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भाई हिस्ट्रीशीटर, गाँव की लड़की को भगाकर ब्याह: जिसे अतीक अहमद ने विजय से बनाया उस्मान, पढ़िए उसका पूरा काला चिट्ठा; मुस्लिम हॉस्टल भी सील

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उमेश पाल हत्याकांड में आज (6 मार्च 2023) यूपी पुलिस ने दो बड़ी कार्रवाई की हैं। एक तो वारदात के समय पहली गोली चलाने वाले उस्मान का एनकाउंटर करके और दूसरी उस मुस्लिम हॉस्टल को सील करके… जहाँ इस पूरे मर्डर की साजिश रची गई थी। दोनों एक्शन के बाद से इन पर चर्चा तेज है। एक ओर मीडिया में उस्मान का बैकग्राउंड सामने आया है तो वहीं दूसरी ओर मुस्लिम हॉस्टल में अवैध रूप से रह रहे लोगों का पता चला है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, प्रयागराज स्थित मुस्लिम बोर्डिंग हॉस्टल को सोमवार (06 मार्च, 2023) को सील किया गया है। हॉस्टल के सभी 100 से अधिक कमरों को खाली करवा दिया गया है। जानकारी के अनुसार इसी हॉस्टल के कमरा नंबर 36 में उमेश पाल हत्याकांड की साजिश रची गई थी। कमरा नंबर 36 में अतीक अहमद का गुर्गा सदाकत खान अवैध तरीके से रह रहा था।

पुलिस के अनुसार मुस्लिम होस्टल में कई तरह की अवैध गतिविधियों की जानकारी मिली थी। जिसके बाद हॉस्टल को सील कर दिया गया है। सदाकत के अलावा 65 अन्य लोगों के होस्टल में अवैध तरीके से रहने की जानकारी मिली है। अवैध तरीके से रहने वाले छात्रों को बाहर निकाला जा रहा है।

दूसरी ओर उन लोगों को ढूँढ-ढूँढकर ढेर किया जा रहा जो उमेश पाल हत्याकांड में शामिल थे। इसी क्रम में आज ही मुख्य आरोपितों में से एक उस्मान उर्फ विजय चौधरी को प्रयागराज स्थित अपने गाँव के पास एनकाउंटर किया गया। विजय चौधरी की पत्नी का आरोप है कि उसके पति को फँसाकर मारा गया। हालँकि पुलिस रिकॉर्ड बताते हैं कि वह पहले भी जेल की हवा खा चुका था। खुद विजय की पत्नी सुहानी के भाई ने उसे जेल भिजवाया था।

उस्मान (विजय चौधरी) कौंधियारा थाने के बमौखर गाँव का रहने वाला था। उसका अपने ही गाँव की रहने वाली ब्राह्मण लड़की सुहानी से अफेयर चल रहा था। साल 2019 में उस्मान सुहानी को लेकर भाग गया था। मामले में सुहानी के भाई ने उस्मान के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने उस्मान को गिरफ्तार कर के जेल भेज दिया था। जमानत पर रिहा होने के बाद उसने सुहानी को भगा कर शादी कर ली थी।

उस्मान का बड़ा भाई राकेश भी हिस्ट्रीशीटर है। फिलहाल वाहन चोरी के एक मामले में वह जेल में बंद है। बाकी के 2 भाई और हैं जो शादियो में डीजे बजाने का काम करते हैं। परिवार वालों का कहना है कि विजय चौधरी के उस्मान बनने की बात उन्हें पता नहीं है। कहा जा रहा है कि अतीक अहमद और उसके बेटों ने विजय को यह नाम दिया था। पुलिस ने उस्मान उर्फ विजय के धर्म परिवर्तन की जाँच की बात भी कही है।