Home National एक्शन में यूपी पुलिस, मनीष गुप्ता हत्याकांड मामले में फरार दो अन्य...

एक्शन में यूपी पुलिस, मनीष गुप्ता हत्याकांड मामले में फरार दो अन्य पुलिसकर्मियों को किया अरेस्ट

7
0
एक्शन में यूपी पुलिस, मनीष गुप्ता हत्याकांड मामले में फरार दो अन्य पुलिसकर्मियों को किया अरेस्ट

लखनऊ: उत्तर प्रदेश (UP) के गोरखपुर जिले में कानपुर के व्यापारी मनीष गुप्ता की हत्या (Manish Gupta Murder Case) के मामले में फरार दो और पुलिसकर्मियों को पुलिस ने मंगलवार को गोरखपुर से गिरफ्तार किया. इनपर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित था.

अब तक 4 आरोपी हुए गिरफ्तार

अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने बताया कि सब-इंस्पेक्टर राहुल दुबे और कांस्टेबल प्रशांत कुमार को एक मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार किया गया. ये दोनों गोरखपुर की अदालत में सरेंडर करने जा रहे थे. उन्होंने बताया कि बाकी आरोपियों की भी गिरफ्तारी के लिए पुलिस प्रयास कर रही है. इससे पहले, 10 अक्टूबर को इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह और सब-इंस्पेक्टर अक्षय मिश्रा को पुलिस ने गिरफ्तार किया था. ये दोनों सस्पेंड थे.

ये भी पढ़ें:- Hero कंपनी ‘फ्री’ में दे रही इलेक्ट्रिक स्कूटर, पेश किया ये शानदार ऑफर

ये दो पुलिसकर्मी अभी भी फरार

मामले में दर्ज एफआईआर में 6 पुलिसकर्मियों के नाम थे और उनमें से 4 को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है. पुलिस ने कहा कि विजय यादव और हेड कांस्टेबल कमलेश सिंह यादव अभी भी फरार हैं. पिछले महीने गोरखपुर के एक होटल में कानपुर के व्यापारी मनीष गुप्ता (36) की पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर पिटाई कर दी थी, जिससे उनकी मौत हो गई थी. कानपुर पुलिस ने पहले सभी 6 आरोपियों की गिरफ्तारी पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था, लेकिन बाद में उसे बढ़ाकर एक-एक लाख रुपये कर दिया गया था.

ये भी पढ़ें:- भारत के सबसे महंगे स्कूटर की बुकिंग शुरू, कीमत जान रह जाएंगे दंग

SIT कर रही है मामले की जांच

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने कानपुर के व्यापारी की गोरखपुर में पुलिसकर्मियों द्वारा कथित तौर पर पिटाई के बाद मौत के मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) से कराने की सिफारिश करते हुए केंद्र सरकार को एक अक्टूबर को प्रस्ताव भेजा था. राज्‍य सरकार ने यह भी तय किया कि जब तक सीबीआई जांच को अपने हाथ में नहीं ले लेती, तब तक मामले की जांच कानपुर में स्थानांतरित की जाती है, जहां विशेष जांच दल (एसआईटी) इसकी जांच करेगा.

LIVE TV