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J&K में 18 जगहों पर NIA के छापे, निशाने पर ISIS की ‘जिहादी’ पत्रिका चलाने वाले लोग..ISIS के लिए करते थे भर्तियां

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नई दिल्ली. जम्मू-कश्मीर में इस वक्त 18 अलग-अलग जगहों पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की छापेमारी चल रही है. कहा जा रहा है कि NIA के निशाने पर वो लोग हैं जो आतंकी संगठन ISIS की एक जिहादी पत्रिका चलाते हैं. इस पत्रिका का नाम वाइस ऑफ हिंद (VOH) है. ISIS की ये ऑनलाइन मैगज़ीन फरवरी 2020 से रिलीज़ हो रही है. कहा जाता है कि ये पत्रिका मुस्लिम युवाओं में कट्टरता फैला रहे हैं और वो जिहाद की ओर बढ़ रहे हैं.

 

इस जिहादी पत्रिका को चलाने वाले लोग जांच एजेंसी को लगातार चकमा दे रहे थे. अलग-अलग वीपीएन नंबर के जरिए इस वेबसाइट को ऑपरेट किया जा रहा है. जांच के बाद भारतीय मोबाइल नंबरों के ऐसे खातों से जुड़े होने का पता चला है.

 

गिरफ्त में उमर निसार
पहले चरण में जम्मू-कश्मीर में 11 स्थानों पर तलाशी ली गई और आईएसआईएस के तीन बड़े गुर्गों को अचबल, अनंतनाग से गिरफ्तार किया गया. उमर निसार, तनवीर अहमद भट, रमीज लोन पहले से ही एनआईए की हिरासत में हैं. सूत्रों के मुताबिक उमर निसार भारत में ISIS के गुर्गों और अफगान-पाक स्थित ISIS हैंडलर्स के बीच एक बहुत ही महत्वपूर्ण कड़ी था. 2017 के बाद से वो आईएसजेके / एचपी के वली और मूल रूप से श्रीनगर के रहने वाले पाकिस्तान आईएसआई के एक पुराने सदस्य एजाज अहंगर के साथ लगातार संपर्क में था और निर्देश ले रहा था.

 

ISIS के लिए भर्तियां करता
जांच के दौरान ये भी पता चला कि गिरफ्तार किए गए लोगों के कुछ अन्य सहयोगी कश्मीर में हैं. ये सब आईएसआईएस की जमीनी और मीडिया गतिविधियों में शामिल हैं. अहंगर 1990 के दशक के मध्य में पाकिस्तान चला गया था और अलग-अलग आतंकवादी संगठनों जैसे कि TuM, AQ, 313 ब्रिगेड के साथ रहने करने के बाद वो आखिरकार ISIS में शामिल हो गया. वो अपने दामाद अमीर सुल्तान के साथ आईएसआईएस के लिए भर्तियां करता था.

 

युवाओ को  ISIS में करता था शामिल
एजाज अहंगर के निर्देश पर उमर निसार ने अलग-अलग गुटों के आतंकवादियों को ISIS/ISJK में शामिल होने के लिए प्रेरित किया. उमर निसार ने सितंबर 2017 में पुलवामा के जंगलों में ISIS के लिए बयाह (निष्ठा की शपथ) का आयोजन किया था. इसमें बुरहान मुसैब, एसा फ़ाज़ली, मुगेस मीर जैसे आतंकवादियों ने भाग लिया. जमीनी तौर पर वो भर्ती, फंड जमा करता था. उसने हथियारों को इंतज़ाम किए. ऑनलाइन स्पेस में वो कई आईडी संचालित कर रहा था जिसके ज़रिए वो वीओएच के लिए कंटेट तैयार करता था. वो बांग्लादेश और मालदीव से भी अपने साथियों से संपर्क में भी था.