Home Bhopal रेलमंत्री पीयूष गोयल ने आरपीएफ जवान को पुरस्कृत करने का ऐलान किया,...

रेलमंत्री पीयूष गोयल ने आरपीएफ जवान को पुरस्कृत करने का ऐलान किया, भोपाल स्टेशन पर भूखी बच्ची को चलती ट्रेन में पहुंचाया था दूध

93
0

भोपाल. रेलमंत्री पीयूष गोयल ने भोपाल रेलवे स्टेशन पर तीन माह की भूखी बच्ची को चलती ट्रेन में दूध पहुंचाने वाले आरपीएफ आरक्षक इंदर यादव को सम्मानित करने की घोषणा की है। रेलमंत्री ने ट्वीट कर इंदर यादव की इस मानवीय पहल की तारीफ की है।

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने लिखा है कि आरपीएफ आरक्षक जवान इंदर यादव की मदद को सराहते हुए सम्मानित करने जा रहे हैं। रेल मंत्री ने ट्वीट कर कहा- रेलवे परिवार की सराहनीय पहल। आरपीएफ इंदर यादव ने ड्यूटी के दौरान अपना फर्ज़ निभाकर अनुकरणनीय काम किया है। उन्होंने तीन महीने की बच्ची को दूध देने के लिए चलती ट्रेन के पीछे दौड़ लगाई। हमारे लिए गर्व के पल हैं। इसके लिए मैं इंदर सिंह को नकद पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा करता हूं।

दो दिन से भूखी बच्ची को भोपाल में मिला दूध  
बेलगांव (कर्नाटक) से गोरखपुर जा रही श्रमिक स्पेशल ट्रेन में सवार एक मां घर जाने की जल्दबाजी में अपनी तीन माह की बेटी के लिए दूध रखना भूल गईं। बच्ची को भूख लगी तो मां दो दिन तक पानी में बिस्किट मिलाकर खिलाती रही। दूध के बिना भूख से बिलखती बेटी के लिए हर स्टेशन पर महिला गुहार लगाती रही, लेकिन मदद उसे भोपाल आकर मिली। ट्रेन भोपाल पहुंची महिला साफिया हासमी की गुहार सुनकर आरपीएफ जवान इंदर यादव ने बच्ची के लिए दूध का इंतजाम किया।

हाथ में राइफल थामे दौड़ लगाकर पहुंचाया दूध 

स्टेशन से रफ्तार पकड़ चुकी ट्रेन में मां तक दूध पहुंचाने के लिए आरपीएफ जवान ने दौड़ लगाई, तब जाकर बच्ची को दूध मिल पाया। महिला गोरखपुर की रहने वाली थी। अपने घर पहुंचकर तीन माह की बच्ची की मां साफिया मदद पहुंचाने वाले जवान इंदर यादव को शुक्रिया कहना नहीं भूली। उसने पहले सुबह जवान को मैसेज करके धन्यवाद किया। इसके बाद वीडियो संदेश भेजकर कहा- यही हमारे रियल हीरो हैं।

इंदर भाई जैसे लोग ही देश के असली हीरो हैं 
इधर, ट्रेन स्टेशन से चलने लगी। जैसे-जैसे ट्रेन की स्पीड बढ़ रही थी, वैसे-वैसे मेरी उम्मीद कम होती जा रही थी। तभी खिड़की में से किसी ने दूध अंदर पहुंचाया। यह इंदर भाई ही थे। मैं तो उन्हें शुक्रिया भी नहीं कह पाई थी। दो दिन बाद मिले दूध को पीकर बेटी सुकून से सो गई। उसे सोता देख राहत मिली। इंदर भाई जैसे ही लोग असली हीरो हैं। देश को उनके जैसे लोगों की बहुत जरूरत है।