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महाशिवरात्रि : राशिनुसार शिवलिंग पर अर्पित करें ये चीजें, नोट कर लें पूजन का सबसे अच्छा मुहूर्त

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महाशिवरात्रि का पर्व मंगलवार को श्रद्धा और सत्कार के साथ मनाया जाएगा। भगवान भोलनाथ और माता पार्वती के विवाह के लिए शहर भर के शिव मंदिर सजकर तैयार हैं। डालीगंज स्थित मनकामेश्वर मंदिर में रंग बिरंगे फूलों और लाइटों से विशेष साज सज्जा की गई है। शिवरात्रि के दिन भगवान भोलेनाथ दूल्हे के रूप में भक्तों को दर्शन देंगे। पांच नदियों के दिव्य जल और 131 लीटर दूध से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक होगा। सोमवार रात से ही मंदिरों में पूजा-अर्चना शुरू हो गई।

मनकामेश्वर मंदिर की महंत देव्या गिरि ने बताया कि भोलेनाथ का जलाभिषेक पांच नदियों के जल से किया जाएगा। इनमें कैलाश मानसरोवर, कामाख्या देवी, हरिद्वार, प्रयागराज और बनारस का गंगाजल रहेगा। साथ ही 51 कलश जल गोमती से भी अभिषेक होगा। इसके बाद शहद और दही से भोलेनाथ का पूजन और स्नान होगा। 151 लीटर दूध से भी अभिषेक होगा। इसी दूध से बनी खीर का प्रसाद भक्तों में वितरित किया जाएगा। वहीं सुबह भोलेनाथ का शृंगार अर्द्धनारीश्वर और शाम को सेहरा पहनाकर दूल्हे के रूप में होगा।

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महाकाल मंदिर में मेहंदी और हल्दी की रस्म

राजेन्द्रनगर स्थित महाकाल मंदिर में महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर मेहंदी और हल्दी की रस्म पूरी हुई। पहले माता पार्वती और बाबा महाकाल को मेहंदी लगाई गई। रात 12 बजे मंदिर के कपाट भक्तों के लिए खुल गए। मंदिर की देखरेख कर रहे अतुल मिश्रा ने बताया कि भोर में 4 बजे बाबा महाकाल की भस्म आरती होगी। शाम को 51 लीटर दूध, 11 किलो दही, शहद, गन्ने का रस और सवा पांच किलो शक्कर से महारुद्राभिषेक होगा। इसके बाद अर्धनारीश्वर रूप में बाबा का शृंगार होगा। 151 दीप से महाआरती होगी। रात में भोग लगाकर 21 दीपों से शयन मंगल आरती की जाएगी।

56 व्यंजन का भोग लगेगा

सदर बाजार स्थित द्वादश ज्योतिर्लिंग धाम में भगवान शिव के विवाह के पर्व शिवरात्रि पर विशेष आयोजन होगा। महादेव को पगड़ी और सेहरा पहनाकर दूल्हे के रूप में शृंगार किया जाएगा। मंदिर के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने बताया कि शिव-पार्वती के विवाह की रस्म भी होगी। भोलेनाथ को 56 व्यंजन का भोग लगेगा। 16 परिवार एक साथ रुद्राभिषेक करेंगे।

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कल्याण गिरि मंदिर से नहीं निकलेगी शिव बारात

  • ठाकुरगंज स्थित कल्याण गिरि मंदिर से निकलने वाली शिव बारात नहीं निकलेगी। मंदिर के महंत महावीर गिरि महाराज ने बताया कि शिव बारात में भीड़ अधिक होती है। चुनाव के चलते शिव बारात निकालने की अनुमति नहीं मिल सकी। भोलेनाथ का भव्य अभिषेक और पूजन होगा। बुधवार को अगले दिन भोलेनाथ का विशेष शृंगार होगा।

पूजन मुहूर्त

  • महाशिवरात्रि फाल्गुन मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाती है। ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल ने बताया कि चतुर्दशी तिथि 1 मार्च को 3:16 से शुरू होकर अगले दिन 2 मार्च को प्रात: 1 बजे तक रहेगी। इस बार महाशिवरात्रि कई शुभ संयोग में मनाई जाएगी। इस दिन पांच ग्रहों की पुनरावृत्ति भी होगी। शुभ संयोग धनिष्ठा नक्षत्र में परिधि योग रहेगा। धनिष्ठा के बाद शतभिषा नक्षत्र रहेगा वहीं प्रीति के बाद शिवयोग रहेगा। शिव योग 1 मार्च को दिन में 11:18 बजे से शुरू होकर अगले दिन सुबह 8:21 बजे तक रहेगा। महाशिवरात्रि पर रात्रि पूजा का विशेष महत्व है। पहला पहर शाम 6:07 बजे से, दूसरा पहर रात्रि 9:13, तीसरा पहर मध्यरात्रि 12:18, चौथा प्रहर प्रातः 3:24 बजे से प्रारम्भ होगा। वहीं निशिथ काल पूजा का समय रात्रि 11:54 से रात 12:43 बजे तक है।

राशि के अनुरूप करें अभिषेक

  • महाशिवरात्रि पर भगवान भोलेनाथ की आराधना करने से हर क्षेत्र में विजय और अकाल मृत्यु से मुक्ति मिलती है। महाशिवरात्रि कालसर्पदोष और पितृदोष शांति का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त है। उत्तम फल के लिए भोलेनाथ का राशि के अनुरूप अभिषेक करें।

. मेष राशि : शहद और गन्ने के रस से

. वृषभ राशि : दूध और दही

. मिथुन राशि : दूर्वा

. कर्क राशि : दूध और शहद

. सिंह राशि : शहद और गन्ने के रस से

. कन्या राशि : दूर्वा और दही

. तुला राशि : दूध और दही

. वृश्चिक राशि: गन्ने का रस, शहद और दूध

. धनु राशि : दूध और शहद

. मकर राशि : गंगा जल में गुड़ डालकर मीठे रस से

. कुंभ राशि : दही

. मीन राशि : दूध, शहद और गन्ने के रस से अभिषेक करें

बुद्धेश्वर महादेव मंदिर में मेला

बुद्धेश्वर महादेव मंदिर के कपाट रात्रि दो बजे खुल जाएंगे। आधी रात के बाद से ही पूजा शुरू हो गई। भक्त रात्रि 12 बजे तक भगवान के दर्शन कर सकेंगे। शाम को बाबा की भव्य आरती होगी। भगवान को फल और भांग का भोग लगेगा। शिवरात्रि पर मंगलवार को मंदिर में भव्य मेला लगेगा। जिसमें बड़ी संख्या में भक्त शामिल होंगे।