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विशेषाधिकार हनन नोटिस के खिलाफ राहुल गांधी ने दाखिल किया जवाब, PM मोदी पर की थी टिप्पणी | Rahul Gandhi sends reply to breach of privilege notice over remarks on PM Modi

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संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर कहा था कि राहुल गांधी ने बिना किसी दस्तावेजी सबूत के आरोप लगाकर सदन को गुमराह किया है.

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को लोकसभा सचिवालय को प्रिविलेज नोटिस का जवाब भेज दिया है. बता दें बीते सात फरवरी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने मोदी के खिलाफ टिप्पणी की थी. इसको लेकर उनके खिलाफ नोटिस जारी किया गया था, जिसका आज यानी 15 फरवरी तक जवाब देना था. कांग्रेस पार्टी के सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी ने लोकसभा में की गई अपनी टिप्पणी को सही ठहराते हुए विभिन्न कानूनों का हवाला दिया है और कई पन्नों में जवाब दाखिल भेज दिया है.

संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर कहा था कि राहुल गांधी ने बिना किसी दस्तावेजी सबूत के आरोप लगाकर सदन को गुमराह किया है.
इस मामले से कांग्रेसी नेताओं के अनुसार, राहुल गांधी का जवाब व्यापक है और इन-हाउस कानूनी विशेषज्ञों द्वारा इसका निरीक्षण किया भी गया है. लोकसभा अधिकारियों के अनुसार, जवाब जांच सचिवालय के विशेषाधिकार अनुभाग द्वारा की जाएगी और उचित कार्रवाई के लिए लोकसभा अध्यक्ष के कार्यालय को भेजा जाएगा. एक वरिष्ठ अधिकारी ने दावा किया कि बुधवार दोपहर तक जवाब अध्यक्ष के कार्यालय में नहीं पहुंचा था.

‘राहुल गांधी ने दाखिल किया जवाब’

सूत्रों के अनुसार भेजे गए लेटर में क्या जवाब दिया गया था, यह पूरी तरह गोपनीय रखा गया है. वहीं कांग्रेस के कुछ नेताओं ने बताया कि राहुल गांधी ने सभी आरोपों का जवाब दिया है. आपको बता दें जोशी के अलावा भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने भी राहुल की शिकायत की थी. इस मामले में लोकसभा सचिवालय ने 10 फरवरी को राहुल को पत्र देकर उनका जवाब 15 फरवरी तक लोकसभा अध्यक्ष के सामने पेश करने को कहा था.

जोशी ने अपनी शिकायत में यह कहा था कि एक सांसद द्वारा किसी अन्य सांसद के खिलाफ कोई आरोप लगाने से पहले एक नोटिस की आवश्यकता होती है.उन्होंने यह भी तर्क दिया कि गांधी ने सदन को आश्वासन दिया था कि वह अपने दावों के लिए दस्तावेजी साक्ष्य प्रदान करेंगे, लेकिन कोई सामग्री प्रदान नहीं की.

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