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रूस बना रहा है AK-12 राइफल, 1 मिनट में निकलती हैं 1000 गोलियाँ

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एके सीरीज के हथियार अब और भी घातक होने जा रहे हैं। एके सीरीज के हथियार बनाने वाली रूसी कंपनी ने सीरीज के हथियारों को अपग्रेड करने का फैसला लिया है। इसके लिए कंपनी सेना की भी मदद ले रही है और दिए गए फीडबैक के आधार पर हथियारों को और भी ज्यादा यूजर फ्रेंडली और घातक बनाया जा रहा है। रूस में इस साल से कलाशनिकोव एके-12 (Kalashnikov AK-12) असॉल्ट राइफल के नए मॉडल का उत्पादन शुरू भी हो जाएगा। यह राइफल पहले के मुकाबले कई गुना ज्यादा खतरनाक और आसानी से इस्तेमाल करने वाली होगी।

‘रूस टुडे’ की रिपोर्ट के अनुसार, रोस्टेक डिफेंस कंसोर्टियम ने युद्ध में तैनात सैनिकों से फीडबैक लेकर अपने हथियारों को अपग्रेड किया है। एके सीरीज की हथियारों का नया बैच अब पूरी तरह से नई तकनीक से लैस होगा। रिपोर्टों के मुताबिक रोस्टेक के प्रमुख सर्गेई चेमेजोव ने नए एके 12 असॉल्ट राइफल का अनावरण किया। AK-12 इस्तेमाल में पहले से और भी आसान होगा। इसमें फायरिंग मोड्स के लिए दो-तरफा नियंत्रण होगा। साथ ही एडजस्टेबल चीक रेस्ट इसका इस्तेमाल सुविधाजनक बनाएगा।

नए एके- 12 असॉल्ट राइफल की विशेषताएँ

  • AK-12 में 5.45 मिमी कैलिबर की गोली लगती है। इस बंदूक पर दूरबीन और टारगेट लेजर लगाने के लिए पिकाटिनी रेल ( Picatinny rail) भी लगाई गई है। इससे निशाना लगाना और भी आसान होगा।
  • मिलिट्री वेबसाइट SOFREP के अनुसार इस बंदूक का वजन लगभग 3.3 किग्रा है।
  • एके-12 राइफल 0.945 एमएम लंबी है। इसके बैरल की लंबाई 415 एमएम है।
  • एके 12 राइफल से एक मिनट में 1000 गोली फायर की जा सकती है।
  • एके 12 राइफल की मैग्जीन में 30 गोलियाँ लगती हैं।
  • राइफल की मारक क्षमता 625 मीटर बताई जा रही है।
  • AK-12 असॉल्ट राइफल का मजल डिजाइन कम आवाज वाले फ्लेमलेस फायरिंग उपकरण स्थापित करने की अनुमति देता है।

मिलिट्री टुडे के एक लेख के अनुसार, इसे AK-74M असॉल्ट राइफल की जगह लेने के लिए डिजाइन किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक एके 74 एम अच्छा संतुलन प्रदान नहीं कर पा रही थी। रिपोर्टों के मुताबिक दुनिया में 75 लाख से ज्यादा एके हथियारों का इस्तेमाल किया जाता है। इसे सिर्फ फौज के जवान ही नहीं बल्कि आतंकी भी इस्तेमाल करते हैं।