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UP में भीषण सड़क दुर्घटना, 24 मजदूरों की मौत, 35 अन्य घायल, मुआवजे का एलान

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लखनऊ: लखनऊ: यूपी के औरेया सड़क हादसे में 24 मजदूरों की मौत हो गई है. वहीं 35 लोग जख्मी हो गए हैं. योगी सरकार का मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये मुआवजा देने का एलान किया है. साथ ही बॉर्डर के दोनों SHO निलंबित कर दिए गए हैं. पुलिस ने बताया कि गंभीर रूप से घायल 14 मजदूरों को इटावा जिले के सैफई स्थित पीजीआई में भर्ती कराया गया है.

 

चाय पीने के लिए रुके थे मजदूर

पुलिस ने बताया कि कुछ श्रमिक दिल्ली से आ रहे थे और औरैया कानपुर देहात राष्ट्रीय राजमार्ग 19 के पास सुबह तीन से साढ़े तीन बजे के बीच चाय पीने के लिए रुके थे, तभी यह हादसा हुआ. यह हादसा इतना जबरदस्त था कि दोनों वाहन पलट कर नजदीक के एक गड्ढे में जा गिरे. मरने वाले श्रमिकों में अधिकतर झारखंड, पश्चिम बंगाल के थे जबकि दो श्रमिक उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के थे.

 

अधिकारियों ने हादसे के बारे में बताया

अधिकारियों ने बताया कि जो वाहन खड़ा हुआ था वह दिल्ली से आ रहा था और मध्य प्रदेश जा रहा था जबकि दूसरा वाहन राजस्थान से आ रहा था. यह दोनों वाहन प्रवासी मजदूरों को उनके गृह नगर लेकर जा रहे थे क्योंकि लॉकडाउन के दौरान ये लोग बेरोजगार हो गए थे और घर जाने के लिये परेशान थे.

 

कानपुर के पुलिस महानिरीक्षक मोहित अग्रवाल ने बताया कि शनिवार सुबह एक डीसीएम मेटाडोर दिल्ली से मजदूरों को लेकर आ रही थी. उन्होंने बताया, ‘‘औरैया और कानपुर देहात मार्ग पर मजदूरों ने चाय पीने के लिए मेटाडोर सड़क किनारे एक चाय की दुकान पर रोकी थी. इसी दौरान राजस्थान के जयपुर से मजदूरों को लेकर आ रहे एक ट्रक ने इस मेटाडोर को टक्कर मार दी. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहन सड़क किनारे बने गड्ढे में जा गिरे.’’

 

उन्होंने बताया कि इस हादसे में 24 मजदूरों की मौत हो गयी जबकि 36 मजदूर घायल हो गये. इनमें से 22 घायलों को औरैया के एक अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है जबकि गंभीर रूप से घायल 14 मजदूरों को सैफेई के पीजीआई में भर्ती कराया गया है.

 

अग्रवाल ने बताया कि डीसीएम मेटाडोर का ड्राइवर बुरी तरह से घायल है और वह सैफेई पीजीआई में भर्ती है जबकि दूसरे ट्रक के ड्राइवर के बारे में ऐसी आशंका जताई जा रही है कि जिन 24 लोगों की मौत हुई है उनमें वह भी शामिल है क्योंकि बहुत से मृतकों की अभी पहचान नहीं हो पायी है.

 

पीएम मोदी ने दुख जाहिर किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दुर्घटना पर दुख व्यक्त करते हुये ट्वीट किया, ‘‘उत्तर प्रदेश के औरैया में सड़क दुर्घटना बेहद दुखद है। सरकार राहत कार्य में तत्परता से जुटी है. इस हादसे में मारे गये लोगों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करता हूं , साथ ही घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं.’’

 

योगी सरकार देगी मृतकों के परिवार को देगी 2-2 लाख

अपर मुख्य सचिव (गृह) अवनीश अवस्थी ने बताया कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस सड़क दुर्घटना में प्रवासी श्रमिकों की मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया है और मरने वाले मजदूरों के परिवार को दो-दो लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल मजदूरों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है. मुख्यमंत्री ने पीड़ितों को हरसंभव राहत प्रदान करने और सभी घायलों का समुचित उपचार कराने के निर्देश दिए हैं.

 

अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने दो थानों के एसएचओ को तत्काल निलंबित करने और संबंधित प्रभारी क्षेत्राधिकारियों को कठोर चेतावनी देने के आदेश दिए हैं. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने सभी सीमा क्षेत्रों को यह सुनिश्चित करने पर पुन: बल दिया है कि लोगों को ट्रक जैसे असुरक्षित वाहनों से न लाया जाए. मुख्यमंत्री ने सीमा क्षेत्र के हर जिले में 200 बसें जिलाधिकारी के पास रखने का आदेश पहले ही दे रखा है. साथ ही श्रमिकों को बस से भेजने के लिये धनराशि को भी स्वीकृति दी है. जिलाधिकारियों को इन आदेशों का सख्ती से पालन करने का पुन: निर्देश दिया गया है.

 

पुलिस महानिदेशक कहा- यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है

उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक एचसी अवस्थी ने कहा, ‘‘यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है जिसमें 24 लोगों की मौत हो गयी है. मजदूर जब सो रहे थे तब उनके ऊपर सीमेंट के बोरे गिर पड़े जिससे उनकी मौत हो गयी.’’ उन्होंने बताया कि अधिक से अधिक ट्रेनें चलाने के निर्देश दिए गए हैं और लगातार ट्रेनें चल भी रही हैं. करीब 10 हजार बसें भी चल रही है, मजदूरों की सुरक्षित वापसी के लिए हरसंभव प्रयास किये जा रहे हैं. उसके बाद भी यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना हो गयी जिसकी जांच के आदेश दे दिये गये हैं.

 

डीजीपी ने बताया कि दो पहिया, तीन पहिया और निजी वाहनों को किसी भी हाल में न चलने देने को कहा गया है. ऐसे प्रयास किये जा रहे है कि प्रदेश से मजदूर सुरक्षित निकले और ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनायें न हो. हम लोगों को उनके घर सुरक्षित पहुंचाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं लेकिन जाने वाले लोगों की संख्या काफी अधिक है. इटावा जिले के सैफेई में स्थित पीजीआई की कुलपति प्रो. राजकुमार ने बताया कि दुर्घटना में घायल लोगों को परिसर के कोविड-19 अस्पताल में रखा गया है और विशेषज्ञ डाक्टरों की टीम उनकी देखभाल कर रही है.

 

विपक्ष नेताओ ने क्या कहा

 

अखिलेश यादव

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने इस दुर्घटना में प्रवासी मजदूरों की मौत को ‘हादसा नहीं हत्या’ बताया. उन्होंने मृतकों के परिजनों को पार्टी की तरफ से एक-एक लाख रुपए की सहायता देने की घोषणा करते हुए सरकार से प्रत्येक श्रमिक के परिवार को 10 लाख रुपये की सहायता देने की मांग की.

 

यादव ने ट्वीट किया ‘उत्तर प्रदेश के औरैया में सड़क हादसे में 24 से भी अधिक ग़रीब प्रवासी मज़दूरों की मौत पर अवर्णनीय दुख. घायलों के लिए दुआएं. सब कुछ जानकर. सब कुछ देखकर भी. मौन धारण करने वाले हृदयहीन लोग और उनके समर्थक देखें कब तक इस उपेक्षा को उचित ठहराते हैं. ऐसे हादसे मृत्यु नहीं हत्या हैं.’’ उन्होंने दूसरे ट्वीट में कहा, ‘घर लौट रहे प्रवासी मज़दूरों के मारे जाने की ख़बरें दिल दहलाने वाली हैं. मूलत: ये वो लोग हैं जो घर चलाते थे. इसलिए समाजवादी पार्टी प्रदेश के प्रत्येक मृतक के परिवार को एक लाख रुपए की मदद पहुंचाएगी. नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए निष्ठुर बीजेपी सरकार भी प्रति मृतक 10 लाख रु की राशि दे.”

 

मायावती

BSP प्रमुख मायावती ने कहा कि कल ही UP के CM ने बयान दिया था कि जो भी मजदूर यहां आएंगे या यहां से गुजरेंगे, अधिकारी उनके ठहरने, खाने, सुरक्षा की पूरी व्यवस्था करेंगे. लेकिन दुख की बात है कि CM के दिशा-निर्देशों को​ अधिकारी गंभीरता से नहीं ले रहे हैं जिसकी वजह से आज औरैया में बहुत बड़ा हादसा हुआ.

 

प्रियंका गांधी

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में सड़क हादसे में 24 मजदूरों की मौत पर दुख प्रकट किया है. प्रियंका गांधी ने सवाल किया कि क्या सरकार का काम सिर्फ बयानबाजी करना रह गया है. पार्टी की उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका ने ट्वीट किया, ”औरैया की हृदय विदारक घटना ने एक बार फिर यह प्रश्न खड़ा कर दिया है कि आख़िर सरकार क्या सोचकर इन मजदूरों के घर जाने की समुचित व्यवस्था नहीं कर रही है? प्रदेश के अंदर मजदूरों को ले जाने के लिए बसें क्यों नहीं चलाई जा रही हैं?” प्रियंका ने आरोप लगाया, ”या तो सरकार को कुछ दिख नहीं रहा या वह सबकुछ देखकर अनजान बनी हुई है. क्या सरकार का काम सिर्फ बयानबाजी करना रह गया है?”