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राजस्थान में ब्लैक फंगस पर एसएमएस के ईएनटी चिकित्सकों की सर्जिकल मैराथन जारी

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Highlights

 

  •  एसएसएम के चिकित्सकों ने पेश की मानवता की मिसाल, ब्लैक फंगस के मरीजों को ऑपरेशन कर दी राहत
  •  ब्लैक फंगस को जानें, कारण, लक्षण और उपचार के तरीके
जयपुर । कोविड-19 के बाद ब्लैक फंगस ने सभी को हैरान परेशान कर दिया है। कोरोना संक्रमण के बाद म्यूकर माइकोसिस कोविड से ठीक हो रहे मरीजों को प्रभावित कर रहा है। जिसके बाद राज्य सरकार ने इसको महामारी घोषित कर दिया।
महामारी घोषित करने के बाद सवाईमानसिंह अस्पताल के चिकित्सकों ने इससे निपटने के लिए विशेष रणनीति बनाकर इससे पीड़ितों को राहत दिलाने का संकल्प लेते हुए नॉन स्टाप ऑपरेशन कर मानवता की मिशाल पेश कर रहे है। चिकित्सकों की टीम द्वारा रविवार तक 45 से अधिक ब्लैक फंगस या म्यूकरमाइकोसिस के ऑपरेशन किए जा चुके है।


इस तरह शुरु हुआ दौर

राजस्थान सहित देशभर में कोरोना से रिकवर हो रहे मरीजों में ब्लैक फंगस / म्यूकरमाइकोसिस बढ़ रहा था। जिसके बाद इसे महामारी घोषित किया गया। सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ सुधीर भंडारी, ईएनटी विभाग की हेड डॉ सुनिता अग्रवाल, वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ मान प्रकाश शर्मा, डॉ सुनील समधानी व उनकी टीम ने इस पर चर्चा कर तुरंत राहत देने पर काम शुरू किया। इसमें ईएनटी विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ.पवन सिंघल, डा.अंजनी कुमार शर्मा, डा.शुभम अग्रवाल, एनेस्थेटिस्ट डा.सुनीता मीणा, वरिष्ठ नर्सिंग ऑफिसर कैलाश स्वर्णकार सहित अन्य विशेषज्ञों की टीम ने इस पर फिजिकल काम शुरू किया।

ईएनटी विभाग के वरिष्ठ आचार्य डॉ.पवन सिंघल ने बताया कि शुक्रवार सुबह 8 बजे से शुरू होकर रविवार तक 45 से अधिक मरीजों के ऑपरेशन कर राहत दी गई है। अभी इस पर पूरी टीम के साथ मरीजों को राहत दिलाने का काम जारी है।
डॉ.सिंघल ने बताया कि कोरोना संक्रमण के बाद ब्लैक फंगस का खतरा सामने आ रहा है। इसमें घबराने की जरुरत नही है। इससे सावधान और विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह में इलाज लेना जरूरी है। इससे आंखों की  रोशनी जाने का खतरा सामान्य है। इसके साथ ही यह ब्लैक फंगस आंखों से होता हुआ मरीज के दिमाग पहुंच रहा है। इसलिए मरीज में दूरबीन और अन्य तकनीक से आंखों और दिमाग तक फंगस लगे भाग को निकाला जाता है।

जाने क्या है म्यूकोरमायकोसिस यानी ब्लैक फंगस


कोरोना संक्रमण के साथ ब्लैक फंगस इन दिनों देखने में आ रहा है। ब्लैक फंगस का मेडिकल नाम म्यूकॉरमायकोसिस है। जो कि एक दुर्लभ व खतरनाक फंगल संक्रमण है। ब्लैक फंगस इंफेक्शन वातावरण, मिट्टी जैसी जगहों में मौजूद म्यूकॉर्मिसेट्स नामक सूक्ष्मजीवों की चपेट में आने से होता है। इन सूक्ष्मजीवों के सांस द्वारा अंदर लेने या स्किन कॉन्टैक्ट में आने की आशंका होती है। यह संक्रमण अक्सर शरीर में साइनस, फेफड़े, त्वचा और दिमाग पर हमला करता है।
इसका समय रहते ऑपरेशन जरूरी है, इसका उपचार नही होने की स्थिति में मरीज की जान भी जा सकती है।

इस तरह के मरीज यहां आ रहे


डा.सिंघल ने बताया कि अभी तक एसएमएस में नाक में भरापन, गालों पर सूजन, मुंह के अंदर फंगस का पैच और पलकों में सूजन इत्यादि लक्षण वाले मरीज आ रहे है।

ब्लैक फंगस पर जारी रहेगा सर्जिकल


डॉ.पवन सिंघल ने बताया कि एसएमएस में टीम ब्लैक फंगस पर कार्य जारी रखेगी। ईएनटी की टीम के साथ सभी सदस्य जो इस मुहिम में जुड़े है वे लगातार दिन रात काम कर रहे है।

इसका रखें विशेष ध्यान

ईएनटी विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ.पवन सिंघल ने बताया कि वर्तमान में कोरोना संक्रमण के दौरान सभी विशेष ध्यान रखें।

ये लक्षण हो तो हो जाए सावचेत

चेहरे, आंख पर सूजन,
दांत हिलना
नाक से खून का आना
नाक पर काले भूरे चिंचड़े आना
चेहरे व तालू की खाल (चमड़ी) का रंग बदलना
आंखों से देखने में परेशानी होना

इनमें है अधिक खतरा


एचआईवी या एड्स
कैंसर
डायबिटीज
ऑर्गन ट्रांसप्लांट
व्हाइट ब्लड सेल का कम होना
लंबे समय तक स्टेरॉयड का इस्तेमाल
ड्रग्स का इस्तेमाल
पोषण की कमी
प्रीमैच्योर बर्थ

ब्लैक फंगस को रोकने के लिए ये करें

1. धूल-मिट्टी वाली जगह पर जानें से बचें व मास्क का प्रयोग करें
2. गंदे व संक्रमित पानी के संपर्क में आने से बचें
3. इम्यून सिस्टम को मजबूत करने वाली चीजें खाएं
4. योग व एक्सरसाइज करें


इन बातों का रखें ध्यान

इस दौरान बिना चिकित्सक की सलाह स्टेरॉयड ना ले।
शूगर के पेसेंट शूगर की नियमित जांच कराए।
खासकर बिना चिकित्सक की सलाह किसी प्रकार की दवा न ले।
विशेष : मास्क का नियमित सेवन के साथ उसको बदलते रहे।


चिकित्सकों को मिल रही बधाइयां

महामारी घोषित करने के बाद सवाई मानसिंह अस्पताल के चिकित्सकों द्वारा इससे निपटने के लिए विशेष रणनीति बनाकर किए जा रहे ऑपरेशन पर राजस्थान सहित दुनियाभर से सोशल मीडिया के जरिये शुभकामनाएं मिल रही है। सोशल मीडिया पर चिकित्सकों के इस जज्बे को सैल्यूट किया है।