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अगर गुलाम नबी आजाद मोदी सरकार की बी टीम का हिस्सा, तो फिर राहुल ने क्यों मांगी आज़ाद से माफी ? | Why did Rahul apologize to Ghulam Nabi Azad, he is a part of BJP?

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ग्रेस के रणनीतिकारों ने अब्दुल्ला और मुफ़्ती परिवार को यात्रा से जुड़ने का ऐलान कराया. फिर ग़ुलाम नबी आजाद की पार्टी को तोड़कर ज़्यादातर बड़े नेताओं की घर वापसी करा दी.

चंद महीने पहले राहुल गांधी पर सियासी हमला बोलते हुए अपनी पार्टी बनाने वाले गुलाम नबी आजाद को लगातार सुर्खियां बटोर रहे हैं. जैसे ही भारत जोड़ो यात्रा जम्मू कश्मीर पहुंचने वाली थी, उसी वक़्त से आज़ाद और कांग्रेस के बीच शह-मात खेल शुरू हो गया था. सूत्रों के मुताबिक, पहले जी23 के भूपिंदर हुड्डा और अखिलेश प्रसाद सिंह ने आज़ाद से कांग्रेस में वापसी की चर्चा शुरू की. लेकिन गांधी परिवार से कोई आज़ाद के घर जाकर चाय पीने जाने के सवाल पर मामला अटक गया.

इसी के बाद कांग्रेस के रणनीतिकारों ने अब्दुल्ला और मुफ़्ती परिवार को यात्रा से जुड़ने का ऐलान कराया. फिर ग़ुलाम नबी आजाद की पार्टी को तोड़कर ज़्यादातर बड़े नेताओं की घर वापसी करा दी, जिसके बाद आज़ाद पर दबाव बढ़ाया गया कि. राज्य में अलग थलग आज़ाद यात्रा से जुड़कर कांग्रेस में वापसी कर लें अन्यथा उनको आने वाले वक्त में बीजेपी की बी टीम बताया जाए.

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‘गुलाम नबी आजाद बीजेपी की बी टीम’

इसी रणनीति के तहत यात्रा जब जम्मू कश्मीर पहुंची तो 3 दिन इंतज़ार के बाद ही पार्टी के मीडिया प्रभारी जयराम रमेश ने केजरीवाल, ओवैसी के साथ ही गुलाम नबी आजाद को बीजेपी की बी टीम करार दे ही दिया.इसके बाद माना गया कि, अब आज़ाद और कांग्रेस के साथ आने का चैप्टर क्लोज़ हो गया. लेकिन शायद कांग्रेस नेतृत्व जम्मू में आज़ाद को पार्टी से जोड़ने की एक कोशिश और करना चाहता था.

राहुल ने आजाद की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ाया

ऐसे में प्रेस कॉन्फ्रेंस में अचानक गुलाम नबी आजाद के सवाल पर राहुल गांधी बड़प्पन दिखाते हुए माफी तक मांगते नज़र आये.दरअसल, गांधी परिवार अपनी शर्तों पर आज़ाद को झुकाकर आज़ाद की पार्टी में वापसी के पक्ष में है. इसलिए वो खुद आज़ाद से पहले बात करने की बजाय बिना शर्त उनकी घर वापसी की चाहत रखता है, लेकिन आज़ाद भविष्य पर बात करने के लिए चाहते हैं.

गांधी परिवार उनको मनाने आये जिससे वो भविष्य को लेकर चर्चा भी कर लें और उनका सम्मान भी बना रहे.शायद इसीलिए अब खुद राहुल गांधी ने आज़ाद की तरफ कोशिश का एक हाथ और बढ़ाया है, जिससे आज़ाद मान गए तो ठीक वरना रणनीति के तहत फिर बी टीम का राग.

कांग्रेस ने 23 दलों को दिया न्योता

30 जनवरी को भारत जोड़ो यात्रा के समापन पर कांग्रेस ने भले ही 23 विपक्षी दलों के अध्यक्षों को न्योता दिया हो, लेकिन ज़्यादातर नेता कार्यक्रम से कन्नी काटते दिख रहे हैं.कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के न्योते के खत का जवाब ज़्यादातर नेताओं ने अब तक नहीं दिया है.

हम काफी हद तक सफल रहे गौरव गोगोई

ऐसे में भारत जोड़ो यात्रा के ज़रिए कांग्रेस का विपक्ष जोड़ो अभियान अभी तक तो परवान चढ़ता नहीं दिख रहा है, हालांकि सूत्रों के मुताबिक, बैकडोर से 26 जनवरी के बाद ज़्यादा से ज़्यादा अहम चेहरों को श्रीनगर बुलाने की एक और कोशिश करेगी.वहीं कांग्रेस प्रवक्ता गौरव गोगोई ने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा तो शुरुआत है, कई विपक्ष के साथी जुड़े हैं, आगे भी जुड़ेंगें , हम काफी हद तक सफल रहे हैं, आगे और होंगे.