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जाल बिछाकर बैठी जबलपुर लोकायुक्त पुलिस ने एसडीएम के रीडर को रंगेहाथ 15 हजार रुपये लेते पकड़ा

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 छिंदवाड़ा। प्रापर्टी सबंधित संशोधन पंजी में गलत नाम दर्ज होने के बाद जब अपील कार्यालय अनुविभागीय दंडाधिकारी राजस्व जुन्नारदेव में की गई तो एसडीएम के रीडर ने बीस हजार रुपये रिश्वत की मांग कर दी। शिकायत लोकायुक्त जबलपुर को की गई जिसके बाद मंगलवार को जाल बिछाकर बैठी लोकायुक्त पुलिस ने एसडीएम के रीडर को रंगेहाथ 15 हजार रुपये लेते पकड़ लिया। एसडीएम कार्यालय में लोकायुक्त की दबिश के साथ ही पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।

 

लोकायुक्त जबलपुर डीएसपी दिलीप झरबड़े ने बताया कि तामिया के ग्राम बिजोरी निवासी राजा पिता आभाराम गढ़ेवाल 28 वर्ष ने लोकायुक्त एसपी जबलपुर को शिकायत की थी कि संशोधन पंजी में गलत नाम दर्ज हो गया था जिसको सही कराने के लिए वह एसडीएम कार्यालय लगातार आ रहा था लेकिन वहां पर एसडीएम का रीडर सहायक ग्रेड दो नारायण प्रसाद मरकाम कार्य को लगातार पेंडिंग कर रहा था, बाद में उसने इस कार्य को करने के ऐवज में बीस हजार रुपये की डिमांड की थी। साथ में कहा कि इस राशि में से एसडीएम को भी हिस्सा जाएगा। इस बात की शिकायत राजा गढ़ेवाल ने जबलपुर जाकर लोकायुक्त एसपी को की थी जिसके बाद पुलिस ने उसे रिकार्डर दिया जिसमें रीडर की आवाज को टेप किया गया जिसके बाद शिकायतकर्ता द्वारा रीडर से बात करके मंगलवार का दिन तय किया तथा 15 हजार देने की बात हुई थी। मंगलवार को सुबह लोकायुक्त टीम छिंदवाड़ा के जुन्नारदेव पहुंची तथा एसडीएम कार्यालय के समीप तैनात हो गई थी। शिकायतकर्ता राजा गढ़ेवाल जैसे ही कार्यालय के अंदर प्रवेश किया तथा तय हुई राशि सहायक ग्रेड दो नारायण प्रसाद मरकाम के हाथों में दी तथा कार्यालय के बाहर आया तथा इशारा करते ही लोकायुक्त टीम ने कार्यालय में दबिश देकर रीडर को रंगेहाथ पकड़ लिया।

 

लोकायुक्त ने कार्रवाई करते हुए रीडर पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। इस कार्रवाई में डीएसपी दिलीप झरबड़े, निरीक्षक कमल सिंह उईके, आरक्षक अतुल श्रीवास्तव, सोनू चौकसे, विजय बिष्ट, राकेश विश्वकर्मा शामिल थे।