Home Ludhiana कांग्रेस में घमासान जारी! नवजोत सिंह सिद्धू का पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद...

कांग्रेस में घमासान जारी! नवजोत सिंह सिद्धू का पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा, सोनिया गांधी को लिखी चिट्ठी

12
0
File Photo

Highlights

  • नवजोत सिंह सिद्धू ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफे का ऐलान किया।
  • सिद्धू ने सोनिया गांधी को लिखी चिट्ठी भी सोशल मीडिया पर शेयर की है, जिसमें उन्होंने इस्तीफे की बात कही है।
  • माना जा रहा है कि पंजाब मंत्रिमंडल विस्तार से सिद्धू खुश नहीं थे।

 

चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस से एक बार फिर चौंकाने वाली खबर सामने आई है। दरअसल, पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सिदधू ने सोनिया गांधी को लिखे अपने इस्तीफे के पत्र को ट्विटर पर भी साझा किया है। उन्होंने इस चिट्ठी में लिखा है कि वे पंजाब के भविष्य और पंजाब के कल्याण के एजेंडे के साथ समझौता नहीं कर सकते। इसलिए इस्तीफा दे रहे है। साथ ही उन्होंने लिखा कि वे कांग्रेस की सेवा करते रहेंगे।

सिद्धू ने पत्र में लिखा, ‘किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व में गिरावट समझौते से शुरू होती है, मैं पंजाब के भविष्य और पंजाब के कल्याण के एजेंडे को लेकर कोई समझौता नहीं कर सकता हूं। इसलिए, मैं पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देता हूं। कांग्रेस की सेवा करना जारी रखूंगा।’

 

 

सिद्धू का इस्तीफा इसलिए चौंकाने वाला है क्योंकि हाल में पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह को सीएम पद छोड़ना पड़ा था। माना गया कि इसके पीछे सिद्धू खेमे के विधायकों का दबाव था। इसके बाद अमरिंदर सिंह की नराजगी की बातें सामने आई थीं। साथ ही ये भी खबर आई कि मंगलवार को अमरिंदर सिंह दिल्ली आ रहे हैं और भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर सकते हैं।

अमरिंदर सिंह के इस्तीफे के बाद चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बनाया गया था। हालांकि बताया जा रहा है कि पंजाब मंत्रिमंडल विस्तार से सिद्धू खुश नहीं थे।

बता दें कि अमरिंदर ने इस्तीफा देने के बाद कहा था कि वह सिद्धू को बतौर सीएम स्वीकार नहीं करेंगे। अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को ‘अनुभवहीन’ भी करार दिया था और कहा था कि पंजाब इकाई के कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ आगामी विधानसभा चुनाव में वह मजबूत उम्मीदवार उतारेंगे।

पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव है और ऐसे समय में गुटबाजी के कारण राज्य में पार्टी के लिए मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।