संघ ने की और यह चातुर्मास भी झाबुआ को प्राप्त हुआ जिसमे आपके द्वारा सूरी पद की आराधना झाबुआ मे ही श्री गोडी पाश्र्वनाथ मंदिर मे की और उसका समापन ऐतिहासिक चल समारोह और महामांगलिक के रुप मे हुआ था । हजारो की संख्या मे भक्तो ने उपस्थिति दर्ज करवाई थी । आचार्य श्री झाबुआ मे जब भगवान महावीर का 2600वा जन्मोत्सव मनाया जा रहा था तो शासन की योजना से श्री संघों को महावीर तीर्थ निर्माण हेतु भूमि दिये जाना थी । और आचार्य श्री के प्रयासों से मेघनगर नाके के पास भूमि दिलवाई और आज वहाँ महावीर बाग का निर्माण आपकी प्रेरणा से पूर्ण हुआ । आचार्य श्री झाबुआ अंतिम बार जनवरी 21 के प्रथम सप्ताह मे श्री गोडी पाशर्््वनाथ मंदिर आये थे और तीन दिवस तक रुक कर पौष दशमी पर आयोजित महोत्सव को निश्रा प्रदान की थी । झाबुआ श्री संघ के सदस्य यहाँ दर्शन करने पहुँचे थे । 40 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया और जीव दया कार्य के लिये हमेशा प्रेरणा देने वाले आचार्य श्री हमारे बीच नही हैे झाबुआ श्री संघ आपको हमेशा याद रखेगा।
स्मरण कर दी गइ्र्र श्रद्धांजलि
वही रतलाम झाबुआ आलीराजपुर के सांसद गुमानसिंह डामोर, झाबुआ विधायक कांतिलाल भूरिया, जिला कांग्रेस अध्यक्ष निर्मल मेहता, भाजपा जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह नायक,पूर्व जिलाध्यक्ष शैलेष दुबे, डा. विक्रांत भूरिया-यशवंत भंडारी, संजय जैेन, संदीप जेैन राजरतन, संजय मेहता, मनोहर भंडारी मनोहर मोदी, संजय कांठी, संतोष नाकोडा, राजेन्द्र कांसवा, भरत बाबेल, मुकेश नाकोडा, तेज प्रकाश कोठारी, आदि ने पूज्य ऋषभचन्द्रसूरिजी मसा के महानिर्वाण पर श्रद्धाजलि अर्पित करते हुए नमन किया है ।