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कोरोना संक्रमण से बचाव आवश्यक क्यों, कितना खतरनाक है, उपाय क्या-क्या हैं और लॉक डाउन में क्या करें : एचपी जोशी

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आज महामारी कोरोना के संक्रमण से लगभग पूरी दुनिया प्रभावित है, संसार के सारे देश कोरोना से लड़ाई लड़ने की अथक प्रयास कर रहे हैं। सारे विश्व के वैज्ञानिक, चिकित्सक, फार्मासिस्ट, पैथोलोजिस्ट, सरकार, सेना, सशस्त्रबल और पुलिस पूरी ईमानदारी, निष्ठा और समर्पित भाव से अपनी पूरी ताकत कोरोना से लड़ाई में झोंक रहे हैं। इसमें समाजसेवी संगठन और दानदाताओं का भी अच्छा योगदान है जो जरूरतमंद लोगों के आवश्यता को पूरा करने में बिना व्यक्तिगत स्वार्थ के लगे हुए हैं।

सरकारें आम नागरिकों से उनके और उनके परिवार की सुरक्षा के लिए केवल एक ही सहयोग चाह रहे हैं कि वे अपने घरों में ही रहें, अत्यंत आवश्यक हो तभी आवश्यक सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए घर से निकलें। अर्थात जब घर से निकलें तो मास्क, रुमाल अथवा गमछे से मुह और नाक को ढकें, हाथों में सेनेटाइजर लगाएं, किसी भी शर्त में दूसरे व्यक्ति से प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष फिजिकल संपर्क से बचें। यदि आप अधिक समय के लिए घर से निकल रहे हों तो सेनेटाइजर अपने जेब में ही रख लें और बार बार सेनेटाइजर से हाथ धोएं; व्यर्थ ही किसी भी वस्तु को स्पर्श करने से बचें। क्योंकि यही उपाय आपको और आपके परिवार को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचा सकते हैं। हालांकि ऐसा कोई शोध सामने नही आया है जिसमें यह बोला गया हो कि पशु पक्षियों से भी कोरोना संकमण का फैलाव हो सकता है, इसके बावजूद आपको एहतियात के रूप में इनसे भी फिजिकल डिस्टेंस बनाने की जरूरत है; क्या पता आप जिस पशु पक्षियों को छू रहे हैं वह किसी कोरोना संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आया हो।

अभी तक ज्ञात रिसर्च के अनुसार “कोरोना संक्रमण का फैलाव हवा से नहीं होता।” यह मानवता की जीत के लिए अत्यंत सकारात्मक है इसलिए इसके संक्रमण पर आसानी से रोक लगाया जा सकता है। केवल जरूरत है तो सरकारों के दिशा निर्देश का पालन करते हुए फिजिकल डिस्टेंस के सिद्धान्तों का पालन करने की।

एक वेबसाइट में संकलित जानकारी के अनुसार आज 16/4 के 7 बजे तक दुनियाभर के लगभग 20 लाख लोग कोरोना के चपेट में आ चुके हैं, जिसमें से 1.34 लाख लोगों की मृत्यु हो चुकी है; वहीं लगभग 5.10 लाख लोग उपचार के बाद स्वस्थ्य हो चुके हैं। ये आंकड़े हमें गहराई से सोचने और सुरक्षित रहने को मजबूर करती है। इसलिए आपसे अनुरोध है सरकार के दिशा निर्देश का पालन करें और घर मे ही सुरक्षित रहें। यदि सरकार के दिशा निर्देश का पालन नही किया जाता है, यदि फिजिकल डिस्टेंस के सिद्धांत और सरकार द्वारा सुरक्षा मापदंड का उल्लंघन किया जाता है तो वह दिन दूर नही जब सन 1346-1353 की “प्लेग” से भी खतरनाक परिणाम भुगतने के लिए हम मजबूर होंगे; प्राप्त जानकारी के अनुसार महामारी प्लेग, मानवता को 7साल तक समाप्त करने का प्रयास करते हुए दुनियाभर से लगभग 7 से 20 करोड़ लोगों को मौत के मुह में ढकेल दी थी। दूसरी सबसे बड़ी महामारी थी “स्पेनिश फ्लू” जो लगभग 1918-1920 में आई थी, जो 3साल में अपने साथ 5करोड़ लोगों को मार डाली थी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बहुत जल्द ही कोरोना का टीका खोज लिया जाएगा, तो भी टेस्टिंग, निर्माण और टीकाकरण करने में साल भर से कम नहीं लगेगा।

आज जरूरत है तो केवल:-
1- शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाए रखने की।
2- लक्षण दिखाई देने पर तत्काल एहतियात बरतने और उपचार के लिए कोरोना अस्पतालों जाने की।
3- न्यूनतम आवश्यक वस्तुओं का उपयोग करते हुए घर में ही रहने की।
4- प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष फिजिकल डिस्टेंस बनाने की।
4- यदि किसी अत्यावश्यक काम से बाहर निकलना पड़े तो मास्क, रुमाल या गमछे से नाक और मुह को ढकें, हाथ में सेनेटाइजर लगाएं। अधिक समय तक यदि आपको घर से बाहर रहने की जरूरत है तो सेनेटाइजर अपने जेब में रखें और समय समय में लगाते रहें।
5- पारिवारिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजन पर रोक लगाएं।
6- केवल सरकार के दिशा निर्देश पर ध्यान दें। अन्य स्त्रोत से प्राप्त जानकारी अफ़वाह हो सकती है, इसलिए इससे बचें; क्योंकि अफ़वाह हमेशा घातक होता है।
7- कोरोना के संबंध में सोशल मीडिया अथवा किसी अन्य माध्यम से प्राप्त जानकारी को शेयर करने से बचें; यदि आपके पास पर्याप्त कारण हो कि यह जानकारी सरकार द्वारा दी गई है तभी अन्य व्यक्ति को शेयर करें।
8- आपसे निवेदन है कि यदि आप सक्षम हों तो सरकार के रिलीफ फण्ड में दान करें अथवा अपने आसपास के जरूरत मंदों की सहायता करें; यदि आप मकान मालिक हैं तो किराएदार को किराए के लिए परेशान न करें, यदि आप सक्षम दुकानदार हैं तो आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को पुराने उधारी चुकाने के लिए मजबूर न करें बल्कि जरूरत के आधार पर कम से कम अतिआवश्यक सामग्री उन्हें उधारी भी दें।
9- लॉक डाउन के दौरान समय का सदुपयोग करें, पूरे परिवार मिलकर चर्चा करें, अपने अनुभव शेयर करें, Books पढ़ें, Online माध्यम से कुछ सीखें, शिक्षा ग्रहण करें।
10- शिक्षकों और विशेषज्ञों से अनुरोध है कि वे यूट्यूब चैनल, फेसबुक लाइव इत्यादि के माध्यम से अपने स्टूडेंट्स के लिए काम करते रहें। छत्तीसगढ़ के शिक्षक सरकारी वेबसाइट CGSchool.in में अपना योगदान दें।
11- क्लास 1 से 12 के स्टूडेंट्स यूट्यूब में Bodhaguru चैनल के माध्यम से अपना पढ़ाई जारी रखें, छत्तीसगढ़ के स्टूडेंट्स cgschool में जाकर भी अपना पढ़ाई जारी रख सकते हैं।
12- प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए भी अनेकों यूट्यूब चैनल हैं जिसके माध्यम से आप अपना तैयारी जारी रख सकते हैं।
13- संविधान और केंद्रीय व राज्य सरकार द्वारा लागू अधिनियम और नियमों का अध्ययन करें; आप चाहें तो साहित्य भी पढ़ सकते हैं।
14- स्वस्थ और निरोगी रहने के लिए पूरे परिवार मिकलर घर अथवा आंगन में ही योग और व्यायाम करें; ऐसा न भी करें तो आंगन, छत अथवा बालकनी में जाकर शरीर को धूप जरूर दें।
15- आज इतने बड़े संकट के बावजूद जो आपके सुरक्षा में लगे हैं, अर्थात चिकित्साकर्मी, सेना, अर्धसैनिक बल, पुलिसकर्मी, किसान और वैज्ञानिक यही सही मायने में ईश्वर हैं इनका आजीवन सम्मान करने का संकल्प लें।
16- सरकार सदैव कल्याणकारी होती है इसे स्वीकार करें और हैसियत के अनुसार सरकार का सहयोग करें।
17- मूलभूत आवश्यकताओं के अलावा अतिरिक्त्त चीजों के उपयोग में कमी लाने का संकल्प लें।
18- स्वच्छ वायु, स्वच्छ जल, भोजन, साफ सुथरे कपड़े और आवास, दाल चावल सब्जी रोटी जैसे भोज्य पदार्थ, चिकित्सालय और चिकित्साकर्मी, स्कूल कॉलेज और शिक्षक, वैज्ञानिक, विद्युत और जल आपूर्ति में लगे लोग, वैज्ञानिक, सेना, अर्धसैनिक बल, पुलिस, सरकार और समाजसेवी संगठन, इत्यादि आवश्यक हैं।
19- मानवता सर्वोपरि है। यदि जाति, वर्ण, धर्म, सीमा और धार्मिक स्थल यदि मानवता के खिलाफ हो जाएं तो इसका त्याग करें।
20- घर में रहें, जिंदा रहें।

 

 

नोट: यह लेखक के निजी विचार है