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तमिलनाडु; रेप के बाद अब Two-Finger Test से सदमे में महिला अधिकारी, लेफ्टिनेंट पर लगाया था बलात्कार का आरोप

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यौन उत्पीड़न की रोकथाम पर काम करने वाली विद्या रेड्डी ने कहा, “रक्षा सेवाओं को यह समझना चाहिए कि वे सेवाओं के अंदर होने वाले यौन हमलों से सुरक्षित नहीं हैं.

तमिलनाडु में एक 28 वर्षीय महिला भारतीय वायु सेना (IAF) अधिकारी ने बलात्कार की पुष्टि करने के लिए उसके साथ अवैध टू-फिंगर टेस्ट (Two-Finger Test) करने और उसके प्रति खराब रवैया अपनाने का गंभीर आरोप लगाया है. महिला अधिकारी का कहना है कि सबूतों के साथ भी छेड़छाड़ की गई है. दरअसल, बीते दिनों तमिलनाडु से एयरफोर्स की महिला अधिकारी के साथ बलात्कार का मामला सामने आया था. महिला अधिकारी ने साथी लेफ्टिनेंट पर रेप करने का आरोप लगाया था.

तमिलनाडु पुलिस द्वारा 20 सितंबर को दर्ज की गई एफआईआर (FIR) के अनुसार महिला अधिकारी ने कहा कि तमिलनाडु के कोयंबटूर जिले के वायु सेना प्रशासनिक कॉलेज में परिसर में उसके साथ बलात्कार किया गया था. उसने यह भी कहा कि कॉलेज के अधिकारियों ने उससे कहा कि अगर वह टखने की चोट (जो कथित अपराध से घंटों पहले झेली थी) का दर्द सह सकती है, तो वह परिसर में अपने बलात्कारी को देखने के दर्द से भी निपट सकती है. हालांकि, IAF ने आरोपों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. नाम जाहिर न करने की शर्त पर एक प्रवक्ता ने कहा, ‘हम इस स्तर पर कोई टिप्पणी नहीं देना चाहते क्योंकि मामला विचाराधीन है.’

30 सितंबर बढ़ाई गई थी आरोपी की न्यायिक हिरासत

स्थानीय पुलिस द्वारा आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद, एक 29 वर्षीय फ्लाइट लेफ्टिनेंट, उसके वकील और भारतीय वायुसेना ने सोमवार को कोयंबटूर की अतिरिक्त महिला कोर्ट में स्वतंत्र रूप से तर्क दिया कि मामले में सिविल पुलिस का कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है. उन्होंने कोर्ट-मार्शल कार्यवाही की जांच और संचालन के लिए आरोपी की हिरासत भारतीय वायुसेना को ट्रांसफर करने की मांग की. कोर्ट ने, हालांकि, उसकी न्यायिक हिरासत 30 सितंबर तक बढ़ा दी और कहा कि वह उस दिन मामले के अधिकार क्षेत्र पर फैसला करेगी.

‘आधी रात को शरीर पर नहीं थे कपड़े’

यौन उत्पीड़न और बाल यौन शोषण की रोकथाम पर काम करने वाली विद्या रेड्डी ने कहा, “रक्षा सेवाओं को यह समझना चाहिए कि वे सेवाओं के भीतर होने वाले यौन हमलों से सुरक्षित नहीं हैं, और उन्हें प्रभावी ढंग से निपटने के लिए तैयार रहना होगा.” एफआईआर के अनुसार, महिला अधिकारी ने बताया कि जब आधी रात में उसकी नींद खुली तो उसने खुद को नग्न अवस्था में पाया और खुद को देखकर हैरान रह गई. तभी उसकी नजर आरोपी अधिकारी पर पड़ी जो उनके बगल में नग्न अवस्था में पड़ा हुआ था. इसके बाद महिला अधिकारी ने एयरफोर्स लेफ्टिनेंट पर रेप करने का आरोप लगाया.

महिला का किया गया टू-फिंगर टेस्ट

महिला का आरोप है कि 11 सितंबर को, उसे दो फैकल्टी मेंबर से मिलने के लिए कहा गया, जिन्होंने उसे दो विकल्प दिए – या तो शिकायत दर्ज करें, या लिखित बयान दें कि सब कुछ सहमति से था. साथ ही महिला को एयरफोर्स अस्पताल जाने का निर्देश दिया गया था. डॉक्टरों ने महिला से उसके सेक्सुअल हिस्ट्री के बारे में पूछा और उसके प्राइवेट बॉडी पार्ट्स का फिजिकल एग्जामिनेशन किया. महिला ने कहा “बाद में मुझे मालूम हुआ कि बलात्कार के टेस्ट के लिए टू-फिंगर टेस्ट नहीं किया जाना चाहिए. इस कार्रवाई ने मुझे बलात्कार के सदमे के बाद एक और सदमा दे दिया.