Home Dharm Pradosh Vrat 2021 : भौम प्रदोष व्रत कल, नोट कर लें पूजा-...

Pradosh Vrat 2021 : भौम प्रदोष व्रत कल, नोट कर लें पूजा- विधि, शुभ मुहूर्त और सामग्री की पूरी लिस्ट

12
0

Pradosh Vrat 2021 : हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का बहुत अधिक महत्व होता है। त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत रखा जाता है। हर माह में दो बार प्रदोष व्रत रखा जाता है। साल में कुल 24 प्रदोष व्रत पड़ते हैं। प्रदोष व्रत के दिन भगवान शंकर और माता पार्वती की विधि- विधान से पूजा की जाती है। प्रदोष व्रत में प्रदोष काल के दौरान पूजा का विशेष महत्व होता है। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 16 नवंबर को है। मंगलवार को पड़ने वाले प्रदोष व्रत को भौम प्रदोष व्रत कहा जाता है। आइए जानते हैं भौम प्रदोष व्रत पूजा- विधि, शुभ मुहूर्त और सामग्री की पूरी लिस्ट…

शुभ मुहूर्त-

  • कार्तिक, शुक्ल त्रयोदशी प्रारम्भ – 08:01 ए एम, नवम्बर 16
  • कार्तिक, शुक्ल त्रयोदशी समाप्त – 09:50 ए एम, नवम्बर 17

प्रदोष काल-

  • 05:27 पी एम से 08:07 पी एम
  • अवधि- 02 घण्टे 40 मिनट

Sun Transit 2021: सूर्य की स्थिति परिवर्तन से इन राशि वालों के शुरू होंगे अच्छे दिन, पढ़ें डिटेल

प्रदोष व्रत पूजा- विधि

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लें।
  • स्नान करने के बाद साफ- स्वच्छ वस्त्र पहन लें।
  • घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें।
  • अगर संभव है तो व्रत करें।
  • भगवान भोलेनाथ का गंगा जल से अभिषेक करें।
  • भगवान भोलेनाथ को पुष्प अर्पित करें।
  • इस दिन भोलेनाथ के साथ ही माता पार्वती और भगवान गणेश की पूजा भी करें। किसी भी शुभ कार्य से पहले भगवान गणेश की पूजा की जाती है। 
  • भगवान शिव को भोग लगाएं। इस बात का ध्यान रखें भगवान को सिर्फ सात्विक चीजों का भोग लगाया जाता है।
  • भगवान शिव की आरती करें। 
  • इस दिन भगवान का अधिक से अधिक ध्यान करें।

19 नवंबर को लगेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, ज्योतिषाचार्य से जानें किन राशियों के लोग रहें सावधान

प्रदोष व्रत पूजा- सामग्री-

  • पुष्प, पंच फल पंच मेवा, रत्न, सोना, चांदी, दक्षिणा, पूजा के बर्तन, कुशासन, दही, शुद्ध देशी घी, शहद, गंगा जल, पवित्र जल, पंच रस, इत्र, गंध रोली, मौली जनेऊ, पंच मिष्ठान्न, बिल्वपत्र, धतूरा, भांग, बेर, आम्र मंजरी, जौ की बालें,तुलसी दल, मंदार पुष्प, गाय का कच्चा दूध, ईख का रस, कपूर, धूप, दीप, रूई, मलयागिरी, चंदन, शिव व मां पार्वती की श्रृंगार की सामग्री आदि।

संबंधित खबरें