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मुगल काल के नामों को बदलने की कवायद, 50 से ज्यादा जगहों की पहचान बदलेगी सरकार | exercise of changing names of mughal period shivraj government will change names of more than 50 places

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मध्य प्रदेश में ये चुनावी साल है. लिहाजा सरकार नाम बदलकर अपना वोट बैंक भी बढ़ाना चाहती है. देखना दिलचस्प होगा कि नाम बदलने से शहरों की तस्वीर कितनी बदलती है.

सीएम शिवराज चौहान. (फाइल फोटो)

Image Credit source: टीवी 9

मध्य प्रदेश में इस समय शिवराज सरकार लगातार उन जगहों के नाम बदल रही है, जिनका नाता मुगल काल से रहा हो. इस्लाम नगर का नाम जगदीशपुर रखने पर खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बधाई दी. वहीं आगे भी कई जगहें ऐसी हैं, जिनके नाम सरकार बदलने वाली है तो वहीं दूसरी तरफ सरकार की इस मुहिम का कांग्रेस जमकर विरोध कर रही है. देशभर में इस वक्त कई जगहों के नाम बदले गए हैं. हाल ही में मुगल गार्डन का नाम ‘अमृत उद्घान’ रख दिया गया, लेकिन मगर लगता है कि मध्य प्रदेश सरकार इस रेस में सबसे आगे है. बीते दो वर्षों के कई जगहों के नाम बदल दिए गए.

बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा का कहना है की जो भी मुगल काल के नाम होंगे, उसे हम जरूर बदलेंगे. मुझे तो समझ नहीं आता है कि कांग्रेस के पेट में क्यों दर्द होता है? कांग्रेस ने तो खुद गुलामी की है. वो खुद तो नाम बदल नहीं पाए. मध्य प्रदेश में तो नाम बदले जाएंगे.

इन जगहों के नाम बदले गए

  • मध्य प्रदेश में भोपाल के हबीबगंज रेलवे स्टेशन का नाम रानी कमलापति रख दिया गया.
  • मिंटो हाल का नाम बदलकर कुशाभाऊ ठाकरे सभागार रख दिया गया.
  • धार्मिक नगरी होशंगाबाद का नाम बदलकर नर्मदापुरम भी कर दिया गया.
  • भोपाल के पास स्थिति गांव का नाम इस्लामनगर से बदलकर जगदीशपुर रख दिया गया.
  • कवि माखनलाल चतुर्वेदी के नाम पर बाबई को माखन नगर कर दिया गया.
  • भोपाल के नजदीक गांव इस्लामनगर का नाम जगदीशपुर रखने पर खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी खुशी जाहिर की है.

इन जगहों के नाम भी बदले जाएंगे

मध्य प्रदेश में इसी वर्ष विधानसभा चुनाव होना है. ऐसे में करीब 50 से ज्यादा ऐसी जगहें हैं, जिनके नाम सरकार बदलना चाहती है. सीहोर जिले का नसरुल्लागंज, रायसेन जिले का औबेदुल्लागंज और सुल्तानपुर, गौहरगंज, बेगमगंज सहित अन्य शहरों-कस्बों के नाम शामिल हैं. इनमें से नसरुल्लागंज का नाम भेरूंदा करने की घोषणा मुुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 22 फरवरी 2021 को कर चुके हैं. वहीं भोपाल नगर निगम परिषद वर्ष 2017 में शहर का नाम भोजपाल करने का प्रस्ताव पारित कर शासन को भेज चुकी है, जो लंबित है.

इंदौर के खजराना का नाम बदलकर गणेश नगर रखने पर विचार किया जा रहा है. भोपाल के ईदगाह हिल्स का नाम बदलकर गुरुनानक टेकरी, लालघाटी एवं हलालपुर का नाम बजरंग नगर रखने की मांग भोपाल संसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर कर चुकी हैं. इस तरह से करीब 50 से ज्यादा ऐसी जगहें हैं, जिनके नाम सरकार को बदलने हैं.

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कांग्रेस कर रही विरोध

सरकार की नाम बदलने की मुहिम पर कांग्रेस ने तो मोर्चा खोल दिया है. कांग्रेस के मीडिया प्रभारी के.के मिश्रा इस्लामनगर का नाम बदल कर जगदीशपुर रखने पर इतने नाराज हुए कि उन्होंने कहा कि यदि बीजेपी को इस्लाम, मुगल शासकों के नाम से नफरत है तो अमित शाह के नाम में जो शाह शब्द है, वह मुगल शासकों का नाम लगता था तो क्या बीजेपी उन पर भी दबाव डाल कर कहेगी की नाम हटा लें. वहीं विधायक कुणाल चौधरी ने कहा कि सरकार अपना नाम नहीं काम बदले. ये सिर्फ मुद्दों से भटकने वाली राजनीती है. यही नहीं कांग्रेस के मीडिया उपाध्यक्ष अब्बास हाफिज सरकार के फैसले से इतने नाराज हैं कि उन्होंने बीजेपी के मुस्लिम नेताओं के नाम बदलने की ही बात कर दी.