Home Bollywood सिंगर सोनू निगम ने म्यूजिक इंडस्ट्री की कड़वी सच्चाई से कराया रूबरू,...

सिंगर सोनू निगम ने म्यूजिक इंडस्ट्री की कड़वी सच्चाई से कराया रूबरू, कहा- ‘आज एक्टर मरा है, कल सिंगर मरेगा’

265
0

बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या के बाद फिल्मी दुनिया के कई लोग नेपोटिस्म के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। इसी कड़ी में जाने माने गायक सोनू निगम ने गुरुवार को अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में उन्होंने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा कि अभी तो बस फिल्म अभिनेता सुशांत ने आत्महत्या की है, लेकिन जिस तरह का माहौल म्यूजिक इंडस्ट्री में है, बहुत जल्द वहां से भी आत्महत्या की खबर आ सकती है।

 

लगभग साढ़े सात मिनट के इस वीडियो में सोनू निगम ने म्यूजिक इंडस्ट्री को चला रहे माफिया गैंग के राज से पर्दाफाश किया है और बताया है कि किस तरह एक-दो लोगों ने पूरी म्यूजिक इंडस्ट्री पर अपना कब्जा जमा रखा है। वो ही तय करते हैं कि किस कलाकार से गाना गवाना है और किसे रोकना है।

 

उन्होंने वीडियो में कहा- “पूरा भारत कई प्रेशर से गुजर रहा है। एक तो मेंटल और इमोशनल प्रेशर, सुशांत सिंह राजपूत के जाने के बाद में दुख होना लाजमी भी है, क्योंकि अपने सामने एक जवान जिंदगी को जाते हुए देखना आसान नहीं है। कोई बहुत निष्ठुर ही होगा जिसे इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता हो। इसके अलावा भारत-चीन के बीच जो चल रहा है, जिसमें भारत के 20 जवान जो घंटों लड़ने के बाद, तड़प-तड़प कर शहीद हुए। मैं एक भारतीय हूं उससे भी ज्यादा एक इंसान हूं आपकी तरह। मुझे दोनों ही चीजें ठीक नहीं लगतीं। क्या चल रहा है मारा-मारी। इंसान, इंसान को मार रहा है। ये चीजें समझदारी से भी हैंडल हो सकती हैं अगर इंसान चाहे तो। भारत तो चाहता है लेकिन सामने वाला शायद तैयार नहीं है या फिर उसका एजेंडा है कोई। जो दुख की बात है सभी लोगों के लिए।”

 

“मैं इस वीडियो से एक रिक्वेस्ट करना चाहता हूं, खासकर म्यूजिक इंडस्ट्री से। क्योंकि आज सुशांत सिंह राजपूत मरा है। एक अभिनेता मरा है। कल को आप किसी सिंगर के बारे में भी ऐसा सुन सकते हैं या फिर किसी म्यूजिक कंपोजर के बारे में भी। या किसी गीतकार के बारे में सुन सकते हैं। क्योंकि म्यूजिक इंडस्ट्री का जो माहौल है हमारे देश में, दुर्भाग्य से फिल्मों से बड़ा माफिया म्यूजिक इंडस्ट्री में है। मैं समझ सकता हूं कि बिजनेस करना जरूरी है लोगों के लिए। सभी को लगता है कि वो बिजनेस को रूल करें। मैं लकी था कि बहुत कम उम्र में आ गया था तो मैं इस चंगुल से निकल गया। लेकिन जो नए बच्चे आए हैं उनके लिए बहुत मुश्किल है।” 

View this post on Instagram

You might soon hear about Suicides in the Music Industry.

A post shared by Sonu Nigam (@sonunigamofficial) on

 

“मैं सबसे बात करता हूं। कितने लड़के-लड़कियां मुझसे इस बारे में बात करते हैं। वो बच्चे हैं, परेशान हैं वो कि निर्माता काम करना चाहते हैं, निर्देशक काम करना चाहते हैं, म्यूजिक कंपोजर काम करना चाहते हैं लेकिन म्यूजिक कंपनी बोलेगी कि ये हमारा आर्टिस्ट नहीं है। मैं समझ सकता हूं कि आप लोग बहुत बड़े हैं, आप लोग म्यूजिक इंडस्ट्री को कंट्रोल करते हैं कि रेडियो में क्या बजेगा, फिल्मों में क्या लेकिन ऐसा मत कीजिए। दुआ बद्दुआ बहुत बड़ी चीज होती है। ये ठीक नहीं है। ये जो दो लोगों के हाथों में ताकत है ना, दो लोग हैं बस म्यूजिक इंडस्ट्री के, दो कंपनी है। उनके हाथों में ताकत है कि वो तय करें कि इसको गवाओ, इसको मत गवाओ।”
 
“मैं इन सबसे निकल गया हूं, मैं अपनी दुनिया में बहुत खुश हूं। लेकिल मैंने नई सिंगर्स, नए कंपोजर्स, नए गीतकार की आंखों मे वो उलझन देखी है। खुल कर रोते हैं वो कभी-कभी। अगर वो मर गए तो आपके ऊपर भी सवाल खड़े होंगे। ये सब गंधर्व लोग हैं, इन्हें प्रताड़ित मत कीजिए। मेरे साथ ऐसा हो सकता है कि मेरे गाने कोई दूसरा अभिनेता तय करें। वही अभिनेता जिसपर आज कल लोग उंगलियां उठ रहे हैं, वो कह रहा है कि इससे गाने मत गवाओ। उसने अरिजीत सिंह के साथ भी वही कर रखा है।”

“मैनें कितने गानें गा रखें है जिसकी डबिंग हो चुकी है। सोचिए मैंने आपसे काम नहीं मांगा, लेकिन आप मुझे बुला के मुझसे गाने गवां के फिर मेरे गाने डब करना, ये क्या है। मैं 1991 से मुंबई में काम कर रहा हूं और म्यूजिक इंडस्ट्री में 1989 से काम कर रहा हूं। आप जब मेरे साथ ऐसा कर सकते हैं तो फिर छोटे बच्चों के साथ क्या कर रहे होंगे? एक सिंगर से आप 10 गाने गवाएं और फिर उससे कहें कि 11वें गाने में तुझे लेंगे। तू मेरी कंपनी में है तो मैं ही तुझे काम दूंगा। तू कितना ही अच्छा कलाकार क्यों न हो मैं तुमसे काम नहीं करवाऊंगा। ये ठीक नहीं है। मेरा तो वक्त निकल गया है लेकिन नए लोगों को बहुत झेलना पड़ रहा है।”

“मैं जो देख रहा हूं वही कह रहा हूं, कुछ लोग कहेंगे कि सोनू ने मेरा नाम लिया। लेकिन मेरा मानना है कि क्रिएटिविटी दो लोगों के हाथ में नहीं होनी चाहिए। सब आप ही तय करोगे तो म्यूजिक कैसे अच्छा होगा? पहले म्यूजिक कितना अच्छा होता था। राजकपूर का अलग होता था, ओपी नय्यर का अलग होता था और शंकर जय किशन का अलग। सबका वेरिएशन था पहले, अभी म्यूजिक इंडस्ट्री संकुचित होती जा रही है। और लोग आत्महत्या ना कर ले तो आप लोग थोड़ा दयालू हो जाइए। हैप्पी बिरादरी की तरह जीवन बिताइए।”