Home National 65वां संस्करण मन की बात: पीएम मोदी बोले- सबसे ज्यादा चोट...

65वां संस्करण मन की बात: पीएम मोदी बोले- सबसे ज्यादा चोट गरीब-मजदूर पर पड़ी, उनकी पीड़ा शब्दों में नहीं कही जा सकती

9
0
Narendra Modi, Prime Minister Of India, File Pic

  पीएम मोदी बोले- देश खुल चुका है, अब पहले से ज्यादा सतर्क रहें

 नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ रेडियो कार्यक्रम के 65वें भाग में एक बार फिर से देशवासियों को संबोधित किया. उन्होंने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि पिछली बार जब मैंने पिछली बार आपसे मन की बात की थी, तब यात्री ट्रेनें बंद थीं, बसें बंद थीं, हवाई सेवा बंद थी। इस बार देश बहुत हद तक खुल चुका है। इसलिए अब पहले से ज्यादा सतर्क रहने की जरुरत है।

पीएम मोदी ने कहा, कोरोना के प्रभाव से हमारी मन की बात भी अछूती नहीं रही। पिछली मन की बात की समय पैसेंजर ट्रेन, बसें, हवाई सेवा बंद थी। इस बार काफी कुछ खुल चुका है। श्रमिक स्पेशल ट्रेन चल रही हैं, हवाई जहाज उड़ने लगे हैं। उद्योग भी धीरे धीरे चलने लगे हैं। ऐसे में हमें और ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। दो गज दूरी का नियम हो या मुंह पर मास्क लगाने की बात हो, जहां तक हो सके घर में ही रहना है। इन सब बातों का पूरा ध्यान रखना है और जरा भी ढ़िलाई नहीं बरतनी है। कोरोना से होने वाली मृत्यु दर भी हमारे देश में काफी कम है।जो नुकसान हुआ है, उसका दु:ख हम सबको है, लेकिन जो कुछ भी हम बचा पाएं हैं, वो निश्चित तौर पर देश की सामूहिक संकल्पशक्ति का ही परिणाम है।

पीएम मोदी ने कहा, देश में सबके सामूहिक प्रयासों से कोरोना के खिलाफ लड़ाई बहुत मजबूती से लड़ी जा रही है। हमारी जनसंख्या ज़्यादातर देशों से कई गुना ज्यादा है, फिर भी हमारे देश में कोरोना उतनी तेजी से नहीं फ़ैल सका, जितना दुनिया के अन्य देशों में फैला। हमारे डॉक्टर्स, नर्सिंग स्टाफ, सफाईकर्मी, पुलिसकर्मी, मीडिया के साथी ये सब जो सेवा कर रहे हैं, उसकी चर्चा मैंने कई बार की है। मन की बात में भी मैंने उसका जिक्र किया है। सेवा में अपना सब कुछ समर्पित कर देने वाले लोगों की संख्या अनगिनत है।

पीएम मोदी ने कहा, दूसरों की सेवा में लगे व्यक्ति के जीवन में, कोई depression, या तनाव, कभी नहीं दिखता। उसके जीवन मेंभरपूर आत्मविश्वास, सकारात्मकता और जीवंतता प्रतिपल नजर आती है। देशवासियों की संकल्पशक्ति के साथ एक और शक्ति इस लड़ाई में हमारी सबसे बड़ी ताकत है और वो है- देशवासियों की सेवाशक्ति।

पीएम मोदी ने कहा, देश के सभी इलाकों से महिला Self Help Group के परिश्रम की भी अनगिनत कहानियां इन दिनों हमारे सामने आ रही हैं। गांवों, कस्बों में, हमारी बहनें-बेटियां, हर दिन मास्क बना रही हैं। तमाम सामाजिक संस्थाएं भी इस काम में इनका सहयोग कर रही हैं। एक और बात जो मेरे मन को छू गई, वो है संकट की इस घड़ी में innovation, गांवों से लेकर शहरों तक, छोटे व्यापारियों से लेकर startup तक, हमारी labs  कोरोना से लड़ाई में, नए-नए तरीके इज़ाद कर रहे हैं, नए innovation कर रहे हैं।

पीएम मोदी ने कहा, मैं सोशल मीडिया में कई तस्वीरें देख रहा था। कई दुकानदारों ने दो गज की दूरी के लिए, दुकान में बड़े pipeline लगा लिए हैं, जिसमें, एक छोर से वो ऊपर से सामान डालते हैं, और दूसरी छोर से  ग्राहक अपना सामान ले लेते हैं। किसी भी परिस्थिति को बदलने के लिए इच्छाशक्ति के साथ ही बहुत कुछ इनोवेशन पर भी निर्भर करता है। हजारों साल की मानव जाति की यात्रा लगातार इनोवेशन से ही इतने आधुनिक दौर में पहुंची है।

पीएम मोदी ने कहा, कोरोना के खिलाफ लड़ाई का यह रास्ता लंबा है। एक ऐसी आपदा जिसका पूरी दुनिया के पास कोई इलाज नहीं है। जिसका कोई पहले का अनुभव ही नहीं है। ऐसे में नई नई चुनौतियों और उसके कारण परेशानियां हम अनुभव कर रहे हैं। हमारे रेलवे के साथ दिन-रात लगे हुए हैं। केंद्र हो, राज्य हो, स्थानीय स्वराज की संस्थाएं हो- हर कोई दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। जिस प्रकार रेलवे के कर्मचारी आज जुटे हुए हैं, वे भी एक प्रकार से अग्रिम पंक्ति में खड़े कोरोना वॉरियर्स ही हैं।

पीएम मोदी ने कहा, हमारे देश में भी कोई वर्ग ऐसा नहीं है जो कठिनाई में न हो, परेशानी में न हो और इस संकट की सबसे बड़ी चोट अगर किसी पर पड़ी है तो वो हमारे गरीब, मजदूर, श्रमिक वर्ग पर पड़ी है। उनकी तकलीफ, उनका दर्द, उनकी पीड़ा शब्दों में नहीं कही जा सकती। जो दृश्य आज हम देख रहे हैं, इससे देश को अतीत में जो कुछ हुआ, उसके अवलोकन और भविष्य के लिए सीखने का अवसर भी मिला है। आज  हमारे श्रमिकों की पीड़ा में, देश के पूर्वीं हिस्से की पीड़ा को देख सकते हैं। उस पूर्वी हिस्से का विकास बहुत आवश्यक है।

पीएम मोदी ने कहा,  जो दृश्य आज हम देख रहे हैं, इससे देश को अतीत में जो कुछ हुआ, उसके अवलोकन और भविष्य के लिए सीखने का अवसर भी मिला है। आज  हमारे श्रमिकों की पीड़ा में, देश के पूर्वीं हिस्से की पीड़ा को देख सकते हैं। उस पूर्वी हिस्से का विकास बहुत आवश्यक है। कहीं श्रमिकों की skill mapping का काम हो रहा है, कहीं startups इस काम में जुटे हैं, कहीं migration commission बनाने की बात हो रही है। इसके अलावा केंद्र सरकार ने अभी जो फैसले लिए हैं उससे गांवों में रोजगार, स्वरोजगार और लघु उद्योग से जुड़ी विशाल संभावनाएं खुली हैं।

पीएम मोदी ने कहा, हर जगह लोगों ने योग और उसके साथ-साथ आयुर्वेद के बारे में और ज्यादा जानना चाहा है, उसे अपनाना चाहा है। कितने ही लोग, जिन्होंने कभी योग नहीं किया, वो भी या तो ऑनलाइन योग क्लास से जुड़ रहे हैं या फिर ऑनलाइन वीडियो के माध्यम से भी योग सीख रहे हैं। कोरोना संकट के इस समय में योग आज इसलिए भी ज्यादा अहम है, क्योंकि ये वायरस, हमारे respiratory system को सबसे अधिक प्रभावित करता है। योग में तो respiratory system को मजबूत करने वाले कई तरह के प्राणायाम हैं, जिनका असर हम लंबे समय से देखते आ रहे हैं।

पीएम मोदी ने कहा, आपके जीवन में योग को बढ़ाने के लिए आयुष मंत्रालय ने भी इस बार एक अनोखा प्रयोग किया है।आयुष मंत्रालय ने ‘My Life, My Yoga’ नाम से अंतर्राष्ट्रीय वीडियो ब्लॉग उसकी प्रतियोगिता शुरू कीक है। भारत ही नहीं, पूरी दुनिया के लोग इस प्रतियोगिता में हिस्सा ले सकते हैं।हमारे देश में करोड़ों-करोड़ गरीब, दशकों से एक बहुत बड़ी चिंता में रहते आए हैं- अगर बीमार पड़ गए तो क्या होगा?इस तकलीफ को समझते हुए, इस चिंता को दूर करने के लिए ही करीब डेढ़ साल पहले ‘आयुष्मान भारत’ योजना शुरू की गई थी।

पीएम मोदी ने कहा, कुछ ही दिन पहले ‘आयुष्मान भारत’ के लाभार्थियों की संख्या एक करोड़ पार हो गई है। लॉकडाउन के दौरान पिछले कुछ हफ़्तों में जीवन की रफ़्तार थोड़ी धीमी जरुर हुई है, लेकिन इससे हमें अपने आसपास, प्रकृति की समृद्ध जैव-विविधता को देखने का अवसर भी मिला हैI सालों बाद पक्षी की आवाज़ को लोग अपने घरों में सुन रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात में कोरोना वायरस से उत्पन्न हुई चुनौतियों और इससे निपटने के लिए सरकार के प्रयासों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि संकट की सबसे बड़ी चोट गरीब मजदूर वर्ग पर पड़ी है। उन्होंने प्रवासी मजदूरों के कल्याण के लिए सरकार के स्तर से स्किल मैंपिंग, माइग्रेशन कमीशन आदि कार्यों का उल्लेख भी किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, हमारे देश में भी कोई वर्ग ऐसा नहीं है जो कठिनाई में न होए परेशानी में न हो और इस संकट की सबसे बड़ी चोट अगर किसी पर पड़ी है तो वो हमारे गरीब, मजदूर, श्रमिक वर्ग पर पड़ी है। उनकी तकलीफ, उनका दर्द, उनकी पीड़ा शब्दों में नहीं कही जा सकती।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जिस पूर्वी हिस्से में देश का ग्रोथ इंजन बनने की क्षमता है। उस पूर्वी हिस्से का विकास आवश्यक है। पूर्वी भारत के विकास को हमने प्राथमिकता दी है। प्रवासी मजदूरों को देखते हुए नए कदम उठाना आवश्यक हो गया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस दिशा में चल रही कोशिशों का हवाला देते हुए कहा कि कहीं स्किल मैपिंग का काम हो रहा हैए कहीं माइग्रेशन कमीशन बनाने की बात हो रही है। केंद्र सरकार के फैसलों से भी गांवों में रोजगार और स्वरोजगार की संभावनाएं खुली हैं। इससे हमारे गांवए कस्बे और राज्य आत्मनिर्भर होंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, कोरोना के प्रभाव से हमारी मन की बात भी अछूती नहीं रही। पिछली मन की बात की समय पैसेंजर ट्रेन, बसें, हवाई सेवा बंद थी। इस बार काफी कुछ खुल चुका है। दो गज दूरी का नियम हो या मुंह पर मास्क लगाने की बात होए जहां तक हो सके घर में ही रहना है। इन सब बातों का पूरा ध्यान रखना है और जरा भी ढ़िलाई नहीं बरतनी है।

मन की बात कार्यक्रम में उन्होंने कहा, कोरोना से होने वाली मृत्यु दर भी हमारे देश में काफी कम है। जो नुकसान हुआ हैए उसका दुरूख हम सबको है। लेकिन जो कुछ भी हम बचा पाएं हैं, वो निश्चित तौर पर देश की सामूहिक संकल्पशक्ति का ही परिणाम है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश में सबके सामूहिक प्रयासों से कोरोना के खिलाफ लड़ाई बहुत मजबूती से लड़ी जा रही है। हमारी जनसंख्या ज्यादातर देशों से कई गुना ज्यादा हैए फिर भी हमारे देश में कोरोना उतनी तेजी से नहीं फैल सका, जितना दुनिया के अन्य देशों में फैला। हमारे डॉक्टर्स, नसिर्ंग स्टाफ, सफाईकर्मी, पुलिसकर्मी, मीडिया के साथी ये सब जो सेवा कर रहे हैं, उसकी चर्चा मैंने कई बार की है। मन की बात में भी मैंने उसका जिक्र किया है। सेवा में अपना सब कुछ समर्पित कर देने वाले लोगों की संख्या अनगिनत है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दूसरों की सेवा में लगे व्यक्ति के जीवन मेंए कोई डिप्रेशन, या तनाव, कभी नहीं दिखता। उसके जीवन में भरपूर आत्मविश्वास, सकारात्मकता और जीवंतता प्रतिपल नजर आती है। देशवासियों की संकल्पशक्ति के साथ एक और शक्ति इस लड़ाई में हमारी सबसे बड़ी ताकत है और वो है- देशवासियों की सेवाशक्ति।

देश के सभी इलाकों से महिला सेल्फ हेल्प ग्रुप के परिश्रम की भी अनगिनत कहानियां इन दिनों हमारे सामने आ रही हैं। गांवोंए कस्बों में, हमारी बहनें-बेटियां, हर दिन मास्क बना रही हैं। तमाम सामाजिक संस्थाएं भी इस काम में इनका सहयोग कर रही है।

उन्होंने कहा, एक और बात जो मेरे मन को छू गईए वो है संकट की इस घड़ी में इनोवेशनए गांवों से लेकर शहरों तकए छोटे व्यापारियों से लेकर स्टार्टअप तकए हमारी लैब कोरोना से लड़ाई मेंए नए.नए तरीके इजाद कर रहे है, नए इनोवेशन कर रहे हैं।